मेरठ/सिविल लाइंस:
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अक्सर कहा जाता है कि इंसान का चेहरा तो सब पढ़ लेते हैं, लेकिन उसके मोबाइल की स्क्रीन और मन के भीतर चल रहे तूफान को पढ़ना सबसे मुश्किल होता है। मेरठ के पॉश इलाके सिविल लाइंस में एक ऐसी ही घटना ने सबको सन्न कर दिया है, जहां एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां महज आधे घंटे के भीतर मातम में बदल गईं।READ ALSO:-यूपी विधानसभा में 'विक्ट्री साइन' और 2027 की हुंकार: योगी सरकार ने पेश किया 9 लाख करोड़ का ऐतिहासिक 'संकल्प-पत्र', बेटियों की डोली के लिए अब मिलेंगे 1 लाख रुपये
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मामला शहर के प्रतिष्ठित आरजी इंटर कॉलेज (RG Inter College) की एक सहायक शिक्षिका बबिता और उनके पति रजनीश सैनी से जुड़ा है। सोमवार की सुबह जब बबिता किसी काम से घर से निकलीं, तो उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि जब वह लौटेंगी, तो उनका सुहाग उजड़ चुका होगा। रजनीश का शव फंदे से लटका मिला। लेकिन यह मामला सीधा-सादा सुसाइड नहीं लग रहा है। पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है—मृतक रजनीश का 'डिलीट किया गया व्हाट्सएप' (Deleted WhatsApp)।
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 Meerut: RG Inter College teacher's husband committed suicide, body found hanging from the fan

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आखिर मरने से ठीक पहले रजनीश ने अपना व्हाट्सएप डिलीट क्यों किया? वह किससे बात कर रहे थे? या कोई ऐसा राज था जिसे वह अपने साथ ही ले जाना चाहते थे? पुलिस अब इसी 'डिजिटल सुराग' के सहारे इस मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी है।
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आइए, इस विस्तृत रिपोर्ट में जानते हैं घटना की हर कड़ी, परिवार के आरोप और पुलिस की जांच की दिशा।
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वो काली सुबह: महज 30 मिनट में क्या हुआ?

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घटनाक्रम को समझने के लिए हमें सोमवार की सुबह पर नजर डालनी होगी। सिविल लाइन थाना क्षेत्र का विजयनगर इलाका। यहां योगेश चंद्रा का मकान है, जिसके एक हिस्से में बबिता और रजनीश अपने परिवार के साथ किराए पर रहते थे।
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बैंक जाना और अनहोनी का होना

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सुबह का वक्त था। घर में सब कुछ सामान्य लग रहा था।
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    बबिता का निकलना: आरजी कॉलेज में सहायक शिक्षिका बबिता को बैंक का कुछ जरूरी काम था। वह अपने पति रजनीश को घर पर छोड़कर बैंक के लिए निकलीं।
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    वापसी: बबिता को गए हुए मुश्किल से आधा घंटा ही हुआ था। जब वह अपना काम निपटाकर वापस लौटीं, तो घर का मुख्य दरवाजा (Main Gate) अंदर से लॉक मिला।
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    सन्नाटा: बबिता ने बाहर से पति को आवाज लगाई। "रजनीश... दरवाजा खोलो।" लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। बार-बार घंटी बजाने और आवाज देने के बाद भी जब कोई हलचल नहीं हुई, तो बबिता का दिल घबराने लगा।
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दरवाजा टूटा और पैरों तले जमीन खिसक गई

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अनहोनी की आशंका के चलते बबिता ने पड़ोसियों को मदद के लिए बुलाया। आसपास के लोग जमा हो गए। जैसे-तैसे मशक्कत करके दरवाजा खोला गया। बबिता और पड़ोसी जब ऊपर के कमरे में पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर उनकी रूह कांप गई।
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    फंदे पर झूलता शव: कमरे में रजनीश का शव फांसी के फंदे पर झूल रहा था।
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    चीख-पुकार: अपने पति को इस हालत में देख बबिता की चीख निकल गई। वह वहीं बेसुध होने लगीं। गोद में उनका डेढ़ साल का मासूम बेटा केशव था, जिसे यह भी नहीं पता था कि उसके सिर से पिता का साया उठ चुका है।
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जांच का 'यू-टर्न': मारपीट नहीं, मोबाइल है अहम सुराग

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सूचना मिलते ही सिविल लाइंस पुलिस मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम (Forensic Team) को भी बुला लिया गया। पुलिस ने सबसे पहले घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।
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क्या कोई झगड़ा हुआ था?

