पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक और क्रांतिधरा मेरठ (Meerut) एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर चमकने के लिए तैयार है। आगामी 22 फरवरी, 2026 (रविवार) का दिन केवल एक तारीख नहीं, बल्कि एनसीआर (NCR) के विकास के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ने वाला दिन होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दिन नमो भारत (RRTS) ट्रेन के शेष खंडों और बहुप्रतीक्षित 'मेरठ मेट्रो' (Meerut Metro) का उद्घाटन कर इसे राष्ट्र को समर्पित करेंगे।READ ALSO:-मेरठ व्यापार के लिए 'स्वर्णिम काल': नमो भारत और मेट्रो ने बदली फिजा, दिल्ली अब 'मिनटों' दूर; 22 फरवरी को पीएम मोदी करेंगे पूर्ण कॉरिडोर का उद्घाटन
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इस महा-आयोजन की भव्यता जितनी विशाल है, सुरक्षा की चुनौतियां भी उतनी ही गंभीर हैं। यही कारण है कि प्रधानमंत्री के आगमन से 72 घंटे पहले ही मेरठ शहर को एक 'अभेद किले' (Impregnable Fortress) में तब्दील कर दिया गया है। विशेष सुरक्षा समूह (SPG) के एलीट कमांडोज ने शहर की कमान अपने हाथों में ले ली है।
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बुधवार को सुरक्षा तैयारियों का जो नजारा मेरठ में दिखा, वह अभूतपूर्व था। एसपीजी के एडीजी (अतिरिक्त महानिदेशक) एस. सुरेश (S. Suresh) ने खुद मोर्चा संभाला और सुरक्षा व्यवस्था को 'फुलप्रूफ' बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। रैली स्थल, हेलीपैड और ट्रेन के रूट का 'थ्री-डी मैप' (3D Map) तैयार किया गया है—जो सुरक्षा प्रोटोकॉल में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल का जीता-जागता उदाहरण है।
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इस विस्तृत महा-रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि पीएम के दौरे के लिए क्या खास इंतजाम किए गए हैं, 3D मैपिंग कैसे काम करेगी, ट्रैफिक का क्या प्लान है और आम जनता के लिए रविवार का दिन कैसा रहेगा।
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एसपीजी का 'मिशन जीरो एरर' - एडीजी की पैनी नजर
\r\n\r\nप्रधानमंत्री की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली एसपीजी (SPG) किसी भी तरह की चूक (Error) को बर्दाश्त नहीं करती। उनकी डिक्शनरी में 'गलती' शब्द के लिए कोई जगह नहीं होती। इसी 'जीरो एरर' नीति के तहत बुधवार को मेरठ में सुरक्षा का महा-अभ्यास किया गया।
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1. एडीजी एस. सुरेश का औचक निरीक्षण
\r\n\r\nबुधवार की सुबह मेरठ साउथ स्टेशन पर हलचल तेज हो गई जब एसपीजी के एडीजी एस. सुरेश अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे। उनका उद्देश्य केवल औपचारिक निरीक्षण करना नहीं था, बल्कि सुरक्षा खामियों को ढूंढकर उन्हें समय रहते दुरुस्त करना था।
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- \r\n ट्रेन में सफर: एडीजी ने खुद नमो भारत ट्रेन में सवार होकर मेरठ साउथ स्टेशन से शताब्दीनगर स्टेशन तक की यात्रा की। यह वही रूट है जिस पर 22 फरवरी को प्रधानमंत्री सफर करने वाले हैं।\r\n \r\n
- \r\n बारीकी से जांच: सफर के दौरान उन्होंने ट्रैक के दोनों ओर की सुरक्षा, ऊंची इमारतों (High-rise Buildings) की स्थिति, और स्टेशन पर आपातकालीन निकासी (Emergency Exit) की व्यवस्था को परखा।\r\n \r\n
- \r\n सर्किट हाउस में डेरा: निरीक्षण के बाद एडीजी दिल्ली लौट गए, लेकिन उनकी एक विशेष टीम मेरठ के सर्किट हाउस में कैंप कर रही है। यह टीम स्थानीय पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर मिनट-टू-मिनट (Minute-to-Minute) प्रोटोकॉल को अंतिम रूप दे रही है।\r\n \r\n
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2. ब्लू बुक (Blue Book) का पालन
\r\n\r\nप्रधानमंत्री की सुरक्षा 'ब्लू बुक' के नियमों के अनुसार होती है। सूत्रों के मुताबिक, एसपीजी ने स्थानीय पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि:
