बरेली: शांति और सौहार्द के खिलाफ सोशल मीडिया पर रची जा रही साजिशों पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा 'डिजिटल प्रहार' किया है। खुफिया इनपुट के आधार पर माहौल बिगड़ने की गंभीर आशंका को देखते हुए, बरेली जिले को अगले 48 घंटों के लिए पूरी तरह से 'डिजिटल लॉकडाउन' में डाल दिया गया है। शासन ने एक अप्रत्याशित और सख्त फैसला लेते हुए जिले में सभी तरह की इंटरनेट और SMS सेवाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।READ ALSO:-देव दीपावली पर काशी को तोहफा: गंगा में उतरेगा 7वां 'फाइव स्टार' क्रूज, 30 हजार में रातभर करें गंगा की गोद में विहार
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यह अभूतपूर्व प्रतिबंध गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025 की शाम 3 बजे से शनिवार, 4 अक्टूबर 2025 की शाम 3 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस फैसले का मकसद असामाजिक तत्वों द्वारा इंटरनेट को हथियार बनाकर फैलाई जाने वाली अफवाहों की चेन को तोड़ना है।
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आखिर क्यों पड़ी 'नेट-बंदी' की जरूरत?
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उत्तर प्रदेश गृह विभाग की टॉप-सीक्रेट रिपोर्ट और खुफिया एजेंसियों के इनपुट के बाद यह फैसला लिया गया। गृह विभाग के सचिव गौरव दयाल द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि:
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            "फेसबुक, वॉट्सऐप, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग कर छोटी-छोटी घटनाओं को सांप्रदायिक रंग देकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। इससे               जनमानस में आक्रोश फैलने और शांति व्यवस्था भंग होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।"
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प्रशासन किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को शून्य पर लाना चाहता है और यह सुनिश्चित करना चाहता है कि त्योहारी माहौल में शहर की शांति भंग न हो। इसी को देखते हुए अफवाहों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए यह 'जीरो-कनेक्टिविटी' का कदम उठाया गया है।
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क्या-क्या रहेगा बंद और किसे मिलेगी छूट?
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इस 'डिजिटल लॉकडाउन' के दौरान निम्नलिखित सेवाएं पूरी तरह ठप रहेंगी:
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    मोबाइल इंटरनेट: जियो, एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया और बीएसएनएल सहित सभी कंपनियों की 2G, 3G, 4G और 5G सेवाएं बंद रहेंगी।
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    ब्रॉडबैंड इंटरनेट: घरों और दफ्तरों में लगे सभी प्रकार के वायर्ड और वायरलेस ब्रॉडबैंड कनेक्शन (FTTH, DSL आदि) भी काम नहीं करेंगे।
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    SMS और MMS: आप किसी भी तरह के टेक्स्ट या मल्टीमीडिया मैसेज नहीं भेज पाएंगे।
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राहत: इस प्रतिबंध से केवल दो आवश्यक सेवाओं को बाहर रखा गया है:
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    बैंकिंग लेनदेन के लिए OTP (वन-टाइम पासवर्ड)।
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    आपातकालीन सरकारी अलर्ट संदेश।
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आम जिंदगी पर असर और प्रशासन का संदेश
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इस फैसले से एक तरफ जहां ऑनलाइन क्लास करने वाले छात्रों, डिजिटल पेमेंट पर निर्भर व्यापारियों और वर्क-फ्रॉम-होम कर रहे पेशेवरों को भारी असुविधा होगी, वहीं दूसरी ओर अधिकांश शहरवासियों ने इसे शांति के लिए एक जरूरी कदम बताया है। लोगों का मानना है कि "दो दिन की दिक्कत शहर के अमन-चैन से बड़ी नहीं है।"
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जिलाधिकारी और एसएसपी ने सभी टेलीकॉम कंपनियों को आदेश का तत्काल पालन करने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे संयम बरतें, किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें। अब सभी की निगाहें अगले 48 घंटों पर टिकी हैं, जिसके बाद ही बरेली की 'डिजिटल दुनिया' फिर से बहाल होगी।
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