उत्तर प्रदेश में मई के महीने में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भीषण गर्मी और लू का सामना कर रहे प्रदेशवासियों को जहां एक तरफ ठंडी हवाओं से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर तेज आंधी, तूफान और बेमौसम बारिश ने भारी तबाही मचाई है। ताजा यूपी मौसम अपडेट के अनुसार, प्रदेश में आंधी-बारिश का सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है। रविवार तड़के से ही राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हुई है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण मौसम विभाग ने प्रदेश के 26 जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। इस बेमौसम बारिश ने किसानों की माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं, क्योंकि खेतों में तैयार सब्जियों की फसल को भारी नुकसान पहुंच रहा है। READ ALSO:-बिजनौर के शिवालाकलां में खौफनाक मंजर: घने जंगल में फांसी के फंदे पर लटकता मिला व्यक्ति का शव, पुलिस महकमे में हड़कंप
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पश्चिमी और पूर्वी यूपी के शहरों का मौसम (Detailed Weather of UP West and UP East) पूरे उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज एक समान नहीं है। जहां कुछ जिलों में हल्की बूंदाबांदी हो रही है, वहीं कुछ शहरों में तेज आंधी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। आइए विस्तार से जानते हैं पश्चिमी और पूर्वी यूपी के शहरों का हाल:
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पश्चिमी यूपी का हाल (Weather in Western UP) पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम का सबसे रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने इस क्षेत्र में ओले गिरने की भी संभावना जताई है।
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- \r\n फर्रुखाबाद: यहां तेज आंधी ने भारी तबाही मचाई है। कई जगहों पर बिजली के पोल उखड़ गए हैं। रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने की वजह से ट्रेनों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, और कानपुर-फर्रुखाबाद रोड पूरी तरह से ब्लॉक हो गई।\r\n \r\n
- \r\n बिजनौर: पश्चिमी यूपी के इस अहम जिले में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। यहां का न्यूनतम तापमान पूरे प्रदेश में सबसे कम 18.4°C रिकॉर्ड किया गया है, जिससे मई के महीने में भी लोगों को ठंडक का अहसास हो रहा है।\r\n \r\n
- \r\n बुंदेलखंड क्षेत्र (ललितपुर, झांसी, जालौन): पिछले 24 घंटों में ललितपुर में झमाझम बारिश हुई है। वहीं, झांसी समेत 5 अन्य जिलों में तेज आंधी चली। हालांकि, जालौन अभी भी 43.6°C तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर बना हुआ है। 27 अप्रैल को बांदा में पारा 47.6°C तक पहुंच गया था, लेकिन अब वहां भी तापमान में गिरावट आ रही है।\r\n \r\n
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पूर्वी यूपी का हाल (Weather in Eastern UP) पूर्वांचल (Eastern UP) में भी बादलों का डेरा है और कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है।
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- \r\n लखनऊ और अयोध्या: रविवार तड़के इन दोनों प्रमुख शहरों में आंधी के साथ तेज बारिश हुई और जमकर बिजली कड़की।\r\n \r\n
- \r\n सुल्तानपुर: यहां मौसम के बिगड़ने से एक दुखद हादसा सामने आया है। एक चक्की के ऊपर पेड़ की डाल टूटकर गिरने से एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।\r\n \r\n
- \r\n अन्य जिले: बस्ती, आजमगढ़, मऊ, देवरिया, बलिया, संत कबीरनगर और अंबेडकरनगर में लगातार रुक-रुक कर बारिश हो रही है। पूरे क्षेत्र में आसमान में बादल छाए हुए हैं और ठंडी हवाओं के चलने से गर्मी से बड़ी राहत मिली है।\r\n \r\n
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मौसम विभाग का यूपी मौसम अपडेट और अलर्ट (Meteorological Department's UP Weather Update) लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल सिंह ने मौसम में आए इस अचानक बदलाव की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बारिश से मैदानी इलाकों का मौसम भी बदल गया है। तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है और हवाओं में ठंडक महसूस की जा रही है।
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उन्होंने बताया कि आज से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) एक्टिव हो गया है। इसके प्रभाव से अगले 5 दिनों तक उत्तर प्रदेश का मौसम बिगड़ा ही रहेगा। मौसम विभाग ने आज 26 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल संभावना है।
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अगले 5 दिनों का मौसम पूर्वानुमान (5-Day Weather Forecast) नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा के लिए मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों का विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है:
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- \r\n 4 मई: पूरे उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है, जो पेड़ों और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा सकती है।\r\n \r\n
- \r\n 5 मई: पूर्वी और पश्चिमी यूपी दोनों ही क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 60 की रफ्तार से आंधी चलेगी। इस दिन विशेष रूप से बिजली कड़कने और ओले (Hailstorms) गिरने के प्रबल आसार हैं।\r\n \r\n
- \r\n 6 मई: पूरे प्रदेश के आसमान में घने बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ चुनिंदा जगहों पर बारिश हो सकती है और 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से सामान्य हवाएं चलेंगी।\r\n \r\n
- \r\n 7 मई: पश्चिमी यूपी में मौसम साफ होने लगेगा और धूप खिलेगी। हालांकि, पूर्वी यूपी में आंधी-तूफान के साथ बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी रहेगा और ओले भी गिर सकते हैं।\r\n \r\n
