लखनऊ (Lucknow): उत्तर प्रदेश में अपने बच्चों को बड़े प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने का सपना देखने वाले आर्थिक रूप से कमजोर अभिभावकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए दाखिला प्रक्रिया का शंखनाद हो गया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने इस साल की प्रवेश प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए हैं, जिनका सीधा असर आवेदकों पर पड़ेगा। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव के तहत इस बार प्रवेश प्रक्रिया को चार के बजाय तीन चरणों (Three Steps) में ही पूरा किया जाएगा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों का आधार कार्ड (Parents' Aadhaar Card) अनिवार्य कर दिया गया है।READ ALSO:-मौसम और स्कूल अपडेट: उत्तर भारत में 'शीतलहर' और पहाड़ों पर 'बर्फबारी' का अलर्ट, कल इन बड़े शहरों में बंद रहेंगे स्कूल
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शिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, उत्तर प्रदेश के गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों में कक्षा-1 और प्री-प्राइमरी कक्षाओं की 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को निशुल्क प्रवेश दिया जाएगा। आवेदन की प्रक्रिया 2 फरवरी, 2026 से शुरू होने जा रही है।
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बड़ी अपडेट: केवल तीन चरणों में सिमटी प्रक्रिया
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पिछले वर्षों में जहां आरटीई के तहत एडमिशन की प्रक्रिया चार चरणों तक चलती थी, वहीं इस बार (2026-27) इसे तीन चरणों में सीमित कर दिया गया है। इसका उद्देश्य प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करना और शैक्षणिक सत्र शुरू होने तक सभी बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करना है।
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बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि अप्रैल में नया सत्र शुरू होते ही बच्चों की पढ़ाई शुरू हो सके और एडमिशन में देरी के कारण उनका नुकसान न हो।
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महत्वपूर्ण तिथियां: आरटीई यूपी एडमिशन शेड्यूल 2026-27 (Important Dates)

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अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे नीचे दिए गए शेड्यूल को ध्यान से नोट कर लें, क्योंकि निर्धारित समय सीमा के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
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चरण (Phase)
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आवेदन की तिथि (Application Dates)
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बीएसए द्वारा सत्यापन (Verification)
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लॉटरी की तिथि (Lottery Date)
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स्कूल आवंटन आदेश (Admission Order)
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पहला चरण
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2 फरवरी से 16 फरवरी 2026
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17 फरवरी तक
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18 फरवरी 2026
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20 फरवरी 2026 तक
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दूसरा चरण
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21 फरवरी से 7 मार्च 2026
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8 मार्च तक
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9 मार्च 2026
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11 मार्च 2026 तक
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तीसरा चरण
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12 मार्च से 25 मार्च 2026
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26 मार्च तक
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27 मार्च 2026
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29 मार्च 2026 तक
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नोट: सभी प्राइवेट स्कूलों को आवंटित बच्चों का एडमिशन हर हाल में 11 अप्रैल 2026 तक पूरा करना होगा।
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इस साल के बड़े बदलाव: आधार कार्ड क्यों हुआ जरूरी?

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सत्र 2026-27 के लिए सबसे बड़ा तकनीकी बदलाव दस्तावेजों को लेकर है। इस बार बच्चों के एडमिशन और उन्हें मिलने वाली वित्तीय सहायता (किताब, कॉपी और ड्रेस के लिए 5000 रुपये सालाना) के लिए अभिभावकों (माता या पिता) का आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है।
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सरकार का मानना है कि आधार कार्ड की अनिवार्यता से दो फायदे होंगे:

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  1. \r\n
    फर्जीवाड़ा रुकेगा: कई बार एक ही अभिभावक अलग-अलग जानकारी देकर कई फॉर्म भर देते थे, जिस पर अब रोक लगेगी।
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  2. \r\n
  3. \r\n
    डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT): बच्चों को यूनिफॉर्म और किताबों के लिए दी जाने वाली राशि सीधे अभिभावकों के आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जा सकेगी, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी।
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हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि बच्चे का आधार कार्ड न होने पर भी आवेदन किया जा सकता है, लेकिन माता या पिता में से किसी एक का आधार वेरिफिकेशन के लिए जरूरी होगा।
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"बाची" की कहानी: जिसने बदली व्यवस्था की सूरत
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इस पूरी प्रक्रिया में आई सख्ती और पारदर्शिता के पीछे पिछले साल की एक घटना का बड़ा योगदान है। जुलाई 2025 में मुरादाबाद दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुलाकात 'बाची' नाम की एक छोटी बच्ची से हुई थी। उस समय बच्ची के परिजनों ने सीएम को बताया था कि आरटीई के तहत आवेदन करने के बावजूद स्कूल उनकी बच्ची को दाखिला नहीं दे रहे हैं।
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सीएम योगी ने इस मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल हस्तक्षेप किया। उनके आदेश के बाद बच्ची का एडमिशन एक प्रतिष्ठित स्कूल में EWS कोटे के तहत कराया गया। इस घटना के बाद सीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे कि आरटीई प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यही कारण है कि इस साल नोडल अधिकारियों की नियुक्ति और मैपिंग पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
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पात्रता और मानदंड (Eligibility Criteria)

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आरटीई के तहत आवेदन करने के लिए दो प्रमुख श्रेणियां हैं:
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  1. \r\n
    अलाभित समूह (Disadvantaged Group): इसमें अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्ग, निशक्त (दिव्यांग) बच्चे, एचआईवी/कैंसर पीड़ित अभिभावकों के बच्चे, निराश्रित बेघर बच्चे और ट्रांसजेंडर बच्चे शामिल हैं। इनके लिए आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होती, केवल जाति या संबंधित प्रमाण पत्र लगता है।
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  2. \r\n
  3. \r\n
    दुर्बल वर्ग (Economically Weaker Section - EWS): इसमें सामान्य वर्ग या अन्य किसी भी वर्ग के ऐसे परिवार आते हैं जिनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम है। इनके लिए तहसीलदार द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र अनिवार्य है।
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  4. \r\n
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आयु सीमा (Age Limit) - 1 अप्रैल 2026 की स्थिति में:

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    नर्सरी (Nursery): 3 से 4 वर्ष
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  • \r\n
  • \r\n
    एलकेजी (LKG): 4 से 5 वर्ष
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  • \r\n
  • \r\n
    यूकेजी (UKG): 5 से 6 वर्ष
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  • \r\n
  • \r\n
    कक्षा 1 (Class 1): 6 से 7 वर्ष
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  • \r\n
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आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)

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आवेदन करते समय आपके पास निम्नलिखित दस्तावेजों की स्कैन कॉपी होनी चाहिए (साइज 100KB से कम, जेपीजी फॉर्मेट में):
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  • \r\n
    बच्चे की पासपोर्ट साइज फोटो।
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  • \r\n
  • \r\n
    निवास प्रमाण पत्र: माता-पिता का आधार कार्ड, वोटर आईडी, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, या बिजली का बिल। (ध्यान दें: आप जिस वार्ड/ग्राम पंचायत में रहते हैं, उसी क्षेत्र के स्कूलों के लिए आवेदन मान्य होगा)।
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  • \r\n
  • \r\n
    जन्म प्रमाण पत्र: नगर निगम/नगर पालिका द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र, या अस्पताल का रिकॉर्ड, या आंगनबाड़ी का रिकॉर्ड।
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  • \r\n
  • \r\n
    जाति प्रमाण पत्र: (केवल अलाभित समूह के लिए)।
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  • \r\n
  • \r\n
    आय प्रमाण पत्र: (केवल ईडब्ल्यूएस/दुर्बल वर्ग के लिए - वार्षिक आय 1 लाख से कम)।
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  • \r\n
  • \r\n
    अभिभावक का आधार कार्ड: (अनिवार्य)।
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  • \r\n
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ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Application Process)

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उत्तर प्रदेश आरटीई प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है। आप घर बैठे या नजदीकी जन सेवा केंद्र से आवेदन कर सकते हैं।
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    वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट (External link: rte25.upsdc.gov.in) पर जाएं।
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  3. \r\n
    रजिस्ट्रेशन करें: होमपेज पर "Online Application / Student Login" पर क्लिक करें और "New Student Registration" चुनें।
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  5. \r\n
    विवरण भरें: अपना जिला, ब्लॉक/टाउन, बच्चे का नाम, जन्मतिथि और मोबाइल नंबर दर्ज कर रजिस्टर करें। आपके मोबाइल पर रजिस्ट्रेशन नंबर आ जाएगा।
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  6. \r\n
  7. \r\n
    फॉर्म भरें: रजिस्ट्रेशन नंबर से लॉग इन करें। अब फॉर्म में पिता/माता का नाम, आधार नंबर, पता और आय/जाति का विवरण भरें।
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  9. \r\n
    दस्तावेज अपलोड करें: मांगे गए सभी दस्तावेजों की साफ फोटो अपलोड करें।
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    स्कूल चुनें: अपने वार्ड/पड़ोस के स्कूलों की सूची में से वरीयता क्रम में स्कूलों का चयन करें। आप अधिकतम 10 स्कूल चुन सकते हैं।
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  13. \r\n
    लॉक करें: फॉर्म को चेक करें और "Lock and Final Submit" बटन दबाएं। फाइनल प्रिंटआउट जरूर निकाल लें।
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प्रशासनिक तैयारी: नोडल अधिकारी और हेल्प डेस्क

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महानिदेशक स्कूल शिक्षा, मोनिका रानी ने सभी जिलाधिकारियों (DMs) को सख्त निर्देश जारी किए हैं। आवेदन शुरू होने से पहले जिले के सभी निजी स्कूलों की मैपिंग (Mapping) पूरी कर ली गई है।
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    नोडल अधिकारी: प्रत्येक ब्लॉक में खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जो आवेदनों के सत्यापन और प्रचार-प्रसार के लिए जिम्मेदार होंगे।
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  • \r\n
  • \r\n
    हेल्प डेस्क: अभिभावकों की सहायता के लिए डीएम कार्यालय, विकास भवन, जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और बीईओ कार्यालयों में हेल्प डेस्क बनाई जाएंगी। यहां उन अभिभावकों के फॉर्म मुफ्त में भरवाए जाएंगे जिनके पास इंटरनेट या स्मार्टफोन की सुविधा नहीं है।
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अगर स्कूल एडमिशन न दे तो क्या करें?

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अक्सर देखा गया है कि लॉटरी में नाम आने के बाद भी प्राइवेट स्कूल एडमिशन देने में आनाकानी करते हैं। यदि आपके साथ ऐसा होता है, तो आप तुरंत:
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  1. \r\n
    अपने जिले के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) से लिखित शिकायत करें।
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  2. \r\n
  3. \r\n
    आरटीई पोर्टल पर मौजूद 'Grievance' (शिकायत) सेक्शन में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं।
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  5. \r\n
    ब्लॉक स्तर पर तैनात खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) से संपर्क करें।
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नियमों के अनुसार, लॉटरी में नाम आने के बाद स्कूल किसी भी आधार पर (जैसे इंटरव्यू या टेस्ट) एडमिशन लेने से मना नहीं कर सकता। ऐसा करने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द करने तक का प्रावधान है।
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उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। 2026-27 के सत्र के लिए लगभग 68,000 प्राइवेट स्कूलों की 6.80 लाख सीटों पर एडमिशन होने की संभावना है। अभिभावकों से अपील है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और पहले चरण में ही आवेदन कर दें, क्योंकि पहले चरण में सीटें खाली रहने की संभावना सबसे अधिक होती है। "बाची" जैसी सफलता की कहानियाँ यह साबित करती हैं कि जागरूकता और प्रशासन की सक्रियता से हर बच्चे को उसका शिक्षा का अधिकार मिल सकता है।
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उत्तर प्रदेश में आरटीई एडमिशन 2026-27 के लिए आवेदन 2 फरवरी से शुरू होंगे। प्रक्रिया को 3 चरणों में बांटा गया है (प्रथम चरण: 2-16 फरवरी)। अभिभावकों का आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। आवेदन आधिकारिक वेबसाइट rte25.upsdc.gov.in पर किए जाएंगे। लॉटरी के माध्यम से चयन होगा और चयनित बच्चों को मुफ्त शिक्षा के साथ-साथ कॉपी-किताब के लिए 5000 रुपये सालाना भी मिलेंगे।
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