लखनऊ: उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए रविवार को एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। योगी सरकार ने अपनी महत्वकांक्षी यूपी बिजली बिल राहत योजना (UP Bijli Bill Rahat Yojana) का दायरा बढ़ा दिया है। अब इस योजना का लाभ उन लाखों उपभोक्ताओं को भी मिलेगा जिन्हें विभाग की भाषा में 'नेवर पेड' (Never Paid) कहा जाता है। यानी ऐसे लोग जिन्होंने कनेक्शन लेने के बाद एक बार भी बिल जमा नहीं किया है, वे भी अब सरचार्ज माफी का लाभ उठा सकेंगे। इसके अलावा, जिन लोगों ने बीच में थोड़ा-बहुत बिल जमा किया था, उन्हें भी अब योजना में शामिल कर लिया गया है।READ ALSO:-बिजनौर में कोहराम: पुल की रेलिंग तोड़कर नदी में जा गिरी यात्रियों से भरी बस, मची चीख-पुकार; 2 दर्जन लोग घायल
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11 दिसंबर से शुरू होंगे रजिस्ट्रेशन
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प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा (AK Sharma) के निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। यूपीपीसीएल के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार ने सभी डिस्कॉम (Discoms) को निर्देशित किया है कि 11 दिसंबर से 'नेवर पेड' श्रेणी के उपभोक्ताओं का यूपी बिजली बिल राहत योजना में पंजीकरण शुरू किया जाए।
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यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पहले इस श्रेणी के उपभोक्ताओं को योजना से बाहर रखा गया था। लेकिन अब सरकार के इस फैसले से लाखों परिवारों को अंधेरे में रहने की मजबूरी से छुटकारा मिलेगा और वे मुख्यधारा में लौट सकेंगे। 
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आंशिक भुगतान करने वालों को भी मिली जगह
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इस संशोधन में एक और बड़ी राहत उन उपभोक्ताओं को दी गई है, जिन्होंने 1 अप्रैल 2025 से 30 नवंबर 2025 के बीच अपने बिल का कुछ हिस्सा (आंशिक भुगतान) जमा किया था। पहले के नियमों के मुताबिक, 31 मार्च 2025 के बाद आंशिक भुगतान करने वाले उपभोक्ता इस ओटीएस (OTS) या राहत योजना के लिए अयोग्य माने जा रहे थे।
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ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा जब विभिन्न जिलों के दौरे पर थे और बिजली बिल राहत शिविरों का निरीक्षण कर रहे थे, तो कई उपभोक्ताओं ने उनसे शिकायत की थी। उपभोक्ताओं का तर्क था कि उन्होंने अप्रैल, मई या जून में कुछ पैसा जमा करने की 'गलती' कर दी, जिसकी वजह से उन्हें अब भारी छूट वाली योजना से बाहर कर दिया गया है। इस व्यवहारिक समस्या को समझते हुए ऊर्जा मंत्री ने नियमों में बदलाव के निर्देश दिए। अब 30 नवंबर तक भुगतान करने वाले भी इस योजना के पात्र होंगे।
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क्या है 'नेवर पेड' और बकाये का गणित?
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पावर कॉरपोरेशन के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति काफी गंभीर है, जिसे सुधारने के लिए यह कदम उठाया गया है।
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    नेवर पेड उपभोक्ता: प्रदेश में ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या करीब 54,12,443 (54 लाख से अधिक) है। इन पर विभाग का करीब 16,105 करोड़ रुपये मूलधन बकाया है।
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    लॉन्ग अनपेड उपभोक्ता: लंबे समय से बिल न देने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 91,45,985 है, जिन पर 15,100 करोड़ रुपये बकाया है।
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कुल मिलाकर, प्रदेश में करीब 1.45 करोड़ ऐसे उपभोक्ता हैं जिन पर मूलधन के रूप में 31,205 करोड़ रुपये बाकी हैं। अगर इसमें सरचार्ज (ब्याज) भी जोड़ दिया जाए, तो यह राशि 45,980 करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है। यूपी बिजली बिल राहत योजना का उद्देश्य इसी सरचार्ज (24,775 करोड़ रुपये) में छूट देकर मूल धन की वसूली करना है। 
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आर्थिक बोझ होगा कम
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सरकार के इस फैसले से मध्यम और निम्न-आय वर्ग के उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा फायदा होगा। अक्सर भारी-भरकम बिल और उस पर लगने वाले ब्याज (सरचार्ज) के डर से लोग बिल जमा करना ही बंद कर देते हैं। पावर कॉरपोरेशन के एमडी पंकज कुमार ने स्पष्ट किया है कि 2 किलोवाट तक के घरेलू और 1 किलोवाट तक के कॉमर्शियल 'नेवर पेड' उपभोक्ता अब 11 दिसंबर से रजिस्ट्रेशन कराकर छूट पा सकते हैं।
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उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम न केवल उपभोक्ताओं के सिर से कर्ज का बोझ हल्का करेगा, बल्कि पावर कॉरपोरेशन को भी अपना रुका हुआ राजस्व वापस पाने में मदद करेगा। यूपी बिजली बिल राहत योजना में 'नेवर पेड' और आंशिक भुगतान करने वालों को शामिल करना एक व्यावहारिक और जनहितकारी निर्णय है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे 11 दिसंबर से शुरू हो रहे रजिस्ट्रेशन में देरी न करें और इस छूट का लाभ उठाएं।
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