राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) अपने उत्तर प्रदेश दौरे के अगले पड़ाव के तहत गुरुवार देर रात मेरठ पहुंच गए हैं। राजधानी लखनऊ से वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के जरिए सफर तय करते हुए वे रात लगभग 9 बजकर 5 मिनट पर मेरठ सिटी रेलवे स्टेशन पहुंचे। स्टेशन पर पहुंचते ही RSS कार्यकर्ताओं और स्थानीय पदाधिकारियों ने उनका बेहद गर्मजोशी और उत्साह के साथ जोरदार स्वागत किया। संघ प्रमुख का यह दौरा इसलिए भी बेहद खास और ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि RSS के इतिहास में यह पहली बार होने जा रहा है जब सरसंघचालक सीधे तौर पर देश के दिग्गज खिलाड़ियों (Sportspersons) के साथ एक मंच पर संवाद करेंगे।READ ALSO:-सिनेमा के पर्दे पर जातियों का टकराव: 'यादव-जी की लव स्टोरी' पर संभल में भारी बवाल, निर्माता-निर्देशक और लीड एक्टर्स पर FIR दर्ज
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कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच, स्टेशन पर संक्षिप्त स्वागत के बाद मोहन भागवत का काफिला सीधे शताब्दी नगर स्थित 'माधवकुंज' (Madhavkunj) के लिए रवाना हो गया। यहीं पर उनके दो दिवसीय (20 और 21 फरवरी) प्रवास और संवाद कार्यक्रमों की पूरी रूपरेखा तैयार की गई है। इस दौरे का मुख्य फोकस समाज के प्रबुद्ध वर्ग और खेल जगत की हस्तियों के साथ 'सामाजिक समरसता' (Social Harmony) और राष्ट्र निर्माण के मुद्दों पर विचार-विमर्श करना है। आइए, मोहन भागवत के इस महत्वपूर्ण मेरठ दौरे के पूरे कार्यक्रम, खिलाड़ियों के साथ होने वाले इस अनूठे संवाद के मायने और लखनऊ में उनके हालिया बयानों का विस्तार से विश्लेषण करते हैं।
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मोहन भागवत का तीन दिवसीय 'माधवकुंज' प्रवास: पूरा कार्यक्रम

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सरसंघचालक मोहन भागवत का मेरठ दौरा केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह संघ के 'संपर्क और संवाद' (Contact and Dialogue) अभियान का एक बहुत ही रणनीतिक हिस्सा है। उनके इस तीन दिवसीय प्रवास (19 से 21 फरवरी) के कार्यक्रम को बेहद सावधानी और सूझबूझ के साथ डिजाइन किया गया है:
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    19 फरवरी (गुरुवार): देर रात 9:05 बजे वंदे भारत ट्रेन से मेरठ सिटी स्टेशन आगमन। स्टेशन पर कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य स्वागत। इसके बाद सीधे शताब्दी नगर स्थित 'माधवकुंज' परिसर प्रस्थान, जहां वे रात्रि विश्राम करेंगे।
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    20 फरवरी (शुक्रवार): यह दिन पूरी तरह से खेल जगत को समर्पित रहेगा। संघ प्रमुख भारत का मान बढ़ाने वाले राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों, कोचों और खेल से जुड़े प्रबुद्धजनों (Intellectuals) के साथ एक विशेष सत्र में संवाद करेंगे।
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    21 फरवरी (शनिवार): दौरे के अंतिम दिन, मोहन भागवत मेरठ और ब्रज प्रांत (Braj Prant) के अंतर्गत आने वाले 28 जिलों के प्रबुद्ध नागरिकों, शिक्षाविदों, डॉक्टरों और विचारकों के साथ एक विस्तृत बैठक करेंगे। इस सत्र का मुख्य विषय 'सामाजिक समरसता', छुआछूत का अंत और समाज के सभी वर्गों को एक साथ लेकर चलने की संघ की विचारधारा पर केंद्रित होगा।
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 मोहन भागवत गुरुवार देर रात वंदे भारत ट्रेन से मेरठ पहुंचे।

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RSS के इतिहास में पहली बार: खिलाड़ियों के साथ सीधा संवाद