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आत्महत्या के मामलों में पुलिस सबसे पहले घरेलू कलह या मारपीट के एंगल की जांच करती है।
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    शुरुआती निष्कर्ष: एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह और जांच अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती छानबीन में पति-पत्नी के बीच किसी भी तरह की मारपीट या तत्काल हुए बड़े विवाद की बात सामने नहीं आई है। बबिता ने भी पुलिस को बताया कि वह पति को बिल्कुल ठीक हालत में छोड़कर गई थीं।
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    शरीर पर चोट के निशान नहीं: प्रथम दृष्टया शव पर फांसी के अलावा संघर्ष के कोई निशान नहीं मिले हैं, जो हत्या की आशंका को कम करते हैं।
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मोबाइल फोन का रहस्य

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जब पुलिस ने मौके से सबूत जुटाने शुरू किए, तो जांच का दायरा रजनीश के मोबाइल फोन पर आकर टिक गया।
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    तीन मोबाइल जब्त: पुलिस ने मौके से कुल तीन मोबाइल फोन अपने कब्जे में लिए हैं। इनमें से दो मोबाइल रजनीश के थे और एक मोबाइल बबिता का है।
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    व्हाट्सएप डिलीट: जब साइबर एक्सपर्ट्स ने रजनीश के फोन की जांच की, तो वे हैरान रह गए। रजनीश के फोन से व्हाट्सएप एप्लीकेशन और उसका पूरा डेटा डिलीट कर दिया गया था।
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    सबसे बड़ा सवाल: कोई व्यक्ति सुसाइड करने से ठीक पहले अपना व्हाट्सएप क्यों डिलीट करेगा? क्या उसमें कोई ऐसी चैट थी जो वह किसी को दिखाना नहीं चाहता था? क्या कोई उसे ब्लैकमेल कर रहा था? या फिर यह किसी 'सीक्रेट' को छिपाने की कोशिश थी?
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डेटा रिकवरी: पुलिस की सफलता

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पुलिस के लिए यह डिलीट हुआ डेटा ही अब सबसे बड़ा हथियार है।
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    सूत्रों के अनुसार, पुलिस की तकनीकी टीम ने डिलीट किए गए व्हाट्सएप और उसके डेटा को रिकवर (Recover) कर लिया है।
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    फिलहाल इस डेटा का विश्लेषण (Analysis) किया जा रहा है। पुलिस यह देख रही है कि आखिरी बार रजनीश की बात किससे हुई थी और क्या चैट में किसी तरह के तनाव या दबाव का जिक्र था।
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परिवार का आरोप: "हमारी बहू ने बेटे को प्रताड़ित किया"

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जहाँ एक तरफ बबिता अपने पति की मौत के गम में बदहवास थीं, वहीं दूसरी तरफ रजनीश के परिवार के आने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।
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परिजनों का हंगामा

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घटना के कुछ ही घंटों बाद रजनीश के पिता वेद प्रकाश सैनी, मां निर्मला और भाई अमित घटनास्थल पर पहुंच गए। बेटे का शव देखकर कोहराम मच गया।
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    गंभीर आरोप: रजनीश के पिता और भाई ने सीधे तौर पर बबिता पर आरोप लगाया। उनका कहना था कि बबिता उनके बेटे को मानसिक रूप से प्रताड़ित करती थी।
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    बहस और तनाव: रोते-बिलखते परिजनों ने पुलिस के सामने ही बबिता को खरी-खोटी सुनानी शुरू कर दी। पिता बदहवास होकर बेटे की मौत के लिए बहू पर कार्रवाई की मांग करने लगे। वहां मौजूद लोगों और पुलिस ने बड़ी मुश्किल से उन्हें शांत कराया और संभाला।
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सवाल और पहेलियां

