दिल्ली और नोएडा (Delhi-Noida Traffic) के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों नौकरीपेशा और आम यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में ट्रैफिक के बढ़ते दबाव को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) ने अपने महत्वाकांक्षी चिल्ला एलिवेटेड रोड (Chilla Elevated Road) प्रोजेक्ट के डिजाइन और दायरे में व्यापक विस्तार किया है।
\r\n\r\nदिल्ली के मयूर विहार फ्लाईओवर से नोएडा के महामाया फ्लाईओवर तक प्रस्तावित इस एलिवेटेड रोड को अब सीधे नोएडा सेक्टर-94 और यमुना पुश्ते से कनेक्ट किया जाएगा। इस नए रूट के बन जाने से न केवल महामाया फ्लाईओवर का ट्रैफिक लोड खत्म होगा, बल्कि कालिंदी कुंज, ग्रेटर नोएडा और एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले वाहनों को बिना किसी रुकावट के सरपट दौड़ने का रास्ता मिल जाएगा।
\r\n\r\nभंगेल एलिवेटेड रोड से भी दोगुना ऊंचा होगा नया मार्ग
\r\n\r\nइस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी और तकनीकी विशेषता इसकी ऊंचाई है। नोएडा में अब तक निर्मित दोनों प्रमुख एलिवेटेड रोड (मास्टर प्लान रोड नंबर 3 और नोएडा-भंगेल एलिवेटेड रोड) की औसत ऊंचाई जमीन से लगभग 10 मीटर रखी गई है। लेकिन सेक्टर-38 से सेक्टर-94 को जोड़ने वाला यह नया 2 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड 20 मीटर की ऊंचाई (लगभग 6 मंजिल इमारत के बराबर) पर तैयार किया जाएगा।
\r\n\r\n20 मीटर ऊंचाई रखने का तकनीकी कारण:
\r\n\r\nप्रस्तावित एलिवेटेड रोड का अलाइनमेंट इस तरह से तय किया गया है कि इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा दिल्ली मेट्रो की मजेंटा लाइन (Magenta Line Metro Track) के ऊपर से होकर गुजरेगा। चूंकि मेट्रो का एलीवेटेड ट्रैक पहले से ही काफी ऊंचाई पर स्थित है, इसलिए सुरक्षा मानकों और क्लीयरेंस को ध्यान में रखते हुए इस नए सड़क मार्ग को मेट्रो लाइन के ऊपर से गुजारने का फैसला लिया गया है। यही कारण है कि इसकी ऊंचाई सामान्य एलिवेटेड रोड से दोगुनी यानी 20 मीटर रखी गई है।
\r\n\r\n1.5 किमी से बढ़ाकर 2 किमी की गई लंबाई, पुश्ते के लिए बनेगा स्पेशल ब्रिज
\r\n\r\nशुरुआती योजना में महामाया फ्लाईओवर से सेक्टर-94 तक बनने वाले इस कनेक्टिंग एलिवेटेड रोड की कुल लंबाई 1.5 किलोमीटर तय की गई थी। हालांकि, जमीनी ट्रैफिक के अध्ययन के बाद इसमें 500 मीटर का अतिरिक्त विस्तार किया गया है, जिससे अब इसकी कुल लंबाई 2 किलोमीटर हो गई है।
\r\n\r\nयमुना पुश्ते तक सीधी एंट्री:
\r\n\r\nअथॉरिटी के अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली और चिल्ला एलिवेटेड रोड की तरफ से आने वाले जो वाहन कालिंदी कुंज या यमुना पुश्ते (Sector 94 Yamuna Pushta) की तरफ जाना चाहते हैं, उन्हें महामाया फ्लाईओवर के आसपास लगने वाले जाम में नहीं फंसना पड़ेगा। इसके लिए महामाया फ्लाईओवर के समीप एलिवेटेड रोड से पुश्ते तक सीधी कनेक्टिविटी देने वाला एक विशेष लूप/पुल (Ramp Bridge) तैयार किया जाएगा। इससे वाहन सीधे नीचे उतरे बिना ही अपने गंतव्य की ओर मुड़ सकेंगे।
\r\n\r\nIIT रुड़की ने सौंपी DPR, नोएडा अथॉरिटी ने दिए संशोधन के सुझाव
\r\n\r\nइस पूरे बहुउद्देश्यीय इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT रुड़की (IIT Roorkee) द्वारा तैयार किया जा रहा है। आईआईटी रुड़की की विशेषज्ञ टीम पिछले करीब डेढ़ महीने से इस प्रोजेक्ट का तकनीकी सर्वेक्षण, मिट्टी की जांच और ट्रैफिक डेंसिटी का विश्लेषण कर रही थी।
\r\n\r\nहाल ही में आईआईटी रुड़की ने अपनी प्रारंभिक (Draft) डीपीआर रिपोर्ट नोएडा प्राधिकरण को सौंपी है। नोएडा प्राधिकरण के सिविल इंजीनियरिंग विंग ने इस रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद इसमें कुछ व्यावहारिक बदलावों के सुझाव दिए हैं:
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- \r\n निर्बाध ट्रैफिक फ्लो: अथॉरिटी का मानना है कि चूंकि यह रोड चिल्ला एलिवेटेड से सीधे कनेक्ट हो रहा है, इसलिए महामाया फ्लाईओवर के पास यमुना पुश्ते की तरफ जाने वाले वाहनों के लिए ऐसा रैंप बनाया जाए, जिससे मेन कैरिजवे पर कोई बॉटलनेक (Botlenecks) न बने।\r\n \r\n
- \r\n फाइनल DPR का इंतजार: अथॉरिटी द्वारा दिए गए संशोधनों को शामिल करते हुए आईआईटी रुड़की बहुत जल्द अपनी फाइनल डीपीआर सौंपेगा, जिसके बाद टेंडर प्रक्रिया और प्रशासनिक वित्तीय स्वीकृतियों का काम शुरू किया जाएगा।\r\n \r\n
\r\n\r\n300 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत और फंडिंग प्लान
\r\n\r\nआईआईटी रुड़की द्वारा तैयार किए गए शुरुआती आकलन के मुताबिक, 2 किलोमीटर लंबे इस 20 मीटर ऊंचे एलिवेटेड सेक्शन और इससे जुड़े कनेक्टिविटी ब्रिज के निर्माण में लगभग 300 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान जताया गया है।
\r\n\r\nअधिकारियों का कहना है कि फाइनल डीपीआर में डिजाइन संशोधनों और निर्माण सामग्री की वर्तमान दरों के आधार पर यह बजट थोड़ा घट या बढ़ सकता है। इस बजट को नोएडा अथॉरिटी और यूपी शासन के इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के सहयोग से पूरा किए जाने की योजना है।
\r\n\r\nकिसे और कैसे मिलेगा इस नए प्रोजेक्ट का सीधा फायदा?
\r\n\r\nइस नए 2 किमी लंबे एलिवेटेड एक्सटेंशन के तैयार होने से एनसीआर के लाखों वाहन चालकों को निम्नलिखित बड़े फायदे मिलेंगे:
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- \r\n महामाया फ्लाईओवर को जाम से मुक्ति: वर्तमान में दिल्ली, मयूर विहार और नोएडा की तरफ से कालिंदी कुंज या एक्सप्रेसवे पर जाने वाला पूरा ट्रैफिक महामाया फ्लाईओवर पर जाकर मर्ज होता है, जिससे पिक-आवर्स में घंटों जाम लगता है। नया रोड इस ट्रैफिक को ऊपर ही ऊपर डिवाइड कर देगा।\r\n \r\n
- \r\n नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर सुगम सफर: दिल्ली से आकर सीधे ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे या आगरा जाने वाले चालकों को सिग्नल-फ्री रास्ता मिलेगा।\r\n \r\n
- \r\n यमुना पुश्ता और सेक्टर-94 का विकास: सेक्टर-94, 124, 125 (एमिटी यूनिवर्सिटी क्षेत्र) और कालिंदी कुंज बाईपास की तरफ जाने वाले वाहनों के सफर के समय में 15 से 20 मिनट की सीधी बचत होगी।\r\n \r\n
\r\n\r\nदिल्ली-नोएडा के इंफ्रास्ट्रक्चर में नया मील का पत्थर
\r\n\r\nनोएडा प्राधिकरण द्वारा चिल्ला एलिवेटेड रोड को सेक्टर-94 और यमुना पुश्ते से जोड़ने का यह फैसला क्षेत्र की आगामी 20-25 सालों की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है। मेट्रो लाइन के ऊपर 20 मीटर ऊंचा एलिवेटेड रोड बनाना भले ही सिविल इंजीनियरिंग के लिहाज से एक चुनौतीपूर्ण कार्य होगा, लेकिन इसके बन जाने के बाद यह मार्ग दिल्ली और नोएडा के बीच यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से बदल कर रख देगा।
Sabse pehle comment karne wale banein.