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इस दौरे की जो बात सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रही है, वह है 20 फरवरी को होने वाला खिलाड़ियों का संवाद सत्र। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) आमतौर पर अपनी शाखाओं, बौद्धिक वर्गों और सामाजिक कार्यों के लिए जाना जाता है, लेकिन यह पहला मौका है जब संघ प्रमुख खेल बिरादरी के साथ इतने बड़े स्तर पर एक 'इंटरैक्टिव सेशन' (Interactive Session) करने जा रहे हैं।
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मेरठ का ही चयन क्यों? इस अनूठे कार्यक्रम के लिए मेरठ को चुनना कोई संयोग नहीं है। मेरठ को भारत की 'स्पोर्ट्स कैपिटल' (Sports Capital) या खेल नगरी के रूप में भी जाना जाता है। यहां से न केवल विश्वस्तरीय खिलाड़ी निकले हैं, बल्कि मेरठ का खेल उद्योग (Sports Goods Industry) पूरी दुनिया में भारत का डंका बजा रहा है।
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कौन-कौन दिग्गज होंगे शामिल? माधवकुंज में सजे विशाल पंडाल में होने वाले इस कार्यक्रम के लिए खेल जगत की कई बड़ी हस्तियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
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    पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना (Suresh Raina)
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    तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार (Bhuvneshwar Kumar)
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    पूर्व क्रिकेटर प्रवीण कुमार (Praveen Kumar)
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    जानी-मानी महिला पहलवान और अर्जुन अवार्डी अलका तोमर (Alka Tomar)
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इनके अलावा एथलेटिक्स, निशानेबाजी और कुश्ती से जुड़े कई अन्य राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी इस मंच की शोभा बढ़ाएंगे।
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संवाद का स्वरूप: सामाजिक अनुभव और सवालों के जवाब

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इस संवाद कार्यक्रम का उद्देश्य केवल औपचारिक बातचीत तक सीमित नहीं है। संघ सूत्रों के अनुसार, मोहन भागवत खिलाड़ियों से उनके 'सामाजिक अनुभवों' (Social Experiences) के बारे में जानेंगे। खिलाड़ी जब देश-विदेश की यात्राएं करते हैं और विभिन्न संस्कृतियों के लोगों से मिलते हैं, तो वे समाज को किस नजरिए से देखते हैं? राष्ट्र निर्माण में खेल और खिलाड़ियों की क्या भूमिका हो सकती है? इन सभी गंभीर विषयों पर चर्चा होगी।
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सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस सत्र में 'प्रश्न-उत्तर' (Q&A) का भी समय रखा गया है। खिलाड़ी सीधे तौर पर संघ प्रमुख से अपने मन के सवाल पूछ सकेंगे और मोहन भागवत उनके सवालों के जवाब देकर संघ के दृष्टिकोण (RSS Perspective) को स्पष्ट करेंगे। यह खुला संवाद समाज में संघ की छवि को और अधिक समावेशी (Inclusive) बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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खेल विश्वविद्यालय के कुलपति को अहम जिम्मेदारी

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उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में खेल का वातावरण (Sports Ecosystem) बदलने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में, प्रदेश का पहला और बहुप्रतीक्षित 'मेजर ध्यानचंद राज्य खेल विश्वविद्यालय' (Major Dhyan Chand State Sports University) मेरठ के सलावा (Salawa) गांव में आकार ले रहा है। उम्मीद है कि इसी साल (2026) से इस विश्वविद्यालय में पढ़ाई और खिलाड़ियों की प्रोफेशनल ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी।
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खेल को बढ़ावा देने के इसी विजन के साथ, 20 फरवरी को माधवकुंज में होने वाले खिलाड़ियों के इस विशेष सत्र की अध्यक्षता (Presidency) की जिम्मेदारी खेल विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति (First Vice-Chancellor), रिटायर्ड मेजर जनरल दीप अहलावत (Retd. Major General Deep Ahlawat) को सौंपी गई है। उनकी उपस्थिति इस कार्यक्रम को एक रणनीतिक और अकादमिक वजन भी प्रदान करेगी।
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सुरक्षा व्यवस्था और रूट डायवर्जन (Security & Traffic Plan)

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संघ प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) को 'जेड प्लस' (Z+) श्रेणी की वीवीआईपी (VVIP) सुरक्षा प्राप्त है। उनके मेरठ दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा के चाक-चौबंद और त्रिस्तरीय (Three-tier) इंतजाम किए हैं।
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गुरुवार रात सिटी रेलवे स्टेशन पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। स्टेशन परिसर में चप्पे-चप्पे पर खुफिया एजेंसियों (Intelligence Agencies) और डॉग स्क्वायड की नजर थी। संघ प्रमुख के आगमन के दौरान (रात 9:30 बजे के आसपास) करीब 15-20 मिनट के लिए सिटी रेलवे स्टेशन से लेकर घंटाघर, रेलवे चौपला, मेट्रो प्लाजा और शताब्दी नगर (माधवकुंज) तक के पूरे रूट पर आम वाहनों की आवाजाही को एहतियातन रोक (Restricted) दिया गया था।
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मेरठ ट्रैफिक पुलिस (Traffic Police) ने शुक्रवार और शनिवार के कार्यक्रमों के लिए एक विस्तृत रूट डायवर्जन प्लान भी तैयार किया है, ताकि माधवकुंज के आसपास वीआईपी मूवमेंट के कारण आम जनता को कम से कम असुविधा का सामना करना पड़े।
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बैकग्राउंड: लखनऊ में CM योगी से मुलाकात और भागवत के तीखे बयान

