उत्तर प्रदेश के विकास को नई ऊंचाई देने और सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने के उद्देश्य से मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में एक अहम बैठक संपन्न हुई। लखनऊ में 5 कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर हुई इस बैठक में कुल 27 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई गई है। इन यूपी कैबिनेट के फैसले में राज्य के एक प्रमुख शहर का नाम बदलने से लेकर, नई स्टार्टअप पॉलिसी को लागू करने और किसानों के लिए ऐतिहासिक बीमा योजना शुरू करने जैसे कदम शामिल हैं। इसके अलावा, शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल जगत के लिए भी कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं। आइए, इस रिपोर्ट में विस्तार से जानते हैं कि सरकार के इन 27 फैसलों का आम जनता पर क्या सीधा असर पड़ेगा।READ ALSO:-गाजियाबाद में चलती कार में भ्रूण लिंग जांच और अबॉर्शन रैकेट का भंडाफोड़, झोलाछाप डॉक्टर समेत 4 गिरफ्तार
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जलालाबाद का नया नाम अब 'भगवान परशुराम पुरी'
\r\n\r\nइस कैबिनेट बैठक का सबसे चर्चित और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण फैसला शाहजहांपुर जिले से जुड़ा है। (Internal link to related article) योगी सरकार ने अपने पुराने वादे और स्थानीय लोगों की लंबी मांग को पूरा करते हुए शाहजहांपुर जिले की जलालाबाद तहसील का नाम बदलने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया है।
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अब जलालाबाद को आधिकारिक तौर पर 'भगवान परशुराम पुरी' के नाम से जाना जाएगा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस क्षेत्र को भगवान परशुराम की जन्मस्थली और तपोभूमि माना जाता है। इसी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए यह नाम परिवर्तन किया गया है। प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही राजस्व कागजों, सरकारी रिकॉर्ड और नक्शों में नया नाम दर्ज करने की प्रशासनिक प्रक्रिया तेजी से शुरू कर दी गई है। आने वाले कुछ ही दिनों में सभी सरकारी बोर्ड और दस्तावेजों पर 'भगवान परशुराम पुरी' लिखा नजर आएगा।
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यूपी कैबिनेट के फैसले: नई स्टार्टअप और डेटा सेंटर पॉलिसी 2026
\r\n\r\nराज्य में युवाओं को रोजगार देने और उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए निवेश बहुत जरूरी है। इसी विजन को ध्यान में रखते हुए यूपी कैबिनेट के फैसले में 'उत्तर प्रदेश स्टार्टअप पॉलिसी 2026' और 'डेटा सेंटर पॉलिसी 2026' को मंजूरी दे दी गई है।
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IT एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के मंत्री सुनील शर्मा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में 'स्टार्टअप मिशन' की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इस नई नीति के तहत:
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- \r\n नए स्टार्टअप्स को शुरुआती फंडिंग और टैक्स में विशेष छूट दी जाएगी।\r\n \r\n
- \r\n डेटा सेंटर स्थापित करने वाली कंपनियों को सस्ती बिजली और भूमि आवंटन में प्राथमिकता मिलेगी।\r\n \r\n
- \r\n युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे प्रदेश में लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। (External link: source URL)\r\n \r\n
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किसानों और पशुपालकों के लिए बड़ी सौगात
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है और यहां की बड़ी आबादी पशुपालन पर निर्भर है। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह के एक बेहद अहम प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने सहर्ष स्वीकार कर लिया है। कैबिनेट ने 'मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना' को अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है।
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इस योजना के तहत प्रदेश के लघु एवं सीमांत किसानों, सामान्य पशुपालकों और डेयरी फार्म चलाने वालों को बड़ा सुरक्षा कवच मिलेगा। यदि किसी किसान के पशु की किसी महामारी के कारण मृत्यु हो जाती है, या वह अपंग हो जाता है, तो उसे सरकार की ओर से बीमा का पूरा क्लेम मिलेगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि इस कल्याणकारी पशुधन बीमा योजना को बिना किसी देरी के प्रदेश के सभी 75 जनपदों में लागू किया जाए, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।