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- \r\n रैली स्थल के 2 किलोमीटर के दायरे में कोई भी संदिग्ध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।\r\n \r\n
- \r\n कार्यक्रम में शामिल होने वाले हर व्यक्ति की त्रि-स्तरीय (Three-Layer) जांच होगी।\r\n \r\n
- \r\n मंच के पास केवल अधिकृत पास धारकों को ही जाने की अनुमति होगी, जिनका पुलिस वेरिफिकेशन हो चुका है।\r\n \r\n
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तकनीक का 'त्रिनेत्र' - 3D मैपिंग और डिजिटल सर्विलांस
\r\n\r\nइस बार की सुरक्षा व्यवस्था पारंपरिक पुलिसिंग से कई कदम आगे है। मेरठ पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए 'डिजिटल कवच' तैयार किया है।
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1. थ्री-डी मैप (3D Mapping): सुरक्षा का नया आयाम
\r\n\r\nएएसपी (ASP) अंतरिक्ष जैन ने सुरक्षा तैयारियों में तकनीक का बेहतरीन इस्तेमाल किया है। उन्होंने रैली स्थल, हेलीपैड और पीएम के रूट का एक वर्चुअल थ्री-डी मैप तैयार किया है।
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- \r\n यह क्यों खास है? साधारण नक्शे (2D Map) में गलियों की गहराई और इमारतों की ऊंचाई का सही अंदाजा नहीं लगता। 3D मैप सुरक्षा एजेंसियों को एक 'वर्चुअल टूर' देता है।\r\n \r\n
- \r\n स्नाइपर्स की तैनाती: इस मैप की मदद से एसपीजी यह तय कर पा रही है कि किस बिल्डिंग की छत पर स्नाइपर्स (निशानेबाज) तैनात करने हैं, जहाँ से वे पूरे रैली स्थल पर नजर रख सकें।\r\n \r\n
- \r\n आपातकालीन मार्ग: यदि कोई आपात स्थिति (Emergency) आती है, तो पीएम को सुरक्षित निकालने (Evacuation) का सबसे छोटा और सुरक्षित रास्ता कौन सा होगा, यह इस 3D मैप में पहले से मार्क कर लिया गया है।\r\n \r\n
- \r\n कनेक्टिविटी: इस मैप में दिल्ली-हरिद्वार हाईवे और हापुड़ रोड के रास्तों को भी इंटीग्रेट किया गया है, ताकि यह देखा जा सके कि भीड़ का दबाव किस तरफ से ज्यादा आएगा। यह डिजिटल मैप सभी आला अफसरों के टैबलेट और कंट्रोल रूम की स्क्रीन पर साझा किया जाएगा।\r\n \r\n
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2. ड्रोन: आसमान से 'बाज' जैसी नजर
\r\n\r\nजमीन पर पुलिस का पहरा है, तो आसमान की जिम्मेदारी ड्रोन (Drone) कैमरों पर है।
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- \r\n वीडियो रिकॉर्डिंग: बुधवार को विशेष ड्रोन कैमरों के जरिए मेरठ साउथ से शताब्दीनगर स्टेशन तक के पूरे रूट की वीडियोग्राफी की गई।\r\n \r\n
- \r\n रूफटॉप चेकिंग (Rooftop Checking): ड्रोन फुटेज का विश्लेषण करके यह देखा जा रहा है कि रूट के आसपास के मकानों की छतों पर ईंट-पत्थर, कांच या कोई अन्य संदिग्ध सामग्री तो जमा नहीं है। अगर ऐसा कुछ मिलता है, तो मकान मालिक को नोटिस देकर उसे तुरंत हटवाया जा रहा है।\r\n \r\n
- \r\n एंटी-ड्रोन सिस्टम: 22 तारीख को रैली स्थल नो-फ्लाई ज़ोन (No-Fly Zone) रहेगा। वहां डीआरडीओ (DRDO) की तकनीक वाले एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए जाएंगे ताकि कोई भी अनाधिकृत ड्रोन सुरक्षा घेरे को भेद न सके।\r\n \r\n
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3. सीसीटीवी का 'इलेक्ट्रॉनिक घेरा'
\r\n\r\nपूरे दिल्ली रोड और कार्यक्रम स्थलों को सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के जाल से पाट दिया गया है।
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- \r\n एक अस्थाई 'इंटिग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर' (ICCC) बनाया गया है।\r\n \r\n
- \r\n यहाँ पुलिसकर्मी 24 घंटे शिफ्ट में बैठकर हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं।\r\n \r\n
- \r\n फेस रिकग्निशन (Face Recognition) तकनीक का इस्तेमाल भी किया जा रहा है ताकि भीड़ में किसी भी पुराने अपराधी या संदिग्ध व्यक्ति की पहचान तुरंत हो सके।\r\n \r\n
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प्रधानमंत्री का 'मेगा शेड्यूल' - क्या होगा खास?
