उधमपुर/जम्मू। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर (Udhampur) जिले से सोमवार की सुबह एक बेहद दर्दनाक और विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है। पहाड़ी रास्तों पर सफर कर रहे यात्रियों के लिए यह सुबह 'काल' बनकर आई। रामनगर (Ramnagar) से यात्रियों को लेकर आ रही एक पब्लिक ट्रांसपोर्ट की बस कगोत (Kagot) इलाके के पास अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क से फिसलकर करीब 100 फीट गहरी खाई में जा गिरी। इस भयानक सड़क हादसे में अब तक 16 लोगों की दर्दनाक मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 से ज्यादा यात्री गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।मेरठ में परशुराम जयंती जुलूस में फरसा लहराने पर डीएसपी शुचिता सिंह की सख्त हिदायत, भड़का ब्राह्मण समाज, जानें क्या है पूरा विवाद
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
हादसा इतना भीषण था कि बस के परखच्चे उड़ गए और खाई में गिरते ही यात्रियों की चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग, पुलिस और प्रशासन की रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंच गईं। फिलहाल राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को इलाज के लिए तुरंत जीएमसी (GMC) उधमपुर में भर्ती कराया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मरने वालों का यह आंकड़ा अभी और भी बढ़ सकता है, क्योंकि कई घायलों की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

कैसे हुआ यह जानलेवा हादसा? चश्मदीदों और घायलों ने बयां किया खौफनाक मंजर

\r\n\r\n
इस दर्दनाक बस दुर्घटना के पीछे की जो वजहें सामने आ रही हैं, वे सीधे तौर पर लापरवाही और यातायात नियमों की अनदेखी की ओर इशारा करती हैं। अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे घायल यात्रियों और मौके पर मौजूद चश्मदीदों ने इस हादसे की जो कहानी बयां की है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है।
\r\n\r\n

 हादसे के बाद सड़क पर लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई।

\r\n\r\n
यात्रियों के मुताबिक, बस में क्षमता से कहीं अधिक सवारियां भरी हुई थीं। बस पूरी तरह से ओवरलोडेड थी और ड्राइवर संकरे और घुमावदार पहाड़ी रास्तों पर भी बस को बेहद तेज रफ्तार (Over-speeding) में दौड़ा रहा था। यात्रियों ने बताया कि कई बार ड्राइवर को धीरे चलने के लिए टोका भी गया, लेकिन उसने किसी की एक न सुनी।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
इसी तेज रफ्तार के दौरान, जब बस कगोत के पास पहुंची, तभी अचानक बस का एक टायर जोर के धमाके के साथ फट गया। रफ्तार तेज होने और बस के ओवरलोडेड होने की वजह से ड्राइवर स्टीयरिंग से अपना नियंत्रण पूरी तरह खो बैठा। इसके बाद बस सड़क के किनारे बने बैरिकेड्स को तोड़ते हुए सीधे 100 फीट गहरी खाई में कलाबाजियां खाते हुए जा गिरी। बस के खाई में गिरते ही चारों तरफ सिर्फ चीखें, खून और मातम पसर गया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

रेस्क्यू ऑपरेशन: 100 फीट गहरी खाई से निकाले गए शव और घायल

\r\n\r\n
हादसे की जानकारी मिलते ही सबसे पहले आसपास के गांवों के स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़े। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना खाई में उतरकर लोगों को निकालने की कोशिश शुरू कर दी। कुछ ही देर में जम्मू-कश्मीर पुलिस, एसडीआरएफ (SDRF) और प्रशासन की रेस्क्यू टीमें एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंच गईं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
खाई गहरी होने और पहाड़ी इलाका होने के कारण बचाव दल को रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue Operation) चलाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रस्सियों और स्ट्रेचर के सहारे एक-एक करके घायलों और मृतकों के शवों को ऊपर सड़क तक लाया गया। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत एंबुलेंस के जरिए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (GMC) उधमपुर रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों की एक विशेष टीम घायलों की जान बचाने में जुटी हुई है। प्रशासन ने अस्पताल में भी अलर्ट जारी कर दिया है ताकि घायलों के इलाज में कोई कोताही न बरती जाए।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने की मॉनिटरिंग, जताया दुख

\r\n\r\n
इस बड़े हादसे पर केंद्र सरकार की नजर भी बनी हुई है। उधमपुर लोकसभा क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह (Dr. Jitendra Singh) लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं और बचाव कार्य की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार पोस्ट करते हुए हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। डॉ. जितेंद्र सिंह ने अपनी एक पोस्ट में बताया, "हादसे का शिकार हुई बस पब्लिक ट्रांसपोर्ट की थी। दुर्घटना की खबर मिलते ही रेस्क्यू ऑपरेशन तुरंत शुरू कर दिया गया था। घायलों को हरसंभव चिकित्सीय मदद मुहैया कराई जा रही है।" इसके कुछ देर बाद उन्होंने एक और अपडेट देते हुए लिखा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है, जो बेहद दुखद है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान

\r\n\r\n
उधमपुर के इस भीषण बस हादसे की गूंज दिल्ली तक पहुंची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं जताईं और घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से जारी बयान के मुताबिक, पीएम मोदी ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता (Compensation) की घोषणा की है। हादसे में अपनी जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। इसके साथ ही, हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को भी 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद मुहैया कराई जाएगी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पहाड़ी रास्तों पर सफर: ओवरलोडिंग और लापरवाही कब तक लेगी जान?

\r\n\r\n
उधमपुर का यह बस हादसा पहाड़ी क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा की पोल खोलने के लिए काफी है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में अक्सर ऐसे हादसे सामने आते रहते हैं, जहां पुरानी बसें, ओवरलोडिंग और ड्राइवरों की लापरवाही बेगुनाह यात्रियों की जान ले लेती है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
पहाड़ी रास्तों पर ड्राइविंग के लिए विशेष सावधानी और संयम की आवश्यकता होती है। लेकिन मुनाफे के लालच में बस ऑपरेटर क्षमता से दोगुनी सवारियां भरते हैं और समय बचाने के चक्कर में ड्राइवर तेज रफ्तार में वाहन दौड़ाते हैं। इस हादसे ने एक बार फिर परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर ओवरलोडेड बसें बैरिकेड्स और पुलिस चौकियों को पार करते हुए कैसे निकल जाती हैं? वाहनों की फिटनेस और टायरों की स्थिति की जांच नियमित रूप से क्यों नहीं की जाती?
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन को इस हादसे से सबक लेते हुए चेकिंग अभियान तेज करना चाहिए। जो बसें अपनी आयु सीमा पूरी कर चुकी हैं या जिनकी फिटनेस सही नहीं है, उन्हें तुरंत रूट से हटाया जाना चाहिए। इसके अलावा, ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार को लेकर सख्त कानून लागू किए जाने की जरूरत है ताकि भविष्य में कगोत जैसे खौफनाक हादसों की पुनरावृत्ति को रोका जा सके और लोगों का सफर सुरक्षित हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें