उत्तर प्रदेश के संभल जिले से एक बेहद हैरान करने वाला और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। संभल के सरकारी स्कूल में निर्धारित शैक्षिक पाठ्यक्रम की जगह धार्मिक गतिविधियां और कथित रूप से मजहबी तालीम देने का सनसनीखेज आरोप लगा है। यह घटना संभल जिले के गांव जालम सराय में स्थित पीएम श्री विद्यालय (PM Shri Vidyalaya) की है। जैसे ही स्कूल के भीतर बच्चों द्वारा विशेष वेशभूषा पहनने और इस्लामी प्रार्थना करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने त्वरित और सख्त कार्रवाई की है। इस प्रकरण में प्रधानाध्यापक समेत तीन शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा, मामले में संलिप्त दो लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर (FIR) भी दर्ज की गई है।READ ALSO:-बिजनौर पुलिस का ड्रग तस्करों पर कड़ा प्रहार: धामपुर के सुहागपुर में चेकिंग के दौरान 230 ग्राम चरस के साथ शातिर तस्कर नौशाद गिरफ्तार!
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संभल के सरकारी स्कूल में मजहबी शिक्षा का पूरा मामला
\r\n\r\nजानकारी के अनुसार, गांव जालम सराय का यह विद्यालय सरकार की महत्वाकांक्षी 'पीएम श्री' योजना के तहत संचालित होता है, जिसका उद्देश्य बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। लेकिन संभल के सरकारी स्कूल की इस घटना ने शिक्षा के इस मंदिर की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। कुछ दिनों से स्थानीय लोगों और अभिभावकों को यह शिकायत मिल रही थी कि स्कूल में पढ़ाई के बजाय धार्मिक उन्माद और विशेष मजहब की तालीम को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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मामला तब और गरमा गया जब स्कूल परिसर के भीतर के कुछ वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल होने लगे। इन वीडियो में साफ देखा जा सकता था कि स्कूल के छोटे बच्चों को एक विशेष धार्मिक वेशभूषा में बैठाया गया है। इसके बाद, शिक्षा विभाग तुरंत हरकत में आया। खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) ने दल-बल के साथ विद्यालय का औचक निरीक्षण किया।
\r\n\r\nसोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और औचक निरीक्षण का सच
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औचक निरीक्षण के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी ने न केवल स्कूल के रिकॉर्ड खंगाले, बल्कि वहां पढ़ने वाले मासूम छात्रों से भी अकेले में पूछताछ की। बच्चों से हुई पूछताछ में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि संभल के सरकारी स्कूल में निर्धारित सरकारी किताबों और पाठ्यक्रम को किनारे रखकर, मजहबी शिक्षा और धार्मिक टिप्पणियों को प्राथमिकता दी जा रही थी। स्कूल के अंदर एक विशेष धर्म से जुड़ी प्रार्थनाएं कराई जा रही थीं। यह खुलासा होते ही जांच रिपोर्ट तुरंत उच्चाधिकारियों को सौंप दी गई।
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प्रशासन का कड़ा एक्शन: जिलाधिकारी ने उठाया सख्त कदम
\r\n\r\nजांच रिपोर्ट मिलते ही संभल के जिलाधिकारी (DM) अंकित खंडेलवाल ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश सरकार की नीति के तहत शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की मजहबी कट्टरता या धार्मिक भेदभाव को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीएम ने बताया कि स्कूल के प्रधानाध्यापक और अन्य शिक्षक अपने पर्यवेक्षण (Supervision) और दायित्वों के निर्वहन में पूरी तरह से विफल रहे हैं।
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इस घोर लापरवाही और सरकारी नियमों के उल्लंघन के आरोप में:
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- \r\n विद्यालय के प्रधानाध्यापक (Headmaster) को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।\r\n \r\n
- \r\n उनके साथ-साथ स्कूल में तैनात दो अन्य शिक्षकों पर भी निलंबन की गाज गिरी है।\r\n \r\n
- \r\n जिलाधिकारी ने विभागीय कार्रवाई के आदेश भी दे दिए हैं ताकि भविष्य में संभल के सरकारी स्कूल में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।\r\n \r\n
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पुलिस की कार्रवाई और नई बीएनएस (BNS) की धाराएं
\r\n\r\nप्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ इस मामले में पुलिस ने भी अपना कानूनी शिकंजा कस दिया है। संभल के पुलिस अधीक्षक (SP) कुलदीप सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि धार्मिक भावनाओं को भड़काने और स्कूल का माहौल खराब करने के आरोप में थाना नखासा में मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