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शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति: 3 नई प्राइवेट यूनिवर्सिटीज को मंजूरी
\r\n\r\nयूपी कैबिनेट के फैसले शिक्षा जगत के लिए भी मील का पत्थर साबित होने वाले हैं। प्रदेश के युवाओं को उच्च और तकनीकी शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों में न जाना पड़े, इसके लिए सरकार निजी निवेश को बढ़ावा दे रही है। बैठक में प्रदेश के अंदर तीन नए निजी विश्वविद्यालयों (Private Universities) की स्थापना को हरी झंडी दिखाई गई है:
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- \r\n कानपुर (बिल्हौर): महर्षि योगी इंटरनेशनल कृषि विश्वविद्यालय\r\n \r\n
- \r\n फतेहपुर: ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय\r\n \r\n
- \r\n गाजियाबाद: अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय\r\n \r\n
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आंकड़ों पर नजर डालें तो 2017 तक पूरे उत्तर प्रदेश में मात्र 27 विश्वविद्यालय थे। लेकिन सरकार की नई नीतियों के कारण साल 2026 तक राज्य में निजी विश्वविद्यालयों की संख्या बढ़कर 56 हो जाएगी। (Internal link to related article) इसके साथ ही, किसानों को आधुनिक बागवानी सिखाने के लिए रायबरेली में एक 'उद्यान महाविद्यालय' (Horticulture College) स्थापित करने का प्रस्ताव भी पास हुआ है।
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स्वास्थ्य सेवाएं होंगी और भी मजबूत
\r\n\r\nस्वास्थ्य क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए सरकार ने तिहरा दांव चला है। कैबिनेट के मंजूर प्रस्तावों के अनुसार:
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- \r\n पूर्वांचल के गोरखपुर और पश्चिमी यूपी के मुरादाबाद में 100-100 बेड के दो नए अत्याधुनिक अस्पताल बनाए जाएंगे।\r\n \r\n
- \r\n प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESI) का एक विशाल मेडिकल कॉलेज बनेगा। इसके लिए राज्य सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को निःशुल्क जमीन हस्तांतरित करने का प्रस्ताव पास कर दिया है।\r\n \r\n
- \r\n सबसे बड़ी बात यह है कि इस ईएसआई मेडिकल कॉलेज में 50% सीटें पंजीकृत श्रमिकों और मजदूरों के बच्चों के लिए आरक्षित (Reserve) रहेंगी। यह फैसला गरीब मजदूरों के बच्चों को डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने में मदद करेगा। (External link: source URL)\r\n \r\n
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खिलाड़ियों, अधिकारियों और शिक्षकों से जुड़े अन्य फैसले
\r\n\r\nइन प्रमुख योजनाओं के अलावा, यूपी कैबिनेट के फैसले में समाज के कई अन्य वर्गों का भी ध्यान रखा गया है:
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- \r\n खिलाड़ियों के लिए: ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों में पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को उत्तर प्रदेश सरकार सीधे राजपत्रित अधिकारी के पदों पर भर्ती करेगी। इसका प्रस्ताव कैबिनेट से पास हो गया है।\r\n \r\n
- \r\n पेंशन में बढ़ोतरी: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के अध्यक्षों और सदस्यों की पेंशन में वृद्धि करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है।\r\n \r\n
- \r\n मदरसा शिक्षक: मदरसा शिक्षकों की ग्रेच्युटी से जुड़े प्रस्ताव को फिलहाल कैबिनेट ने स्थगित कर दिया है। सरकार इस पर विस्तृत अध्ययन के बाद भविष्य में कोई अंतिम निर्णय लेगी।\r\n \r\n
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संक्षेप में कहा जाए तो, मंगलवार को लिए गए यूपी कैबिनेट के फैसले उत्तर प्रदेश की दशा और दिशा बदलने वाले हैं। जलालाबाद का नाम 'भगवान परशुराम पुरी' करना जहां राज्य की सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करता है, वहीं स्टार्टअप और डेटा सेंटर पॉलिसी 2026 भविष्य की तकनीकी जरूरतों को पूरा करती है। किसानों के लिए पशुधन बीमा योजना और वाराणसी में श्रमिकों के लिए ईएसआई मेडिकल कॉलेज जैसे कदम यह साबित करते हैं कि सरकार का फोकस 'सबका साथ, सबका विकास' पर है। इन 27 प्रस्तावों के धरातल पर उतरते ही उत्तर प्रदेश विकास के एक नए युग में प्रवेश करेगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.