लखनऊ (Weather Desk): उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। राज्य में प्री-मानसून (Pre-Monsoon) पूरी तरह से एक्टिव हो चुका है, जिसके चलते कई इलाकों में आंधी और बारिश का दौर शुरू हो गया है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के अनुसार, रविवार (14 जून) को प्रदेश के 21 शहरों में धूल भरी तेज आंधी और तूफान को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है। इसके साथ ही 5 जिलों में भारी बारिश का भी अलर्ट है।READ ALSO:-Muzaffarnagar News: चरथावल में सुनियोजित साजिश! दुकानदार के सीसीटीवी कैमरे तोड़े, पुलिस की निष्क्रियता से सहमा पीड़ित
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हालांकि, रविवार सुबह से राजधानी लखनऊ समेत ज्यादातर जिलों में हल्की धूप खिली हुई है और बादलों की आवाजाही जारी है। हवा में अत्यधिक नमी होने के कारण लोगों को भीषण उमस और चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
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क्यों बदला मौसम का मिजाज? मौसम वैज्ञानिक का बड़ा खुलासा

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लखनऊ के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने बताया कि वर्तमान में हरियाणा और उसके आसपास के वायुमंडल में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय है। इसके प्रभाव से ही उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में प्री-मानसून की बारिश और आंधी-तूफान की स्थितियां बन रही हैं।
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मानसून की एंट्री पर बड़ा अपडेट: मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून वर्तमान में बिहार तक पहुंच चुका है। यूपी में आमतौर पर मानसून की एंट्री 20 जून तक होती है। लेकिन इस बार पश्चिमी विक्षोभ के अत्यधिक सक्रिय होने के कारण मानसून के आगमन की तारीख में बदलाव की मजबूत संभावनाएं हैं। अनुमान है कि 17 से 20 जून के बीच मानसून सोनभद्र और ललितपुर के रास्ते यूपी में प्रवेश कर सकता है।
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आज इन 21 जिलों में आंधी-बारिश का हाई अलर्ट

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मौसम विभाग ने जिन जिलों के लिए रविवार को आंधी-तूफान और वज्रपात (आकाशीय बिजली) का अलर्ट जारी किया है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
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रायबरेली, बाराबंकी, अमेठी, प्रतापगढ़, प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, गोंडा, अयोध्या, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, बस्ती, आजमगढ़, संतकबीरनगर, गोरखपुर, मऊ, देवरिया और बलिया।
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गोरखपुर और पूर्वी यूपी में उमस से बेहाल लोग

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गोरखपुर और उसके आसपास के जिलों में रविवार सुबह से ही तेज धूप निकली हुई है, जिसने उमस को चरम पर पहुंचा दिया है। आसमान साफ होने के कारण धूप की तपिश ज्यादा महसूस हो रही है। हवा में नमी का स्तर 55 फीसदी से अधिक दर्ज किया गया है, जिससे लोग पसीने से तर-बतर हो रहे हैं। दोपहर बाद तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। हालांकि 15 से 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं, लेकिन वे राहत देने में नाकाम साबित हो रही हैं।
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पिछले 24 घंटे का कहर: हादसों में 5 लोगों की मौत, कानपुर में जलभराव

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शनिवार को प्रदेश के 25 जिलों में अचानक आई तेज आंधी और बारिश ने भारी तबाही मचाई। सबसे ज्यादा बारिश श्रावस्ती और सिद्धार्थनगर में 6.8 मिलीमीटर रिकॉर्ड की गई। प्रयागराज और लखनऊ में भीषण धूल भरी आंधी चली, जिससे कई जगहों पर पेड़ और होर्डिंग्स गिर गए। वहीं, कानपुर में कुछ ही घंटों की बारिश के बाद सड़कों पर पानी भर गया और कई निचले इलाकों में लोगों के घरों में पानी घुस गया।
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इस आंधी-तूफान और बारिश से जुड़े हादसों में पिछले 24 घंटे में 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई:
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    उन्नाव और गाजीपुर: खेतों में काम कर रहे दो अलग-अलग किसानों की आकाशीय बिजली (Lightening) की चपेट में आने से जान चली गई।
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    कासगंज: यहां आंधी के दौरान एक निर्माणाधीन मकान का लिंटर भरभरा कर गिर गया। मलबे में दबने से पति, पत्नी और उनकी मासूम बेटी की मौके पर ही मौत हो गई।
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अगले 5 दिनों का मौसम: जानिए कब मिलेगी राहत?

