मोदीपुरम: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में शुरू होने वाली रैपिड-मेट्रो (RRTS) सेवाओं के स्टेशनों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी अब उत्तर प्रदेश स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (UPSSF) के कंधों पर होगी। उत्तर प्रदेश शासन से प्राप्त पत्र के आधार पर, रैपिड मेट्रो सुरक्षा यूपीएसएसएफ (Rapid Metro Suraksha UPSSF) के जवानों और अधिकारियों के लिए शोभित विश्वविद्यालय में एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया।Read also:-मेरठ में स्मार्ट मीटर ने बढ़ाई उपभोक्ताओं की धड़कनें: ₹9 हजार का बिल ₹16 हजार हुआ, स्पार्किंग-नो डिस्प्ले की भी शिकायत
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इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा बल के जवानों और अधिकारियों को सार्वजनिक परिवहन तंत्र में आने वाले यात्रियों के साथ प्रभावी ढंग से संवाद करने और किसी भी विषम परिस्थिति को धैर्य के साथ संभालने के आवश्यक कौशल प्रदान करना था।
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प्रशिक्षण का उद्देश्य: संवाद और संवेदनशीलता

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शोभित विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. अभिषेक डबास ने बताया कि उत्तर प्रदेश स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स की पाँचवीं वाहिनी सहारनपुर के जवान और अधिकारियों, साथ ही आरआरटीएस की चतुर्थ इकाई के 100 से अधिक अधिकारियों ने इस प्रशिक्षण में हिस्सा लिया।
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प्रशिक्षण का मुख्य केंद्र बिंदु अधिकारियों को जन-समूह संचालन, संवाद-कुशलता और सभ्य व्यवहार से संबंधित आवश्यक कौशल प्रदान करना था, ताकि यात्रियों एवं नागरिकों को सुरक्षित, अनुशासित और सम्मानजनक अनुभव सुनिश्चित कराया जा सके।
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    मुख्य वक्ता: विश्वविद्यालय की मनोविज्ञान और मानवीय व्यवहार अध्ययन केंद्र की निदेशक डॉ. पूनम देवदत्त और विश्वविद्यालय सलाहकार प्रो. एम.एल. सिंगला।
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    जोर: विशेषज्ञों ने जोर दिया कि सार्वजनिक परिवहन तंत्र में तैनात सुरक्षा कर्मियों का धैर्यपूर्ण, संयमित और संवेदनशील व्यवहार सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती प्रदान करता है और जनता के विश्वास को बढ़ाता है।
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सुरक्षा बल को दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश

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प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को कई व्यावहारिक और महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए:
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    विनम्रता और दृढ़ता का संतुलन: लोगों को विनम्रता और दृढ़ता के साथ कैसे नियंत्रित किया जाए।
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    सौहार्द और अनुशासन: सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखते हुए सौहार्द और अनुशासन का संतुलन कैसे कायम रखा जाए।
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    सकारात्मक व्यवहार: यात्रियों के प्रति स्वागतपूर्ण और सकारात्मक व्यवहार से सहयोगपूर्ण वातावरण कैसे तैयार किया जाए।
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इस तरह का प्रशिक्षण यह सुनिश्चित करता है कि रैपिड मेट्रो सुरक्षा यूपीएसएसएफ के जवान न केवल बल का उपयोग करें बल्कि स्थितियों को संभालने के लिए संवाद और मनोवैज्ञानिक तकनीकों का भी सहारा लें। प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी सौंपे गए।
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 रैपिड-मेट्रो स्टेशनों पर अब उत्तर प्रदेश स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (UPSSF) के जवानों और अधिकारियों को तैनात किया जाएगा। इससे पहले, शोभित विश्वविद्यालय में उन्हें रैपिड मेट्रो सुरक्षा यूपीएसएसएफ के तहत जन-समूह संचालन, संवाद-कुशलता और विषम परिस्थितियों में संयमित व्यवहार का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, जिसका उद्देश्य यात्रियों के लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक यात्रा सुनिश्चित करना है।
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