उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बुधवार को युवा महिलाओं को लिव-इन रिलेशनशिप से दूर रहने की सलाह देते हुए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे रिश्ते शोषण का कारण बन सकते हैं, इसलिए बेटियों को कोई भी फैसला लेने से पहले बहुत सावधानी से सोचना चाहिए। राज्यपाल ने यह टिप्पणी महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ (MGKVP) के 47वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए की, जहां वह मेधावी छात्रों को डिग्री और गोल्ड मेडल प्रदान करने के लिए मौजूद थीं।READ ALSO:-दिवाली पर टूटा सपनों का ताला! आवास विकास का बंपर ऑफर: 15% छूट, आधे दाम पर कब्जा और 10 साल तक सस्ती EMI
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लिव-इन पर क्यों किया अलर्ट?
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महिलाओं के खिलाफ बढ़ते हिंसा के मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा, “बेटियों को लिव-इन रिलेशनशिप जैसे रिश्तों से दूर रहना चाहिए जो शोषण का कारण बन सकती हैं।” उन्होंने छात्राओं से अपने व्यक्तिगत जीवन में सतर्क रहने और ऐसे लोगों से सावधान रहने की अपील की जो उनके विश्वास का गलत फायदा उठा सकते हैं। यह बयान हाल के दिनों में लिव-इन रिलेशनशिप में होने वाले अपराधों की बढ़ती संख्या के संदर्भ में देखा जा रहा है।
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शिक्षा का असली मतलब समझाया
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अपने संबोधन में राज्यपाल ने छात्रों को शिक्षा के वास्तविक उद्देश्य की भी याद दिलाई। उन्होंने कहा, “शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री या प्रमाण पत्र हासिल करना नहीं है, बल्कि यह जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का एक शक्तिशाली साधन है।” उन्होंने छात्रों से अपने जीवन में अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति की भावना को आत्मसात करने का आग्रह किया।
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छात्रों को दिलाई जिम्मेदारी की याद
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राज्यपाल ने छात्रों से सामाजिक जिम्मेदारियों में भी सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपने हॉस्टल और विश्वविद्यालय परिसर को अपना घर समझना चाहिए और हर हफ्ते कम से-कम एक घंटा स्वच्छता अभियान में हिस्सा लेना चाहिए।
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इसके अलावा, उन्होंने थर्ड जेंडर की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना की और बताया कि शैक्षिक सहयोग को और मजबूत करने के लिए जल्द ही ताइवान के साथ एक समझौता किया जाएगा। अपने भाषण के अंत में उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाएं पर्यावरण के साथ इंसानी छेड़छाड़ का ही नतीजा हैं, जिसे संतुलित करना अब हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
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