एक बार फिर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देश की राजनीति में भूचाल ला दिया। इस दौरान उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर सीधा हमला बोला और आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्षता से काम करने की बजाय "वोट चोरी करने वालों" की रक्षा कर रहा है।

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राहुल गांधी ने कहा कि यह कोई मामूली आरोप नहीं है बल्कि लोकतंत्र पर सीधा हमला है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास पुख्ता सबूत हैं जिनसे यह स्पष्ट होता है कि भारत में चुनावी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष नहीं रही है।

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राहुल गांधी के आरोपों की पृष्ठभूमि

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भारत में चुनाव आयोग को हमेशा एक स्वतंत्र और निष्पक्ष संस्था माना गया है। इसकी जिम्मेदारी होती है कि वह चुनावों को निष्पक्ष, पारदर्शी और लोकतांत्रिक तरीके से सम्पन्न कराए। मगर समय-समय पर राजनीतिक दलों द्वारा आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए जाते रहे हैं।

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राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि

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“चुनाव आयोग की भूमिका आज सवालों के घेरे में है। मुख्य चुनाव आयुक्त का काम संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करना है, लेकिन वे सत्ता पक्ष के दबाव में आकर उन ताकतों को बचा रहे हैं जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नष्ट करना चाहती हैं।”

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उन्होंने कहा कि यह सिर्फ कांग्रेस का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे देश के लिए चेतावनी है।

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प्रेस कॉन्फ्रेंस की मुख्य बातें

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राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस लगभग एक घंटे चली और इसमें उन्होंने कई बड़े दावे किए। आइए जानते हैं इसकी अहम बातें:

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  • CEC पर गंभीर आरोप – राहुल गांधी ने सीधे-सीधे कहा कि CEC ज्ञानेश कुमार “वोट चोरों” की रक्षा कर रहे हैं।
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  • सबूतों का दावा – उन्होंने दस्तावेज़, गवाह और मतदाता सूचियों की गड़बड़ी पर आधारित प्रेज़ेंटेशन दिखाया।
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  • लोकतंत्र का संकट – गांधी ने कहा कि लोकतंत्र सिर्फ चुनाव जीतने-हारने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनता के भरोसे पर टिका है।
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  • जनता से अपील – उन्होंने आम मतदाताओं से अपील की कि वे जागरूक रहें और अपने वोट के अधिकार की रक्षा करें।
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राहुल गांधी की प्रेस वार्ता से जुड़ी अहम बातें

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  • यह दूसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस थी, पहली बार राहुल ने 7 अगस्त को "वोट चोरी" का मुद्दा उठाया था।
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  • उन्होंने प्रेज़ेंटेशन दिखाकर आरोप लगाया कि कांग्रेस के वोटरों के नाम सूची से जानबूझकर हटाए गए।
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  • राहुल अपने साथ उन वोटरों को भी लाए जिनके नाम सूची से डिलीट किए गए थे।
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  • आरोप है कि बिहार, हरियाणा, कर्नाटक और महाराष्ट्र में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की गई।
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  • राहुल ने कहा – “आज मैंने जो हाइड्रोजन बम छोड़ा है, उसके बाद मोदी का चेहरा नहीं दिख सकेगा।”
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  • कर्नाटक (आलंद) में 6018 वोट हटाए गए।
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  • महाराष्ट्र में 40 लाख फर्जी नाम वोटर लिस्ट में होने का दावा किया।
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  • हरियाणा में हार का कारण भी वोटर सूची में छेड़छाड़ को बताया।
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  • राहुल का आरोप है कि आयोग वोटर सूची की स्कैन/कॉपी की अनुमति नहीं देता और जानबूझकर प्रोटेक्शन लगाया गया।
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  • उन्होंने कहा कि वोटर सूची में “नए फर्जी नाम” जोड़े गए और वास्तविक 18 वर्ष से ऊपर मतदाताओं को हटाया गया।
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  • यह सब गड़बड़ियाँ योजनाबद्ध तरीके से की गईं और खासकर OBC, अल्पसंख्यक और आदिवासी समुदाय को प्रभावित किया गया।
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राहुल गांधी के प्रेस कॉन्फ्रेंस पर विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया

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राहुल गांधी के प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने कहा कि चुनाव आयोग को तुरंत इस पर सफाई देनी चाहिए।

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भाजपा ने राहुल गांधी के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि कांग्रेस अपनी हार को छिपाने के लिए ऐसे बयान देती रहती है।

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चुनाव आयोग पर बढ़ा दबाव

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अब सबकी नजर चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया पर है। यह देखना होगा कि CEC ज्ञानेश कुमार इन आरोपों पर क्या रुख अपनाते हैं। अगर आयोग ने पारदर्शी जांच का ऐलान नहीं किया तो विपक्ष इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बना सकता है।

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विशेषज्ञों का मानना है कि राहुल गांधी का यह बयान विपक्षी दलों को एकजुट करने का काम कर सकता है। वहीं, अगर यह मुद्दा अदालत तक जाता है तो आने वाले चुनावों पर इसका असर साफ दिखाई देगा।

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