\r\n\r\n22 फरवरी का दिन मेरठ के लिए विकास की नई सुबह लेकर आएगा। प्रधानमंत्री का कार्यक्रम न केवल उद्घाटन तक सीमित है, बल्कि यह जनता से सीधा संवाद भी है।
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1. परियोजनाओं का लोकार्पण
\r\n\r\nप्रधानमंत्री मोदी दो युगान्तकारी परियोजनाओं का पूरा तोहफा देंगे:
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- \r\n नमो भारत का विस्तार: अब तक साहिबाबाद से मेरठ साउथ तक ट्रेन चल रही थी। 22 तारीख से मेरठ साउथ से मोदीपुरम (मेरठ का अंतिम छोर) और न्यू अशोक नगर से सराय काले खां (दिल्ली का अंतिम छोर) तक का हिस्सा भी शुरू हो जाएगा। यानी पूरा 82 किमी का कॉरिडोर अब ऑपरेशनल होगा।\r\n \r\n
- \r\n मेरठ मेट्रो: यह देश का पहला ऐसा शहर है जहाँ आरआरटीएस (Regional Rail) के इंफ्रास्ट्रक्चर पर ही लोकल मेट्रो चलेगी। मेरठ मेट्रो (Meerut Metro) का उद्घाटन शहर की ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान है।\r\n \r\n
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2. ऐतिहासिक ट्रेन यात्रा
\r\n\r\nप्रधानमंत्री केवल हरी झंडी नहीं दिखाएंगे, बल्कि खुद इस बदलाव को महसूस करेंगे।
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- \r\n रूट: पीएम मोदी मेरठ साउथ स्टेशन से ट्रेन में बैठेंगे और शताब्दीनगर स्टेशन तक यात्रा करेंगे।\r\n \r\n
- \r\n संवाद: इस सफर के दौरान उनके साथ स्कूली बच्चे, महिला लाभार्थी और इस प्रोजेक्ट को बनाने वाले श्रमिक/इंजीनियर भी हो सकते हैं, जिनसे पीएम संवाद करेंगे।\r\n \r\n
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3. विशाल जनसभा
\r\n\r\nट्रेन यात्रा के बाद पीएम एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे।
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- \r\n भीड़ का अनुमान: रैली में मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, बागपत और हापुड़ से लाखों लोगों के जुटने की संभावना है।\r\n \r\n
- \r\n राजनीतिक संदेश: 2027 के यूपी विधानसभा चुनावों से पहले पश्चिमी यूपी (Jat Belt) में पीएम का यह दौरा राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम माना जा रहा है।\r\n \r\n
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ट्रैफिक एडवाइजरी (Traffic Advisory) - 'लॉकडाउन' जैसा माहौल
\r\n\r\nप्रधानमंत्री की सुरक्षा और वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए मेरठ ट्रैफिक पुलिस ने 22 फरवरी के लिए एक विस्तृत ट्रैफिक प्लान जारी किया है। अगर आप रविवार को बाहर निकलने की सोच रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए अनिवार्य है।
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1. दिल्ली रोड: 'नो-गो ज़ोन' (8 घंटे का प्रतिबंध)
\r\n\r\nसुरक्षा कारणों से दिल्ली रोड का एक बड़ा हिस्सा आम जनता के वाहनों लिए पूरी तरह बंद रहेगा।
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- \r\n समय: सुबह 08:00 बजे से शाम 04:00 बजे तक।\r\n \r\n
- \r\n प्रतिबंधित क्षेत्र: परतापुर तिराहे (Partapur) से लेकर रिठानी होते हुए शापरिक्स मॉल (Shopprix Mall) तक।\r\n \r\n
- \r\n वजह: शताब्दीनगर स्टेशन और रैली स्थल इसी रूट पर स्थित हैं।\r\n \r\n
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2. डायवर्जन प्लान (Route Diversion)
\r\n\r\nदिल्ली, गाजियाबाद या मोदीनगर की ओर से आने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं मिलेगा।
