मुरादाबाद में सोमवार दोपहर एक बड़ा हादसा सामने आया। कटघर थाना क्षेत्र के अंतर्गत रामपुर दोराहे के पास स्थित एक प्रमुख हैंडीक्राफ्ट और लकड़ी की फैक्ट्री, आरएच इंटरनेशनल, में अचानक भीषण आग लग गई। दोपहर के समय लगी इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि फैक्ट्री के अंदर से 20 फीट ऊंची आग की दीवार उठती दिखाई दे रही थी, जिसने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया।
इस घटना से निकलने वाले धुएं का गुबार इतना घना और विशाल था कि उसे घटनास्थल से लगभग दो किलोमीटर दूर से भी साफ तौर पर देखा जा सकता था। आसमान में काले धुएं के छा जाने और हवा में केमिकल जलने की गंध फैलने के कारण आसपास के लोगों को गंभीर घुटन महसूस होने लगी।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और इलाके को खाली कराना आग की भयावहता और धुएं से लोगों की बिगड़ती हालत को देखते हुए मुरादाबाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला। किसी भी तरह की जनहानि को रोकने और रेस्क्यू ऑपरेशन को सुचारू रूप से चलाने के लिए पुलिस ने सबसे पहले फैक्ट्री के आसपास के पूरे आवासीय और व्यावसायिक इलाके को खाली कराना शुरू कर दिया। सुरक्षा की दृष्टि से यातायात को भी डायवर्ट कर दिया गया है ताकि दमकल की गाड़ियों को मौके तक पहुंचने में कोई बाधा न आए। घुटन और धुएं के कारण लोगों से अपील की गई है कि वे घटनास्थल से दूर रहें और अपने घरों की खिड़कियां बंद रखें।
राहत एवं बचाव कार्य: 10 से ज्यादा दमकल गाड़ियां मौके पर घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग (Fire Department) की टीम फौरन हरकत में आ गई। मुरादाबाद जिले की 10 से अधिक दमकल गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू कर दिया। हालांकि, आग का रूप इतना विकराल था कि स्थानीय संसाधन नाकाफी साबित होने लगे। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) डॉ. राजीव कुमार पांडेय स्वयं मौके पर मौजूद हैं और राहत तथा बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं।
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join ›डॉ. राजीव कुमार पांडेय ने हालात की गंभीरता की पुष्टि करते हुए आधिकारिक बयान में कहा कि आग की भयावहता बहुत अधिक है। इसे देखते हुए केवल मुरादाबाद की दमकल गाड़ियों से स्थिति को नियंत्रित करना संभव नहीं था, इसलिए तत्काल प्रभाव से पड़ोसी जिले रामपुर से भी दमकल की अतिरिक्त गाड़ियां मंगानी पड़ी हैं। दमकल कर्मी चारों तरफ से पानी और फोम की बौछार कर रहे हैं, लेकिन आग फैक्ट्री के भीतरी हिस्सों में गहराई तक फैल चुकी है।
आग तेजी से फैलने का मुख्य कारण: केमिकल और थिनर का भारी स्टॉक अग्निशमन विभाग के अनुसार, मुरादाबाद फैक्ट्री आग के इतनी तेजी से और बेकाबू होने के पीछे सबसे बड़ा कारण फैक्ट्री के अंदर मौजूद ज्वलनशील सामग्री का भारी स्टॉक था। चूंकि यह एक हैंडीक्राफ्ट और फर्नीचर निर्माण की इकाई है, इसलिए यहां भारी मात्रा में थिनर, पेंट, विभिन्न प्रकार के इंडस्ट्रियल केमिकल और सूखी लकड़ी का भंडारण किया गया था। जैसे ही आग ने इन रसायनों और थिनर के ड्रमों को अपनी चपेट में लिया, वह विस्फोट के साथ पूरी फैक्ट्री में फैल गई। केमिकल की वजह से पानी का असर भी आग पर कम हो रहा है, जिससे दमकल कर्मियों को आग बुझाने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

फैक्ट्री की पृष्ठभूमि और करोड़ों का नुकसान जिस आरएच इंटरनेशनल फैक्ट्री में यह हादसा हुआ है, वह मुरादाबाद के बड़े निर्यातकों में से एक मानी जाती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस फैक्ट्री के मालिक का नाम तस्लीम है। यह इकाई मुख्य रूप से लैंप, प्रीमियम कर्टेन रॉड्स, डिजाइनर लकड़ी का फर्नीचर और विशेष मेटल हैंडीक्राफ्ट तैयार करने का काम करती है। मुरादाबाद, जिसे 'पीतल नगरी' के नाम से जाना जाता है, वहां से इस फैक्ट्री का माल सीधे विदेशों में सप्लाई होता था।
आग लगने से फैक्ट्री में रखा कच्चा माल, करोड़ों रुपये का तैयार एक्सपोर्ट ऑर्डर, महंगी मशीनरी और पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर जलकर खाक हो गया है। आर्थिक रूप से यह एक बहुत बड़ा नुकसान है। स्थानीय हैंडीक्राफ्ट उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि आगामी त्योहारी और विदेशी निर्यात के सीजन को देखते हुए फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर माल तैयार किया जा रहा था।
मजदूरों की स्थिति और आग के कारणों की जांच इस पूरी घटना में सबसे बड़ी चिंता का विषय यह है कि आग लगने के वक्त फैक्ट्री के अंदर कितने मजदूर और कर्मचारी काम कर रहे थे। सोमवार का दिन होने के कारण फैक्ट्री में सामान्य कामकाज चल रहा था। आग किस वजह से लगी—क्या यह कोई शॉर्ट सर्किट था, या केमिकल हैंडलिंग में हुई कोई चूक—यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।
प्रशासन का पहला लक्ष्य फिलहाल आग पर पूरी तरह से काबू पाना है। आग के पूरी तरह शांत होने और कूलिंग प्रक्रिया के बाद ही फॉरेंसिक टीम और पुलिस अंदर प्रवेश कर सकेगी। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि अंदर कोई जनहानि हुई है या नहीं, और आग लगने का सटीक कारण क्या था। प्रशासन यह भी जांच करेगा कि फैक्ट्री में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम (NOC) थे या नहीं और क्या औद्योगिक सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से पालन किया जा रहा था। फिलहाल, कटघर थाना पुलिस मामले की पल-पल की निगरानी कर रही है और हर स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट पर है।
Sabse pehle comment karne wale banein.