ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा सिटी) क्षेत्र के लिए एक बड़ी खबर है। यमुना विकास प्राधिकरण (यीडा) की बोर्ड बैठक 7 नवंबर 2025 को होने जा रही है, जिसमें परिवहन और विकास के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक प्रस्तावों पर मुहर लगने की संभावना है। इस बैठक का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (Noida Airport) को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए हाइड्रोजन बसों के संचालन का है। इस पहल से यीडा सिटी को देश के पहले ग्रीन ट्रांसपोर्ट मॉडल के रूप में नई पहचान मिलेगी।READ ALSO:-मौसम का 'डबल अटैक': कल से चलेंगी बर्फीली हवाएं, पश्चिमी विक्षोभ से बढ़ेगी ठिठुरन, IMD ने जारी किया बारिश-बर्फबारी का अलर्ट
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ग्रेटर नोएडा को ग्रीन सिटी बनाने का विजन

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यीडा सिटी को न केवल औद्योगिक और आवासीय केंद्र के रूप में, बल्कि एक पर्यावरण-अनुकूल क्षेत्र के रूप में विकसित करने का विजन है। एनटीपीसी (NTPC) द्वारा प्रायोजित यह हाइड्रोजन बस परियोजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सोमवार को प्राधिकरण के सीईओ आरके सिंह की अध्यक्षता में अधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें 7 नवंबर की बोर्ड बैठक का विस्तृत एजेंडा तैयार किया गया।
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हाइड्रोजन बसें - 'बस' नहीं, क्रांति है!

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यह प्रस्ताव Greater Noida क्षेत्र की परिवहन प्रणाली को बदल देगा।
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    पायलट प्रोजेक्ट: शुरुआती चरण में, यह एक तीन वर्षीय पायलट प्रोजेक्ट होगा।
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    संचालन: एनटीपीसी (NTPC) ने यमुना सिटी क्षेत्र में 4 लग्जरी हाइड्रोजन एसी बसों के संचालन का प्रस्ताव दिया है।
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    अद्वितीय लाभ (Zero Emission): ये बसें पूरी तरह प्रदूषण मुक्त होंगी। इनके चलने पर केवल भाप (Water Vapour) निकलेगी, जिससे वायु प्रदूषण बिल्कुल नहीं होगा।
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    रेंज: ये आधुनिक बसें एक बार ईंधन भरने पर लगभग 600 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकेंगी, जो लंबी दूरी की कनेक्टिविटी के लिए उपयुक्त है।
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जिम्मेदारी का बंटवारा

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पायलट प्रोजेक्ट की सफलता सुनिश्चित करने के लिए यमुना प्राधिकरण और एनटीपीसी के बीच जिम्मेदारियों का बंटवारा किया गया है:
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    ईंधन और रखरखाव: हाइड्रोजन ईंधन भरने और बसों के रखरखाव की जिम्मेदारी एनटीपीसी संभालेगा।
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    मानव संसाधन: ड्राइवर और परिचालक (कंडक्टर) की व्यवस्था यमुना प्राधिकरण स्वयं संभालेगा।
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    भविष्य की योजना: यदि यह योजना सफल रहती है, तो इसे पूरे दिल्ली-एनसीआर के ग्रीन ट्रांसपोर्ट मॉडल के रूप में लागू किया जाएगा।
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नोएडा एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी में सुधार

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इस हाइड्रोजन बस सेवा की शुरुआत से नोएडा एयरपोर्ट तक की कनेक्टिविटी न केवल तेज, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी हो जाएगी। यह यीडा सिटी को भारत में सार्वजनिक परिवहन के लिए स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने में अग्रणी बना देगा।
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राया हेरिटेज सिटी परियोजना

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7 नवंबर की बोर्ड बैठक में एक और बड़ा प्रस्ताव राया हेरिटेज सिटी परियोजना को धरातल पर उतारने से जुड़ा है।
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    रूट बदलाव: परियोजना के तहत सड़क निर्माण के रूट में बदलाव पर चर्चा होगी, ताकि प्रभावित क्षेत्रों को कम से कम नुकसान हो।
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    विकास मॉडल का चयन: यह भी तय किया जाएगा कि परियोजना को पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड में विकसित किया जाए या यमुना प्राधिकरण स्वयं इसे आगे बढ़ाए।
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इन प्रमुख प्रस्तावों के अलावा, विभिन्न आवासीय भूखंड योजनाओं से जुड़े प्रस्तावों पर भी मुहर लगने की संभावना है।
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