लखनऊ: उत्तर प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। उत्तरी-पश्चिमी बर्फीली हवाओं के प्रभाव से जहां एक ओर सर्दी का सितम बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के कई जिलों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। यूपी मौसम और प्रदूषण दोनों ने मिलकर नागरिकों के लिए गंभीर चुनौतियां पेश की हैं।READ ALSO:-मेरठ में खुशियों पर भारी पड़ा मातम: बारात की 'हर्ष फायरिंग' ने छीनी जिंदगी; छत से नजारा देख रही युवती के पेट में लगी गोली, दूल्हे समेत 25 पर FIR
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उत्तरी हवाओं से गिरा पारा: अगले दो दिन और बढ़ेगी ठंड

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मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, पिछले 2-3 दिनों के भीतर अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2C से 3C तक की कमी दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर अतुल सिंह ने बताया कि इस समय प्रदेश में कोई मजबूत मौसम तंत्र सक्रिय नहीं है, लेकिन उत्तरी-पश्चिमी हवाओं के लगातार चलने से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में क्रमिक गिरावट जारी रहेगी। यह गिरावट अगले दो दिनों तक जारी रहने की संभावना है।
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कोहरे का हाल:

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    बरेली: सोमवार सुबह बरेली में घना कोहरा छाया रहा, जिसके कारण दृश्यता शून्य के करीब रही।
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    मध्य और पूर्वी यूपी: कानपुर, गोरखपुर और कुशीनगर में मध्यम कोहरा, जबकि आगरा, मुरादाबाद, अयोध्या, वाराणसी, आजमगढ़, अलीगढ़ और प्रयागराज में हल्का कोहरा दर्ज किया गया।
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    लखनऊ: राजधानी में भी 800 मीटर दृश्यता के साथ हल्का कोहरा रहा।
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    सबसे ठंडा जिला: सोमवार को कानपुर नगर प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 9C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2C कम है।
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आने वाले दिनों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों में कहीं-कहीं घना कोहरा पड़ने की संभावना है, जो दिन बढ़ने के साथ छट जाएगा।
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NCR में AQI 'गंभीर', टूट रहे प्रदूषण के रिकॉर्ड

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ठंड के साथ ही यूपी मौसम और प्रदूषण का ग्राफ खतरनाक ढंग से ऊपर चढ़ा है। प्रदेश के कई जिलों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ने फिर से 300 से 400 के 'गंभीर' स्तर को पार कर लिया है।
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    गंभीर जोन (300-400): नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, बागपत और शामली सहित यूपी के एनसीआर जनपद 300 से 400 के बेहद खतरनाक स्तर दर्ज कर रहे हैं। यह सुरक्षित सीमा (100) से कई गुना अधिक है।
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    लखनऊ का हाल: राजधानी लखनऊ का औसत AQI 180 रिकॉर्ड किया गया। हालांकि, लालबाग जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यह 276 तक पहुंच गया, जो 'ऑरेंज जोन' (बहुत खराब) में आता है।
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प्रदूषित हवा से सेहत को खतरा: 10 साल तक घट सकती है उम्र

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प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदूषित हवा औसत जीवन-आयु को 10 साल तक घटा सकती है। इसके अलावा, यह बच्चों के फेफड़ों, प्रतिरोधक क्षमता और मानसिक विकास पर भी बुरा असर डालती है। 
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नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे सुबह की सैर से बचें, एन95 मास्क का उपयोग करें और घर के अंदर एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को लखनऊ में अधिकतम तापमान 26C और न्यूनतम तापमान 12C रहने की संभावना है। 
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फिलहाल, यूपी मौसम और प्रदूषण दोनों ही चिंताजनक स्थिति में हैं। एक तरफ जहां उत्तरी हवाओं के कारण पारा लगातार गिर रहा है और कोहरा बढ़ रहा है, वहीं एनसीआर सहित कई जिलों में AQI 'गंभीर' श्रेणी में पहुंचकर लोगों के स्वास्थ्य को सीधे तौर पर प्रभावित कर रहा है। नागरिकों को इस दोहरे खतरे से बचने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतनी चाहिए और प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए।
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