लखनऊ (एजुकेशन डेस्क/खबरीलाल): उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था (Education System) अब हाई-टेक होने जा रही है। अगर आप या आपके बच्चे कक्षा 9 से 12 में पढ़ते हैं और गणित (Maths) के फॉर्मूले या विज्ञान (Science) के सिद्धांत आपको डराते हैं, तो यह खबर आपके लिए राहत लेकर आई है। प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा विभाग ने डिजिटल लर्निंग की दुनिया में एक बड़ा कदम उठाते हुए खान अकादमी (Khan Academy) के ऑनलाइन प्रोग्राम को अब प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचाने का फैसला किया है।READ ALSO:-Bijnor: मानवाधिकारों पर 'महायज्ञ'! विकास भवन में NHRC सदस्य प्रियंक कानूनगो ने खींची लकीर; बोले- 'जेल की सलाखों के पीछे भी बुजुर्गों को मिले इलाज, हर पेंशनर के हाथ में हो आयुष्मान कार्ड'
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अब तक यह सुविधा केवल सरकारी स्कूलों (राजकीय विद्यालयों) तक सीमित थी, लेकिन योगी सरकार ने इसका दायरा बढ़ाते हुए अब अशासकीय सहायता प्राप्त (Aided) और स्ववित्त पोषित (Private/Self-financed) स्कूलों को भी इसमें शामिल कर लिया है। इसका सीधा मतलब है कि अब अमीर हो या गरीब, हर छात्र को विश्वस्तरीय (World-Class) शिक्षा मुफ्त में मिलेगी।
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'खबरीलाल' की इस रिपोर्ट में जानिए कि यह प्रोग्राम कैसे काम करेगा, छात्रों को क्या फायदा होगा और कैसे आप घर बैठे अपने मोबाइल पर ट्यूशन जैसी पढ़ाई कर सकते हैं।
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क्या है सरकार का नया आदेश?

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अपर मुख्य सचिव (बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा ने इस संबंध में एक विस्तृत आदेश जारी किया है। उन्होंने प्रदेश के सभी मंडलीय शिक्षा निदेशकों और जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को निर्देश दिया है कि इस कार्यक्रम को तत्काल प्रभाव से और प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
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बदलाव क्या हुआ?

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    पहले: खान अकादमी का एक्सेस सिर्फ राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के पास था।
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    अब: प्रदेश के सभी माध्यमिक विद्यालय (चाहे वे सरकारी हों, एडेड हों या प्राइवेट) इस प्लेटफॉर्म का उपयोग कर सकेंगे।
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    लक्ष्य: कक्षा 9 से 12 तक के लाखों छात्रों को डिजिटल साक्षरता और विषय की गहरी समझ प्रदान करना।
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गणित और विज्ञान अब नहीं लगेंगे 'हव्वा'

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इस पूरे कार्यक्रम का मुख्य फोकस STEM शिक्षा पर है।
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    S - Science (विज्ञान)
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    T - Technology (तकनीक)
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    E - Engineering (इंजीनियरिंग)
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    M - Maths (गणित)
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अक्सर देखा जाता है कि यूपी बोर्ड या हिंदी माध्यम के छात्र गणित और विज्ञान में थोड़े कमजोर रह जाते हैं क्योंकि उन्हें रटने पर मजबूर होना पड़ता है। खान अकादमी का उद्देश्य इसी 'रट्टामार संस्कृति' को खत्म करना है।
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    कांसेप्ट की मजबूती: यहां छात्रों को फॉर्मूले रटाए नहीं जाएंगे, बल्कि वीडियो के जरिए समझाया जाएगा कि वो फॉर्मूला बना कैसे।
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    आसान भाषा: सबसे खास बात यह है कि सारी सामग्री एनसीईआरटी (NCERT) पाठ्यक्रम के अनुसार और हिंदी भाषा में उपलब्ध होगी। यानी भाषा अब ज्ञान के आड़े नहीं आएगी।
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छात्रों को क्या-क्या मिलेगा? (Features)

