एक बार फिर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देश की राजनीति में भूचाल ला दिया। इस दौरान उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर सीधा हमला बोला और आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्षता से काम करने की बजाय "वोट चोरी करने वालों" की रक्षा कर रहा है।
\r\n\r\nराहुल गांधी ने कहा कि यह कोई मामूली आरोप नहीं है बल्कि लोकतंत्र पर सीधा हमला है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास पुख्ता सबूत हैं जिनसे यह स्पष्ट होता है कि भारत में चुनावी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष नहीं रही है।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\nLIVE: Special Press Conference - Vote Chori Factory https://t.co/ne8cdFCnMs
\r\n— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 18, 2025
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राहुल गांधी के आरोपों की पृष्ठभूमि
\r\n\r\nभारत में चुनाव आयोग को हमेशा एक स्वतंत्र और निष्पक्ष संस्था माना गया है। इसकी जिम्मेदारी होती है कि वह चुनावों को निष्पक्ष, पारदर्शी और लोकतांत्रिक तरीके से सम्पन्न कराए। मगर समय-समय पर राजनीतिक दलों द्वारा आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए जाते रहे हैं।
\r\n\r\nराहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n“चुनाव आयोग की भूमिका आज सवालों के घेरे में है। मुख्य चुनाव आयुक्त का काम संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करना है, लेकिन वे सत्ता पक्ष के दबाव में आकर उन ताकतों को बचा रहे हैं जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नष्ट करना चाहती हैं।”
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उन्होंने कहा कि यह सिर्फ कांग्रेस का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे देश के लिए चेतावनी है।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस की मुख्य बातें
\r\n\r\nराहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस लगभग एक घंटे चली और इसमें उन्होंने कई बड़े दावे किए। आइए जानते हैं इसकी अहम बातें:
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- CEC पर गंभीर आरोप – राहुल गांधी ने सीधे-सीधे कहा कि CEC ज्ञानेश कुमार “वोट चोरों” की रक्षा कर रहे हैं। \r\n
- सबूतों का दावा – उन्होंने दस्तावेज़, गवाह और मतदाता सूचियों की गड़बड़ी पर आधारित प्रेज़ेंटेशन दिखाया। \r\n
- लोकतंत्र का संकट – गांधी ने कहा कि लोकतंत्र सिर्फ चुनाव जीतने-हारने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनता के भरोसे पर टिका है। \r\n
- जनता से अपील – उन्होंने आम मतदाताओं से अपील की कि वे जागरूक रहें और अपने वोट के अधिकार की रक्षा करें। \r\n
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राहुल गांधी की प्रेस वार्ता से जुड़ी अहम बातें
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- यह दूसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस थी, पहली बार राहुल ने 7 अगस्त को "वोट चोरी" का मुद्दा उठाया था। \r\n
- उन्होंने प्रेज़ेंटेशन दिखाकर आरोप लगाया कि कांग्रेस के वोटरों के नाम सूची से जानबूझकर हटाए गए। \r\n
- राहुल अपने साथ उन वोटरों को भी लाए जिनके नाम सूची से डिलीट किए गए थे। \r\n
- आरोप है कि बिहार, हरियाणा, कर्नाटक और महाराष्ट्र में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की गई। \r\n
- राहुल ने कहा – “आज मैंने जो हाइड्रोजन बम छोड़ा है, उसके बाद मोदी का चेहरा नहीं दिख सकेगा।” \r\n
- कर्नाटक (आलंद) में 6018 वोट हटाए गए। \r\n
- महाराष्ट्र में 40 लाख फर्जी नाम वोटर लिस्ट में होने का दावा किया। \r\n
- हरियाणा में हार का कारण भी वोटर सूची में छेड़छाड़ को बताया। \r\n
- राहुल का आरोप है कि आयोग वोटर सूची की स्कैन/कॉपी की अनुमति नहीं देता और जानबूझकर प्रोटेक्शन लगाया गया। \r\n
- उन्होंने कहा कि वोटर सूची में “नए फर्जी नाम” जोड़े गए और वास्तविक 18 वर्ष से ऊपर मतदाताओं को हटाया गया। \r\n
- यह सब गड़बड़ियाँ योजनाबद्ध तरीके से की गईं और खासकर OBC, अल्पसंख्यक और आदिवासी समुदाय को प्रभावित किया गया। \r\n
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राहुल गांधी के प्रेस कॉन्फ्रेंस पर विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया
\r\n\r\nराहुल गांधी के प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने कहा कि चुनाव आयोग को तुरंत इस पर सफाई देनी चाहिए।
\r\n\r\nभाजपा ने राहुल गांधी के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि कांग्रेस अपनी हार को छिपाने के लिए ऐसे बयान देती रहती है।
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चुनाव आयोग पर बढ़ा दबाव
\r\n\r\nअब सबकी नजर चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया पर है। यह देखना होगा कि CEC ज्ञानेश कुमार इन आरोपों पर क्या रुख अपनाते हैं। अगर आयोग ने पारदर्शी जांच का ऐलान नहीं किया तो विपक्ष इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बना सकता है।
\r\n\r\nविशेषज्ञों का मानना है कि राहुल गांधी का यह बयान विपक्षी दलों को एकजुट करने का काम कर सकता है। वहीं, अगर यह मुद्दा अदालत तक जाता है तो आने वाले चुनावों पर इसका असर साफ दिखाई देगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.