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मेरठ पहुंचने से ठीक पहले, मोहन भागवत दो दिन (मंगलवार और बुधवार) के लिए उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) के प्रवास पर थे। लखनऊ में उनका दौरा संगठनात्मक बैठकों और कई कड़े वैचारिक बयानों के कारण काफी चर्चा में रहा।
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CM योगी के साथ 40 मिनट की बैठक: बुधवार शाम को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने खुद लखनऊ के निरालानगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल पहुंचकर RSS प्रमुख से शिष्टाचार मुलाकात की। स्कूल के 'सरस्वती कुंज' परिसर में दोनों शीर्ष नेताओं के बीच करीब 40 मिनट तक बंद कमरे में बातचीत हुई। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि इस मुलाकात में राज्य के राजनीतिक हालात, 2027 के विधानसभा चुनावों की प्रारंभिक तैयारियों, और हिंदू समाज के एकीकरण (Hindu Consolidation) के मुद्दों पर गहन मंथन हुआ। इससे पहले इन दोनों नेताओं की मुलाकात 25 नवंबर 2025 को अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर के धर्म ध्वजा समारोह के दौरान हुई थी। 
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लखनऊ में भागवत का 'हिंदुत्व' पर जोर: बुधवार को ही लखनऊ यूनिवर्सिटी और इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित प्रबुद्ध वर्ग के कार्यक्रमों को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कई स्पष्ट और कड़े संदेश दिए:
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    'घर वापसी' और भेदभाव का अंत: भागवत ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "भारत में रहने वाले मुस्लिम भी मूलतः हिंदू हैं, वे कोई अरब से नहीं आए हैं। इसलिए 'घर वापसी' (Ghar Wapsi) का काम तेज होना चाहिए।" उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि जो लोग वापस हिंदू धर्म में लौटें, समाज को उनका पूरा ध्यान रखना होगा। "मंदिर, कुआं और श्मशान सभी हिंदुओं के लिए समान रूप से खुले होने चाहिए; उनमें जाति के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।"
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    जनसंख्या दर पर चिंता (Population Policy): हिंदुओं की घटती जनसंख्या दर पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए संघ प्रमुख ने कहा, "हिंदुओं के कम से कम तीन बच्चे होने चाहिए। अभी यह दर (TFR) घटकर 2.1 रह गई है, जिसे बढ़ाकर कम से कम 3 किया जाना चाहिए। इतिहास गवाह है कि जिस समाज में औसतन तीन से कम बच्चे होते हैं, वह समाज भविष्य में धीरे-धीरे समाप्त हो जाता है।" उन्होंने युवाओं से शादी के बाद इस बात का ध्यान रखने का आह्वान किया।
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कुल मिलाकर, RSS प्रमुख मोहन भागवत का यह मेरठ दौरा संघ की कार्यप्रणाली में आ रहे एक नए बदलाव का संकेत देता है। जहां एक ओर लखनऊ में उन्होंने संघ की 'कोर' हिंदुत्व विचारधारा (Core Hindutva Ideology), जनसंख्या संतुलन और 'घर वापसी' जैसे पारंपरिक मुद्दों पर जोर दिया, वहीं दूसरी ओर मेरठ में वे खेल जगत (Sports Fraternity) जैसी बिल्कुल नई और आधुनिक 'ऑडियंस' (Audience) के साथ जुड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
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सुरेश रैना और भुवनेश्वर कुमार जैसे लोकप्रिय खिलाड़ियों के साथ संघ प्रमुख का यह खुला संवाद निश्चित रूप से युवाओं के बीच RSS की स्वीकार्यता और पहुंच को बढ़ाने में मददगार साबित होगा। 21 फरवरी को ब्रज और मेरठ प्रांत के 28 जिलों के प्रबुद्धजनों के साथ होने वाली बैठक इस दौरे का समापन करेगी, जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 'सामाजिक समरसता' का एक मजबूत संदेश जमीन तक पहुंचेगा।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत गुरुवार रात वंदे भारत ट्रेन से अपने दो दिवसीय दौरे पर मेरठ पहुंच गए हैं, जहां शताब्दी नगर के 'माधवकुंज' में उनका भव्य स्वागत हुआ। इस दौरे की सबसे बड़ी खासियत 20 फरवरी को होने वाला संवाद कार्यक्रम है, जहां RSS के इतिहास में पहली बार संघ प्रमुख देश के दिग्गज खिलाड़ियों (जैसे सुरेश रैना, भुवनेश्वर कुमार, अलका तोमर) से 'सामाजिक समरसता' और उनके अनुभवों पर सीधा संवाद करेंगे। 21 फरवरी को वे 28 जिलों के प्रबुद्धजनों को संबोधित करेंगे। इससे पहले लखनऊ में भागवत ने CM योगी से 40 मिनट की मुलाकात की थी और 'हिंदुओं के कम से कम 3 बच्चे होने', 'घर वापसी' और 'भारत के मुस्लिमों के हिंदू होने' जैसे कड़े वैचारिक बयान दिए थे।
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