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यह डिजिटल प्लेटफॉर्म एक 'वर्चुअल क्लासरूम' की तरह काम करेगा। छात्र स्कूल के बाद घर पर भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
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    वीडियो लेक्चर (Video Lectures): हर चैप्टर के छोटे-छोटे और रोचक वीडियो, जिन्हें आप जितनी बार चाहे देख सकते हैं।
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    अभ्यास कार्य (Practice Sets): वीडियो देखने के बाद छात्र तुरंत प्रैक्टिस कर सकते हैं।
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    क्विज और टेस्ट (Quiz & Unit Tests): अपनी तैयारी को परखने के लिए ऑनलाइन टेस्ट देने की सुविधा।
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    स्व-मूल्यांकन (Self-Assessment): छात्र खुद देख सकेंगे कि वे किस टॉपिक में कमजोर हैं और किसमें मजबूत।
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    पूरी तरह निश्शुल्क (Totally Free): इसके लिए छात्रों को एक भी रुपया खर्च नहीं करना होगा।
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शिक्षकों के लिए भी मददगार

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यह प्रोग्राम सिर्फ छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षकों (Teachers) के लिए भी एक 'वरदान' है।
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    टीचिंग मटेरियल: शिक्षकों को पढ़ाने के लिए बनी-बनाई हाई-क्वालिटी सामग्री मिलेगी।
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    नवाचार (Innovation): शिक्षक नए और आधुनिक तरीकों से पढ़ाना सीखेंगे।
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    सहयोग: यह प्लेटफॉर्म शिक्षकों को 'अतिरिक्त शैक्षिक सहयोग' देगा, जिससे वे क्लासरूम टीचिंग को और अधिक इंटरैक्टिव (Interactive) बना सकें। अब ब्लैकबोर्ड के साथ-साथ डिजिटल बोर्ड या मोबाइल का भी रचनात्मक उपयोग होगा।
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क्यों खास है खान अकादमी?

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खान अकादमी एक गैर-लाभकारी (Non-profit) शैक्षिक संगठन है जो पूरी दुनिया में मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए जाना जाता है। इसके वीडियो बहुत ही सरल और संवाद शैली में होते हैं। यूपी सरकार के साथ इनका गठजोड़ प्रदेश के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं (JEE/NEET) के लिए भी तैयार करेगा, क्योंकि उनका बेस (Base) मजबूत होगा।
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डिजिटल यूपी की ओर मजबूत कदम

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माध्यमिक शिक्षा विभाग का यह फैसला दूरगामी परिणाम वाला है। गांव-देहात के स्कूलों में जहां अच्छे साइंस टीचरों की कमी है, वहां खान अकादमी एक 'वर्चुअल टीचर' की भूमिका निभाएगा। अब एडेड और प्राइवेट स्कूलों के जुड़ने से इसका लाभ लाखों नए छात्रों तक पहुंचेगा।
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यह पहल साबित करती है कि शिक्षा में तकनीक का सही इस्तेमाल कैसे एक पीढ़ी को सशक्त बना सकता है। अब देखना यह होगा कि जिला स्तर पर अधिकारी इसे कितनी तत्परता से लागू करते हैं।
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(शिक्षा जगत और करियर से जुड़ी हर अपडेट के लिए पढ़ते रहें 'खबरीलाल' - आपका अपना न्यूज़ पार्टनर।)
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FAQ: छात्रों और अभिभावकों के सवाल

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प्रश्न 1: क्या इसके लिए कोई ऐप डाउनलोड करना होगा?
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उत्तर: हां, छात्र खान अकादमी (Khan Academy) का ऐप डाउनलोड कर सकते हैं या उनकी वेबसाइट पर जाकर पढ़ाई कर सकते हैं।
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प्रश्न 2: क्या यह सुविधा हिंदी मीडियम के लिए ही है?
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उत्तर: खान अकादमी पर कंटेंट हिंदी और इंग्लिश दोनों में है, लेकिन यूपी बोर्ड के छात्रों के लिए विशेष रूप से एनसीईआरटी का हिंदी कंटेंट उपलब्ध कराया गया है।
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प्रश्न 3: क्या इसके लिए स्कूल में रजिस्ट्रेशन कराना होगा?
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उत्तर: हां, स्कूल प्रशासन छात्रों का रजिस्ट्रेशन कराएगा ताकि उनकी प्रोग्रेस को ट्रैक किया जा सके। अधिक जानकारी के लिए अपने क्लास टीचर से संपर्क करें।
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