लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जल्द ही बदहाल सड़कों की सूरत बदलने वाली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में बारिश से खराब हुई सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए चल रहे अभियान को तेज करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि आगामी प्रमुख पर्वों जैसे दुर्गा पूजा, दशहरा, दीपावली और छठ से पहले राज्य के 114 प्रमुख मार्ग पूरी तरह दुरुस्त हो जाने चाहिए ताकि जनता को किसी तरह की असुविधा न हो।READ ALSO:-योगी सरकार का बड़ा लक्ष्य: 2047 तक यूपी की प्रति व्यक्ति आय ₹26 लाख होगी, नियोजन विभाग बनाएगा रोडमैप
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अभियान की प्रगति और निर्देश
\r\n\r\nमुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई, मंडी परिषद, ग्राम विकास, नगर विकास, और अन्य संबंधित विभागों के साथ बैठक कर अभियान की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि राज्य की कुल 4,32,989 किमी सड़कों में से 44,196 किमी को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अब तक औसतन 21.67 प्रतिशत प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को अपने लक्ष्य को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
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- \r\n सड़क नवीनीकरण: 31,514 किमी सड़कों के नवीनीकरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें लोक निर्माण विभाग ने 84.82 प्रतिशत प्रगति दर्ज की है। मुख्यमंत्री ने इसे समय पर पूरा करने को कहा।\r\n \r\n
- \r\n विशेष मरम्मत: 2,750 किमी सड़कों की विशेष मरम्मत का काम भी चल रहा है। इसमें ग्रामीण विकास विभाग ने 62.99 प्रतिशत, नगर विकास विभाग ने 35.50 प्रतिशत, और औद्योगिक विकास विभाग ने 48.77 प्रतिशत प्रगति दिखाई है।\r\n \r\n
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लापरवाही बर्दाश्त नहीं, अधिकारों पर होगा पुनर्विचार
\r\n\r\nमुख्यमंत्री योगी ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि धनराशि का उपयोग समय पर और पारदर्शिता के साथ हो। उन्होंने कहा कि यदि कार्यों में अनावश्यक देरी हुई तो महापौरों के अधिकारों पर पुनर्विचार किया जा सकता है। इसके अलावा, उन्होंने ईईएसएल का बकाया तत्काल चुकाने का भी निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 30 सितंबर तक लोक निर्माण विभाग पूरे राज्य का सर्वे कर एक नई योजना पेश करे।
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Sabse pehle comment karne wale banein.