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एसपी के अनुसार, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(2) (सार्वजनिक रूप से गलत सूचना फैलाकर धार्मिक या जातीय वैमनस्य पैदा करना) और धारा 61(2) (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत दो नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस इस मामले की गहन विवेचना कर रही है और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी भी सुनिश्चित की जाएगी।
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अभिभावकों में भारी आक्रोश: बच्चियों को पहनाया हिजाब
\r\n\r\nइस पूरी घटना ने स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों में भारी आक्रोश और चिंता पैदा कर दी है। संभल के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली एक छात्रा राजनंदिनी के पिता प्रमोद कुमार ने अपनी व्यथा और नाराजगी मीडिया के सामने जाहिर की।
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प्रमोद कुमार ने बताया कि जब उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में अपनी छोटी सी बेटी को हिजाब पहने हुए देखा, तो वे भीतर तक आहत हो गए। उन्होंने कड़े शब्दों में आरोप लगाया कि:
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- \r\n बच्चे जब स्कूल से घर लौटते थे, तो अक्सर बताते थे कि स्कूल में इस्लामी प्रार्थना कराई जाती है।\r\n \r\n
- \r\n हिंदू बच्चों पर भी विशेष वेशभूषा पहनने और दूसरे धर्म के तौर-तरीके अपनाने का मानसिक दबाव बनाया जा रहा था।\r\n \r\n
- \r\n शिक्षा के नाम पर मासूम बच्चों का ब्रेनवाश करने की साजिश रची जा रही थी।\r\n \r\n
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अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे शिक्षकों को केवल निलंबित न किया जाए, बल्कि उन्हें हमेशा के लिए बर्खास्त कर जेल भेजा जाए।
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तीन सदस्यीय समिति करेगी विस्तृत और निष्पक्ष जांच
\r\n\r\nमामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन कोई भी पहलू छोड़ना नहीं चाहता है। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि इस प्रकरण की तह तक जाने और इसके पीछे छिपी पूरी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) की अध्यक्षता में यह तीन सदस्यीय समिति काम करेगी।
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यह समिति मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर जांच करेगी:
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- \r\n वायरल वीडियो में बच्चों की वेशभूषा (हिजाब आदि) किसने मुहैया कराई?\r\n \r\n
- \r\n स्कूल में यह मजहबी प्रार्थना कितने समय से चल रही थी?\r\n \r\n
- \r\n क्या इस कृत्य में गांव के किसी बाहरी व्यक्ति या किसी संस्था का भी हाथ है?\r\n \r\n
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प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि इस सूक्ष्म जांच के दौरान अन्य तथ्य या अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कठोरतम कानूनी और दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।
\r\n\r\nशिक्षा के मंदिर की पवित्रता जरूरी
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सरकारी स्कूल समाज की नींव होते हैं, जहां बच्चों को समानता, वैज्ञानिक सोच और राष्ट्रीय एकता का पाठ पढ़ाया जाता है। संभल के सरकारी स्कूल में मजहबी तालीम देने की यह घटना न केवल सरकारी गाइडलाइंस का घोर उल्लंघन है, बल्कि यह मासूम बच्चों के भविष्य के साथ एक भद्दा खिलवाड़ भी है। शिक्षा के मंदिर में किसी भी प्रकार का धार्मिक उन्माद समाज के लिए घातक साबित हो सकता है। उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन की त्वरित कार्रवाई यह संदेश देती है कि स्कूलों का इस्तेमाल धार्मिक एजेंडे के लिए करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अब सबकी निगाहें जांच समिति की अंतिम रिपोर्ट और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं, जिससे इस पूरी साजिश का सच जनता के सामने आ सकेगा।
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यूपी के संभल जिले के जालम सराय स्थित पीएम श्री सरकारी विद्यालय में मजहबी तालीम देने और हिंदू बच्चियों को हिजाब पहनाने का वीडियो वायरल होने पर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। अभिभावकों की शिकायत और खंड शिक्षा अधिकारी की जांच के बाद डीएम ने कड़ा एक्शन लेते हुए प्रधानाध्यापक सहित 3 शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। नखासा थाने में बीएनएस (BNS) की गंभीर धाराओं में 2 लोगों पर FIR दर्ज की गई है। मामले की तह तक जाने के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है, जो यह सुनिश्चित करेगी कि शिक्षा के मंदिर में मजहबी कट्टरता फैलाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो सके।
Sabse pehle comment karne wale banein.