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ससुराल पक्ष के आरोपों ने केस को नया मोड़ दे दिया है। पुलिस अब इन आरोपों की भी जांच कर रही है:
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    क्या वाकई पति-पत्नी के बीच संबंध खराब थे?
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    अगर संबंध खराब थे, तो बबिता ने पुलिस को विवाद से इनकार क्यों किया?
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    जुलाई 2023 से वे इस मकान में रह रहे थे, क्या पड़ोसियों ने कभी झगड़े की आवाज सुनी थी?
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शिक्षिकाओं का साथ: बबिता के आंसू पोंछने पहुंचीं सहेलियां

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इस दुखद घड़ी में बबिता का साथ देने के लिए उनका 'दूसरा परिवार' यानी आरजी कॉलेज का स्टाफ आगे आया।
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    जैसे ही कॉलेज में खबर पहुंची कि सहायक शिक्षिका बबिता के पति ने सुसाइड कर लिया है, वहां सन्नाटा पसर गया।
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    साथी शिक्षिकाएं पहुंचीं: बबिता की साथी शिक्षिकाएं तुरंत उनके विजयनगर स्थित आवास पर पहुंचीं। उन्होंने बबिता को संभाला, जो बार-बार बेहोश हो रही थीं।
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    मासूम केशव: सबसे मार्मिक दृश्य उस डेढ़ साल के बच्चे केशव का था, जो मां की गोद में होकर भी यह नहीं समझ पा रहा था कि घर में इतनी भीड़ क्यों है और उसकी मां क्यों रो रही है।
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पुलिस की कार्रवाई और एसपी का बयान

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पुलिस इस मामले में फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। चूंकि मामला सुसाइड का है और तकनीकी साक्ष्य (Technical Evidence) महत्वपूर्ण हैं, इसलिए जल्दबाजी नहीं की जा रही है।
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एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का बयान

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एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने मीडिया को बताया:
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"पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। शुरुआती छानबीन में घर में किसी तरह के विवाद या मारपीट की बात सामने नहीं आई है। हालांकि, मृतक के मोबाइल से व्हाट्सएप डिलीट मिला है, जिसे रिकवर कर लिया गया है। हम मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और रिकवर किए गए डेटा की जांच कर रहे हैं। मृतक के परिजनों ने बबिता पर आरोप लगाए हैं, उन आरोपों की भी सत्यता जांची जा रही है। अभी तक पुलिस को कोई लिखित तहरीर (Complaint) नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।"
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अंतिम संस्कार

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पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। देर रात परिजन शव को लेकर अपने पैतृक गांव चले गए, जहां गमगीन माहौल में रजनीश का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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केस डायरी: अब तक क्या-क्या पता चला? (Summary of Facts)

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जांच की वर्तमान स्थिति को समझने के लिए, आइए अब तक के घटनाक्रम को बिंदुओं में देखते हैं:
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विवरण
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जानकारी
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मृतक का नाम
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रजनीश सैनी (40 वर्ष)
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पिता का नाम
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वेद प्रकाश सैनी
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पत्नी का नाम
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बबिता (सहायक शिक्षिका, आरजी इंटर कॉलेज)
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घटनास्थल
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विजयनगर, सिविल लाइंस, मेरठ (किराए का मकान)
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मकान मालिक
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योगेश चंद्रा
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निवास अवधि
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जुलाई 2023 से
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संतान
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एक बेटा (केशव, उम्र 1.5 वर्ष)
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मौत का कारण
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फांसी (आत्महत्या)
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मुख्य सुराग
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मोबाइल से डिलीट किया गया व्हाट्सएप
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आरोप
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ससुराल पक्ष द्वारा बहू पर प्रताड़ना का आरोप
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पुलिस कार्रवाई
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मोबाइल जब्त, डेटा रिकवरी, कॉल डिटेल की जांच
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इनसाइड स्टोरी: 'डिलीट व्हाट्सएप' की थ्योरी

