लखनऊ/कानपुर: दिल्ली बम धमाका प्रकरण से जुड़े "टेरर डॉक्टर्स" डॉ. शाहीन और उसके भाई डॉ. परवेज अंसारी की गिरफ्तारी के बाद उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने लखनऊ और कानपुर में अपनी जांच तेज कर दी है। ATS की अलग-अलग टीमों ने डॉ. शाहीन और डॉ. परवेज के लखनऊ स्थित घरों को खंगाला और महत्वपूर्ण सुराग जुटाए। इसके साथ ही, ATS ने लखनऊ की प्रतिष्ठित इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में भी पड़ताल की, जहां डॉ. परवेज सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर के तौर पर कार्यरत था।READ ALSO:-दिल्ली धमाके की 'जड़' सहारनपुर तक! डॉ. आदिल कनेक्शन में फेमस मेडिकेयर हॉस्पिटल पर IB-जम्मू पुलिस की 5 घंटे की रेड
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जांच में सामने आया है कि डॉ. शाहीन को भारत में जैश-ए-मोहम्मद के महिला संगठन 'जमात-उल-मोमिनीन' की कमान सौंपी गई थी, जिससे इस टेरर डॉक्टर्स मॉड्यूल की गंभीरता और बढ़ जाती है।
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एटीएस की टीम श्रीनगर और फरीदाबाद जाएगी

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जांच को आगे बढ़ाते हुए यूपी एटीएस की दो टीमें जल्द ही श्रीनगर के लिए रवाना होंगी। ये टीमें वहां गिरफ्तार टेरर डॉक्टर्स मॉड्यूल के सदस्य डॉ. शाहीन और सहारनपुर से पकड़े गए डॉ. आदिल से अलग-अलग पूछताछ करेंगी। टीम फरीदाबाद मॉड्यूल और कानपुर में पकड़े गए डॉ. आरिफ मीर से जुड़े सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाएगी।
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एटीएस ने लखनऊ और कानपुर में दबिश के दौरान जो भी जानकारियां हासिल की हैं, उनका मिलान करने के लिए टीम तीन दिन तक श्रीनगर और फरीदाबाद में डेरा डालेगी। इस दौरान यह जानकारी जुटाई जाएगी कि डॉ. शाहीन और डॉ. आदिल का लखनऊ में किन-किन लोगों से संपर्क था। 
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डॉ. परवेज का इंटीग्रल यूनिवर्सिटी कनेक्शन

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डॉ. परवेज अंसारी लखनऊ की इंटीग्रल मेडिकल कॉलेज में साल 2021 में सीनियर रेजिडेंट के पद पर शामिल हुआ था और बाद में असिस्टेंट प्रोफेसर भी बन गया था। एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम ने यूनिवर्सिटी में पहुंचकर डॉ. परवेज अंसारी से संबंधित विस्तृत जानकारी मांगी। सूत्रों के अनुसार, टीम ने उसकी नियुक्ति, शैक्षिक गतिविधियों, कंप्यूटर और संभावित संपर्कों से जुड़ी फाइलें खंगालीं।
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चौंकाने वाली बात यह है कि डॉ. परवेज ने दिल्ली बम ब्लास्ट से ठीक एक सप्ताह पहले अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके पीछे उसने कोई वाजिब कारण नहीं बताया था।
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डॉ. शाहीन के स्कूल-विदेश कनेक्शन की पड़ताल

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एटीएस ने डॉ. शाहीन के लखनऊ स्थित पूर्व कॉलेज लालबाग गर्ल्स इंटर कॉलेज और पैतृक निवास के आसपास भी गहन पड़ताल की। जांच में सामने आया कि डॉ. शाहीन 10वीं और 12वीं की परीक्षा में टॉपर थी और उसने प्रयागराज के मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया था।
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जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि डॉ. शाहीन शाहिद दो साल (2016-2018) तक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में रह चुकी है, जहां सुरक्षा एजेंसियों को संदेह है कि उसे जैश की महिला विंग 'जमात उल मोमिनात' को तैयार करने की ट्रेनिंग दी गई थी। शाहीन के विदेशी दौरों की जांच में उसके करीबी डॉ. मुजम्मिल का तुर्किए कनेक्शन भी मिला है। एजेंसियों को शक है कि विदेश दौरे पर ही शाहीन की मुलाकात आतंकी संगठनों से हुई थी और उसे भारत में आतंकियों को ठहरने व उनकी ज़रूरतों को पूरा करने का काम सौंपा गया था। 
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अन्य गिरफ्तारियां और पूछताछ

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टेरर डॉक्टर्स मॉड्यूल में अब तक डॉ. आदिल, डॉ. मुजम्मिल, डॉ. शाहीन, डॉ. परवेज, डॉ. आरिफ मीर और डॉ. फारुख अहमद समेत 6 सदस्य पकड़े जा चुके हैं। एटीएस अब कानपुर से पकड़े गए डॉ. आरिफ मीर और हापुड़ से हिरासत में लिए गए डॉ. फारुख अहमद से भी पूछताछ करेगी, जिनके पास इस मॉड्यूल के कई राज होने की आशंका है।
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एटीएस डॉ. शाहीन और डॉ. परवेज के पड़ोसियों, जमीन बेचने वाले मड़ियांव निवासी इश्तियाक, और रजिस्ट्री के गवाहों से भी पूछताछ कर रही है। इसके अलावा, एटीएस जम्मू-कश्मीर में प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी के यूपी कनेक्शन को भी खंगाल रही है।
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दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े टेरर डॉक्टर्स मॉड्यूल के तार अब लखनऊ और कानपुर तक फैल गए हैं। डॉ. शाहीन के यूएई और डॉ. मुजम्मिल के तुर्किए कनेक्शन सामने आने के बाद ATS ने लखनऊ के इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, डॉ. शाहीन के स्कूल और पड़ोसियों से पूछताछ कर कई महत्वपूर्ण सुराग जुटाए हैं। यूपी एटीएस की टीमें अब गिरफ्तार सदस्यों से पूछताछ के लिए श्रीनगर और फरीदाबाद रवाना होंगी।
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