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मौसम विभाग ने आगामी 5 दिनों के लिए जिलेवार पूर्वानुमान जारी किया है:
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तारीख
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मौसम का पूर्वानुमान
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15 जून
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पश्चिमी यूपी में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश की संभावना, पूर्वी यूपी में मौसम मुख्यतः साफ रहेगा।
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16 जून
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पूरे प्रदेश में बादलों की आवाजाही रहेगी, नमी बढ़ने से तापमान गिरेगा और गर्मी से कुछ राहत मिलेगी।
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17 जून
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तेज हवाएं चलेंगी, आसमान साफ रहेगा लेकिन कहीं-कहीं स्थानीय स्तर पर बूंदाबांदी हो सकती है।
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18 जून
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पूरे उत्तर प्रदेश में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा के आसार हैं।
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19 जून
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पूरे प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां बढ़ेंगी। हल्की से भारी बारिश और कुछ इलाकों में तेज तूफान आ सकता है।
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बड़ी चिंता: इस साल 8% कम बरसेगा मानसून, अल-नीनो का खतरा

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मौसम विज्ञानियों ने इस साल के मानसून को लेकर एक चिंताजनक रिपोर्ट साझा की है। सीनियर साइंटिस्ट अतुल सिंह के अनुसार, इस साल उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है।
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आमतौर पर यूपी में जून से सितंबर के मानसूनी सीजन में करीब 820 से 840 मिमी बारिश होती है। लेकिन इस साल इसमें 8% की कमी आ सकती है, जिससे कुल बारिश महज 754 से 773 मिलीमीटर के आसपास रहने की उम्मीद है। जबकि इसके विपरीत, साल 2025 में मानसून सामान्य से 10 से 15% ज्यादा (करीब 870 से 900 मिमी) बरसा था।
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कम बारिश की मुख्य वजह: मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा के अनुसार, प्रशांत महासागर में 'ला नीना' (La Niña) की स्थिति समाप्त हो रही है और यह 'अल नीनो' (El Niño) की ओर बढ़ रहा है। अल-नीनो का सक्रिय होना हमेशा से कमजोर मानसून का संकेत माना जाता है। इसके अलावा, इस साल जनवरी से मार्च के बीच उत्तरी गोलार्ध (Northern Hemisphere) में कम बर्फबारी होना भी मानसून को कमजोर कर रहा है।
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खेती-किसानी पर पड़ेगा सीधा असर, बढ़ेगी महंगाई

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यूपी में अल-नीनो के कारण कम बारिश होने का सीधा और सबसे बड़ा झटका सूबे की अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र को लगेगा।
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    धान के उत्पादन में गिरावट: पानी की कमी के कारण धान की रोपाई में देरी होगी, जिससे इसके कुल उत्पादन में 20% तक की कमी आ सकती है।
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    लागत में बढ़ोतरी: जून-जुलाई में बारिश न होने से किसानों को सिंचाई के लिए पूरी तरह से ट्यूबवेल और पंपसेट पर निर्भर रहना पड़ेगा। इससे डीजल और बिजली का खर्च बढ़ेगा और खेती की लागत काफी ऊंची हो जाएगी।
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    महंगाई का संकट: अनाज, दालों और हरी सब्जियों का उत्पादन घटने से आने वाले दिनों में बाजार में इनके दाम तेजी से बढ़ सकते हैं, जिससे आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ेगा।
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    सूखे की आशंका: बुंदेलखंड और दक्षिण-पश्चिमी यूपी के जिलों, जैसे- झांसी, महोबा, ललितपुर और मथुरा में सूखे (Drought) जैसी स्थितियां उत्पन्न होने का खतरा गहरा गया है।
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प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर ही अपनी फसलों की बुआई और सिंचाई की योजना बनाएं।
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