तमिलनाडु के करूर में अभिनेता से नेता बने थलापति विजय की पार्टी तमिझगगा वेतत्री कझगम (TVK) की चुनावी रैली में शनिवार शाम भीषण भगदड़ मच गई। इस दर्दनाक हादसे में 39 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।READ ALSO:-'बुलडोजर' बनाम 'विकास': 'आई लव...' की आड़ में लखनऊ की सड़कों पर छिड़ी योगी-अखिलेश की सीधी जंग
\r\n\r\n\r\nघटना 27 सितंबर की शाम करीब 7:40 बजे Veluswamypuram, करूर में उस समय हुई जब विजय का रोड शो चल रहा था। अब तक 38 शवों की पहचान कर ली गई है और उन्हें परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया जारी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, रैली में जुटी अत्यधिक भीड़, निकासी मार्गों की कमी, और अचानक हुए पुलिस लाठीचार्ज की वजह से अफरा-तफरी मच गई। कई लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े, जिससे दम घुटने और चोट लगने से मौतें हुईं।
TVK ने HC में दाखिल की याचिका, CBI जांच की मांग
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- इस घटना को लेकर TVK ने मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच में याचिका दाखिल की है। \r\n

पार्टी ने आरोप लगाया है कि:
\r\n\r\nयह हादसा सिर्फ भीड़ बढ़ने की वजह से नहीं हुआ, बल्कि पुलिस की लाठीचार्ज कार्रवाई ने हालात और बिगाड़ दिए। यह राजनीतिक साजिश भी हो सकती है।
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- जांच CBI या SIT को सौंपी जानी चाहिए, ताकि सच सामने आ सके। \r\n
- इस याचिका पर कल दोपहर 2:15 बजे सुनवाई होने की संभावना है। \r\n
- केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट, राज्य ने आयोग गठित किया \r\n
- केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तमिलनाडु सरकार से घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। \r\n
- इसमें हादसे के कारणों, राहत एवं बचाव कार्य, और घायलों के इलाज से जुड़ी जानकारी शामिल करने को कहा गया है। \r\n
- वहीं, तमिलनाडु सरकार ने इस घटना की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय आयोग का गठन किया है। इस आयोग की अध्यक्षता रिटायर्ड जज अरणु जगदीशेन करेंगी। \r\n
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मुआवजे का ऐलान: TVK, राज्य और केंद्र ने की घोषणा
\r\n\r\nइस दुखद घटना में मारे गए और घायल हुए लोगों के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और TVK पार्टी ने मुआवजे का ऐलान किया है।
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TVK (थलापति विजय की पार्टी):
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- मृतकों के परिजनों को ₹20 लाख \r\n
- घायलों को ₹2 लाख \r\n
- तमिलनाडु सरकार: \r\n
- मृतकों के परिजनों को ₹10 लाख \r\n
- घायलों को ₹1 लाख \r\n
केंद्र सरकार:
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- मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख \r\n
- घायलों को ₹50,000 \r\n
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कमल हासन और अन्य नेताओं की संवेदना
\r\n\r\nघटना पर फिल्म स्टार और राजनेता कमल हासन ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा: "भगदड़ की तस्वीरें देख मेरा दिल कांप रहा है। करूर से आ रही खबर सुनकर मुझे बहुत दुख और हैरानी हुई है। भीड़ में फंसे निर्दोष लोगों के परिवारों के प्रति मैं अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। यह एक ऐसी त्रासदी है जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है।"
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इसके अलावा तमिलनाडु के कई अन्य राजनीतिक दलों ने भी इस घटना को बड़ी प्रशासनिक चूक बताया है और राज्य सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
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TVK नेताओं पर केस दर्ज
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- तमिलनाडु पुलिस ने इस हादसे के बाद TVK के तीन वरिष्ठ नेताओं — \r\n
- Bussy Anand, Nirmal Kumar, और V.P. Mathiyalagan — के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। \r\n
- इन नेताओं पर आरोप है कि उन्होंने कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया और भीड़ को नियंत्रित करने में नाकाम रहे। \r\n
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करूर बंद और राजनीतिक हलचल
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- इस घटना के विरोध में करूर जिले के व्यापारियों ने जिला बंद का आह्वान किया है। \r\n
- वहीं, विपक्षी दलों ने सत्तारूढ़ DMK सरकार पर सुरक्षा इंतजामों में भारी लापरवाही का आरोप लगाया है। \r\n
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मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने करूर का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
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पाँच बड़ी वजहें जिनसे भगदड़ मची
\r\n\r\nघटना की प्रारंभिक जांच में पाँच मुख्य कारण सामने आए हैं:
\r\n\r\n1. भीड़ का अत्यधिक होना — स्थल पर क्षमता से दोगुनी भीड़ मौजूद थी।
\r\n2. निकासी मार्गों की कमी — बाहर निकलने के लिए पर्याप्त गेट नहीं थे।
\r\n3. पुलिस का अचानक लाठीचार्ज — भीड़ में भगदड़ का सबसे बड़ा कारण।
\r\n4. सुरक्षा कर्मियों की कमी — प्रशासनिक स्तर पर गंभीर चूक।
\r\n5. इवेंट मैनेजमेंट की खराब योजना — भीड़ नियंत्रण और एंट्री-एग्जिट व्यवस्था नाकाफी थी।
\r\n2. निकासी मार्गों की कमी — बाहर निकलने के लिए पर्याप्त गेट नहीं थे।
\r\n3. पुलिस का अचानक लाठीचार्ज — भीड़ में भगदड़ का सबसे बड़ा कारण।
\r\n4. सुरक्षा कर्मियों की कमी — प्रशासनिक स्तर पर गंभीर चूक।
\r\n5. इवेंट मैनेजमेंट की खराब योजना — भीड़ नियंत्रण और एंट्री-एग्जिट व्यवस्था नाकाफी थी।
Sabse pehle comment karne wale banein.