उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) जिले से एक बेहद सनसनीखेज और दर्दनाक घटना सामने आई है। जिले के मंसूरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नोना गांव में सोमवार (19 अक्टूबर) की सुबह एक पति-पत्नी ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ खा लिया। इस घटना में पत्नी की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि पति की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। दिनदहाड़े हुई इस घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
इलाज के दौरान पत्नी की मौत, पति दिल्ली रेफर खतौली सर्किल की सीओ (CO Khatauli) रूपाली रॉय चौधरी ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार सुबह करीब 9 बजे डायल-112 के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली थी कि नोना गांव में एक दंपति ने जहर खा लिया है। सूचना पाकर मंसूरपुर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने आनन-फानन में 30 वर्षीय दिनेश कुमार (पुत्र रत्न सिंह) और उसकी 28 वर्षीय पत्नी दीपा को इलाज के लिए बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज (Begrajpur Medical College) में भर्ती कराया।
सीओ के मुताबिक, अस्पताल में उपचार के दौरान पत्नी दीपा ने दम तोड़ दिया। वहीं, दिनेश की हालत लगातार बिगड़ती देख डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के अपोलो अस्पताल (Apollo Hospital) रेफर कर दिया है, जहां वह जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।
मायके वालों ने लगाए प्रताड़ना के गंभीर आरोप इस दुखद घटना के बाद मृतका दीपा के परिजनों ने दिनेश और उसके परिवार (ससुराल पक्ष) पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। मायके वालों का कहना है कि दीपा को लंबे समय से ससुराल में परेशान और प्रताड़ित किया जा रहा था। परिजनों ने यह भी सनसनीखेज आरोप लगाया है कि दीपा ने खुद जहर नहीं खाया, बल्कि उसे जानबूझकर मौत के मुंह में धकेला गया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इन संगीन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
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पुलिस कर रही मामले की गहन जांच फिलहाल, पुलिस प्रथम दृष्टया इस घटना को पति-पत्नी द्वारा उठाया गया आत्मघाती कदम (आत्महत्या का प्रयास) मानकर चल रही है। मंसूरपुर थाना पुलिस ने मृतका दीपा के शव का पंचायतनामा (Panchnama) भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी औपचारिकताएं शुरू कर दी हैं।
मंसूरपुर पुलिस के अनुसार, फिलहाल नोना गांव में कानून और शांति व्यवस्था पूरी तरह से सामान्य है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और दोनों पक्षों (मायके और ससुराल) के विस्तृत बयानों के आधार पर ही इस मामले की असली सच्चाई सामने आ सकेगी, जिसके अनुरूप सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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