उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेस-वे पर सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्सप्रेस-वे पर दुर्घटनाओं और आगजनी की घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का फैसला किया है। अब यूपी के सभी एक्सप्रेस-वे पर हर 100KM की दूरी पर एक छोटी फायर चौकी स्थापित की जाएगी, जो अत्याधुनिक उपकरणों से लैस होगी। इस कदम से दुर्घटना की स्थिति में 'गोल्डन आवर' (Golden Hour) के भीतर त्वरित राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सकेगा, जिससे जनहानि को रोका जा सकेगा।READ ALSO:-Ayodhya Ram Mandir: सर्दी शुरू होते ही रामलला के दर्शन का समय बदला, आज से लागू हुई नई टाइमिंग
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एक्सप्रेस-वे पर बढ़ती आगजनी की घटनाएं
\r\n\r\nअक्सर यह देखा जाता है कि एक्सप्रेस-वे से गुजरने वाली बसों या अन्य गाड़ियों में आग लगने की घटनाएं होती रहती हैं। ऐसे में, जिले में मौजूद फायर टीम को घटनास्थल तक पहुंचने में काफी वक्त लगता है, जिससे बड़ा नुकसान हो जाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को अग्निशमन विभाग की समीक्षा कर रहे थे, जहाँ उन्होंने इस गंभीर समस्या पर तुरंत ध्यान देने का निर्देश दिया।
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- \r\n मुख्यमंत्री का निर्देश: सीएम योगी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में फायर एवं आपात सेवाओं की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।\r\n \r\n
- \r\n फायर चौकी की तैनाती: एक्सप्रेस-वे पर बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए यह फैसला लिया गया कि हर 100KM पर फायर टेंडर (Fire Tender) सहित एक छोटी फायर चौकी स्थापित की जाएगी।\r\n \r\n
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अत्याधुनिक टीम और 922 नए पदों का सृजन
\r\n\r\nमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फायर सर्विस को न केवल संख्यात्मक रूप से बल्कि तकनीकी रूप से भी मजबूत बनाने पर जोर दिया है।
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- \r\n विशेष यूनिट: सीएम ने निर्देश दिया कि प्रत्येक रीजन में स्पेशलाइज्ड यूनिट गठित की जाए। ये यूनिट्स केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल दुर्घटनाओं और सुपर हाईराइज बिल्डिंग जैसी जटिल परिस्थितियों से निपटने में सक्षम होंगी।\r\n \r\n
- \r\n आधुनिक उपकरण: फायर सर्विस को अत्याधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित जनशक्ति से सुसज्जित करने के भी निर्देश दिए गए।\r\n \r\n
- \r\n बड़ी भर्ती की राह खुली: सीएम योगी के निर्देशों के बाद अग्निशमन विभाग में राजपत्रित संवर्ग के 98 और अराजपत्रित संवर्ग के लगभग 922 नए पदों के सृजन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इससे मुख्यालय, रीजनल और जनपद स्तर पर फायर सर्विस की जनसेवा क्षमता को मजबूती मिलेगी।\r\n \r\n
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प्रशासनिक क्षमता और पारदर्शिता
\r\n\r\nमुख्यमंत्री ने प्रशासनिक और वित्तीय दक्षता पर भी ध्यान केंद्रित किया।
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- \r\n अकाउंट कैडर: विभाग की प्रशासनिक क्षमता और वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाने के लिए प्रत्येक जनपद में अकाउंट कैडर स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।\r\n \r\n
- \r\n प्रशिक्षण सुधार: राज्य अग्निशमन प्रशिक्षण महाविद्यालय में अतिरिक्त पद सृजित कर प्रशिक्षण एवं अनुसंधान की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n समयबद्ध पुनर्गठन: सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फायर सर्विस के पुनर्गठन की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी की जाए ताकि इसका लाभ शीघ्र जनता तक पहुँच सके।\r\n \r\n
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9 एयरपोर्ट पर पहले ही तैनात है फायर टीम
\r\n\r\nबैठक में बताया गया कि नई ऑपरेशनल इकाइयों के रूप में कुशीनगर, आजमगढ़, श्रावस्ती, कानपुर नगर, अयोध्या, अलीगढ़, मुरादाबाद, चित्रकूट और सोनभद्र एयरपोर्ट पर अग्निशमन सेवाओं की समुचित जनशक्ति पहले ही तैनात की जा चुकी है।
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सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फायर सर्विस जनता के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा से सीधे जुड़ा हुआ विभाग है। इसकी संरचना ऐसी होनी चाहिए, जो हर परिस्थिति में त्वरित, कुशल और उत्तरदायी प्रतिक्रिया देने में सक्षम हो। उन्होंने कहा कि विभाग के पुनर्गठन की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी की जाए, ताकि इसका लाभ शीघ्र जनता तक पहुंच सके।
Sabse pehle comment karne wale banein.