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क्राइम इन्वेस्टिगेशन में मोबाइल से डेटा डिलीट करना एक बहुत बड़ा 'रेड फ्लैग' (Red Flag) माना जाता है। विशेषज्ञ इस मामले में तीन तरह की संभावनाएं जता रहे हैं:
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थ्योरी 1: बाहरी दबाव या ब्लैकमेलिंग

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संभव है कि रजनीश को कोई व्हाट्सएप पर ब्लैकमेल कर रहा हो। अक्सर लोग शर्म या डर के मारे परिवार को बताने के बजाय खुद ही मैसेजेस डिलीट कर देते हैं और अंत में दबाव न झेल पाने पर आत्मघाती कदम उठा लेते हैं। पुलिस रिकवर किए गए डेटा में अनजान नंबरों की चैट्स खंगाल रही है।
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थ्योरी 2: विवाहेत्तर संबंध (Extramarital Affair)

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पुलिस इस एंगल को भी खारिज नहीं कर रही है। क्या रजनीश का किसी और से संपर्क था? या उन्हें पत्नी पर शक था? अक्सर ऐसी स्थितियों में सबूत मिटाने के लिए चैट डिलीट की जाती हैं। डिलीट किए गए फोटो और वीडियो इस थ्योरी की पुष्टि या खंडन करेंगे।
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थ्योरी 3: आर्थिक परेशानी

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आजकल ऑनलाइन सट्टेबाजी या लोन ऐप्स के जरिए भी लोगों को प्रताड़ित किया जाता है। अगर रजनीश ने किसी ऐप से लोन लिया था और रिकवरी वाले उन्हें व्हाट्सएप पर धमका रहे थे, तो यह भी एक कारण हो सकता है।
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कानूनी पहलू: धारा 306 और जांच की दिशा

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अभी तक पुलिस को तहरीर नहीं मिली है, लेकिन अगर रजनीश के पिता लिखित शिकायत देते हैं, तो मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत दर्ज हो सकता है।
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    आत्महत्या के लिए उकसाना (Abetment to Suicide): अगर जांच में यह साबित होता है कि पत्नी या किसी अन्य व्यक्ति ने रजनीश को इतना प्रताड़ित किया कि उनके पास मरने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा, तो आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है।
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    साक्ष्य मिटाना: मोबाइल से डेटा डिलीट करना अगर किसी दूसरे व्यक्ति ने किया है (सुसाइड के बाद), तो यह 'साक्ष्य मिटाने' का अपराध होगा। लेकिन अगर रजनीश ने खुद किया है, तो यह उनकी मानसिक स्थिति को दर्शाता है।
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मोबाइल खोलेगा राज

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मेरठ के सिविल लाइंस का यह मामला अभी एक पहेली बना हुआ है। एक तरफ रोती-बिलखती पत्नी है जो कह रही है कि सब कुछ ठीक था, दूसरी तरफ गुस्साए मां-बाप हैं जो बहू को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। और इन सबके बीच एक 'खामोश गवाह' है—रजनीश का मोबाइल फोन।
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फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट और व्हाट्सएप से रिकवर किया गया डेटा ही अब यह तय करेगा कि रजनीश की मौत महज एक आवेश में उठाया गया कदम थी, या इसके पीछे कोई गहरी साजिश और प्रताड़ना छिपी है। पुलिस की जांच जारी है, और आने वाले दिनों में इस केस में बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
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अगला अपडेट:

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जैसे ही पुलिस फॉरेंसिक रिपोर्ट का खुलासा करती है या परिजनों की तरफ से एफआईआर दर्ज कराई जाती है, हम आपको सबसे पहले सूचित करेंगे।
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(नोट: यह न्यूज़ रिपोर्ट उपलब्ध जानकारी और पुलिस के बयानों पर आधारित है। आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं है। यदि आप या आपका कोई परिचित तनाव में है, तो कृपया मेंटल हेल्थ हेल्पलाइन या विशेषज्ञों से संपर्क करें।)
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