- \r\n 8 मई: एक बार फिर पूरे प्रदेश में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी। कहीं-कहीं हल्की आंधी भी चल सकती है। कुल मिलाकर, लोगों को जानलेवा लू (Heatwave) से पूरी तरह राहत मिलेगी।\r\n \r\n
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बारिश से फसलों को भारी नुकसान, सीएम योगी सख्त (Massive Crop Damage and CM Yogi's Action) पिछले चार दिनों से उत्तर प्रदेश में जारी बेमौसम बारिश और आंधी ने किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है। इस बारिश से खेतों में खड़ी और कटी हुई फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। सबसे ज्यादा प्रभाव सब्जियों की खेती पर पड़ा है। गर्मी के मौसम की प्रमुख फसलें जैसे खीरा, ककड़ी, खरबूज और तरबूज के खेतों में पानी भर गया है। किसानों का दर्द छलक रहा है; उनका कहना है कि खेतों में जलभराव के कारण फसलें पूरी तरह से सड़ सकती हैं, जिससे उन्हें लाखों का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। (Internal link to related article)
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किसानों की इस पीड़ा को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है और अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। सीएम योगी ने बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और राजस्व विभाग के अफसरों को आदेश दिया है कि वे एयर कंडीशनर कमरों से बाहर निकलकर सीधे फील्ड (खेतों) में उतरें। वे खुद जाकर फसलों के नुकसान का सघन सर्वे करें और जल्द से जल्द विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंपें। सरकार की मंशा है कि अन्नदाताओं को समय से और उचित मुआवजा राशि प्रदान की जाए ताकि उन्हें इस संकट की घड़ी में आर्थिक संबल मिल सके।
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इस साल के मानसून पर अल-नीनो का साया (El Nino Shadow on This Year's Monsoon) वर्तमान में हो रही बारिश के बीच, आगामी मानसून सीजन को लेकर एक चिंताजनक खबर भी सामने आई है। इस बार जून से सितंबर के बीच उत्तर प्रदेश समेत पूरे भारतवर्ष में सामान्य से कम बारिश होने की आशंका जताई जा रही है।
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मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा ने इसके पीछे के वैज्ञानिक कारणों को स्पष्ट किया है। उन्होंने बताया कि इस साल प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) में ला-नीना (La Nina) जैसी स्थितियां अब खत्म हो रही हैं और मौसम तेजी से अल-नीनो (El Nino) की ओर बढ़ रहा है। अल-नीनो वह स्थिति है जो भारत में कम वर्षा का मुख्य कारण बनती है। इसका सीधा अर्थ यह है कि इस साल का दक्षिण-पश्चिम मॉनसून (Southwest Monsoon) अपने सामान्य स्तर से कमजोर रह सकता है। इसके अतिरिक्त, इस साल जनवरी से मार्च के बीच उत्तरी गोलार्ध (Northern Hemisphere) में बर्फबारी कम हुई है, जो मॉनसून की चाल को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है।
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अल-नीनो और ला-नीना को समझें (Understanding El Nino and La Nina)
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- \r\n अल-नीनो (El Nino): यह एक समुद्री और वायुमंडलीय घटना है जिसमें प्रशांत महासागर के सतह का तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाता है। इसका चक्र आमतौर पर 10 साल में दो बार सक्रिय होता है। इसके प्रभाव से मौसम का संतुलन बिगड़ जाता है; जहां ज्यादा बारिश होती है वहां सूखा पड़ता है, और कम बारिश वाले क्षेत्रों में बाढ़ आ जाती है। भारत के संदर्भ में यह मानसून को कमजोर करता है।\r\n \r\n
- \r\n ला-नीना (La Nina): यह अल-नीनो के बिल्कुल विपरीत स्थिति है। इसमें समुद्र का पानी तेजी से ठंडा होता है। इसका असर भी दुनियाभर के मौसम पर पड़ता है। भारत के लिए ला-नीना वरदान माना जाता है, क्योंकि इसके प्रभाव से आसमान में घने बादल छाते हैं और सामान्य से अधिक अच्छी बारिश होती है।\r\n \r\n
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वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए, उत्तर प्रदेश का मौसम आने वाले कुछ दिनों तक अत्यधिक अस्थिर रहने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण आंधी, तूफान और ओलावृष्टि का खतरा लगातार मंडरा रहा है। पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वी यूपी तक के सभी जिलों के निवासियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। किसानों के लिए यह समय बेहद चुनौतीपूर्ण है, हालांकि सरकार ने त्वरित कार्यवाही करते हुए मुआवजे का आश्वासन दिया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस यूपी मौसम अपडेट को गंभीरता से लें, आंधी और बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण बिल्कुल न लें।
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उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम का मिजाज बिगड़ गया है। रविवार को लखनऊ, अयोध्या से लेकर पश्चिमी यूपी के फर्रुखाबाद तक तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया। फर्रुखाबाद में भारी तबाही हुई, जबकि बिजनौर में सबसे कम 18.4°C तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले 5 दिनों तक 26 जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। बारिश के कारण तरबूज, खरबूजे जैसी फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जिस पर सीएम योगी ने अधिकारियों को फील्ड सर्वे कर तत्काल मुआवजा देने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, मौसम विभाग ने आगामी मानसून पर 'अल-नीनो' के प्रभाव के कारण इस साल सामान्य से कम बारिश होने की आशंका भी जताई है।
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