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- \r\n मोहिउद्दीनपुर से डायवर्जन: दिल्ली की ओर से आने वाले वाहनों को मोहिउद्दीनपुर (Mohiuddinpur) से ही डायवर्ट कर दिया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n नया रास्ता: इन वाहनों को मोहिउद्दीनपुर चीनी मिल के पास से हापुड़-मेरठ हाईवे (Hapur-Meerut Highway) पर निकाला जाएगा। वहां से वे बिजली बंबा बाईपास (Bijli Bamba Bypass) होकर शहर के अन्य हिस्सों या मुजफ्फरनगर/हरिद्वार की ओर जा सकेंगे।\r\n \r\n
- \r\n बागपत रोड: बागपत की तरफ से आने वाले वाहनों को भी शहर के बाहरी हिस्सों से डायवर्ट किया जाएगा।\r\n \r\n
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3. रविवार का 'राहत फैक्टर'
\r\n\r\nप्रशासन और पुलिस के लिए राहत की बात यह है कि 22 फरवरी को रविवार (Sunday) है।
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- \r\n स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे।\r\n \r\n
- \r\n दिल्ली और नोएडा जाने वाले दैनिक यात्रियों (Daily Commuters) की संख्या कम होगी।\r\n \r\n
- \r\n बाजार भी आंशिक रूप से बंद रहते हैं या देर से खुलते हैं।\r\n \r\n
- \r\n इससे सड़कों पर सामान्य दिनों के मुकाबले 40-50% कम ट्रैफिक रहने की उम्मीद है, जिससे डायवर्जन को लागू करना आसान होगा।\r\n \r\n
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4. पार्किंग व्यवस्था (Parking Arrangements)
\r\n\r\nरैली में आने वाली हजारों बसों और कारों के लिए विशेष पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।
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- \r\n ये पार्किंग स्थल शहर के बाहरी इलाकों में बनाए गए हैं ताकि रैली की भीड़ शहर के मुख्य चौराहों को जाम न करे।\r\n \r\n
- \r\n एएसपी ने बताया कि 3D मैप की मदद से पार्किंग से रैली स्थल तक का पैदल रास्ता (Pedestrian Route) भी तय किया गया है।\r\n \r\n
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सुरक्षा की परतें - 'चक्रव्यूह' की संरचना
\r\n\r\nमेरठ पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर एक बहु-स्तरीय (Multi-Layered) रणनीति बनाई है, जिसे भेदन असंभव है।
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लेयर 1: इनर सर्कल (The Core)
\r\n\r\nयह पीएम के सबसे करीब का घेरा है। इसमें केवल एसपीजी (SPG) के कमांडो होंगे। वे आधुनिक हथियारों (जैसे FN P90, Tavor Assault Rifles) से लैस होंगे और पीएम के चारों ओर एक मानव ढाल बनाएंगे।
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लेयर 2: मिडिल सर्कल (The Shield)
\r\n\r\nइस घेरे में एनएसजी (NSG) के ब्लैक कैट कमांडो और यूपी पुलिस की एटीएस (ATS) टीम तैनात रहेगी। इनका काम किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को इनर सर्कल तक पहुंचने से पहले ही न्यूट्रलाइज करना है।
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लेयर 3: आउटर सर्कल (The Wall)
\r\n\r\nरैली स्थल की परिधि (Perimeter) पर पैरा-मिलिट्री फोर्स (CRPF/CISF) और पीएसी (PAC) के जवान तैनात होंगे। वे भीड़ नियंत्रण और मेटल डिटेक्टर के जरिए जांच का काम संभालेंगे।
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लेयर 4: पेरिफेरल सर्कल (Traffic & Crowd)
\r\n\r\nशहर के चौराहों, डायवर्जन पॉइंट्स और पार्किंग स्थलों पर स्थानीय पुलिस (Local Police) और ट्रैफिक पुलिस तैनात रहेगी। इनका काम वीवीआईपी रूट को खाली रखना और आम जनता को वैकल्पिक मार्गों पर भेजना होगा।
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मेरठ के लिए क्या मायने रखता है यह दौरा?
\r\n\r\nसुरक्षा और तामझाम से इतर, इस दौरे का मेरठ के आम आदमी के जीवन पर गहरा असर पड़ने वाला है।
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1. दिल्ली अब 'पड़ोसी' शहर
\r\n\r\nनमो भारत के पूर्ण संचालन के बाद, मेरठ (मोदीपुरम) से सराय काले खां (दिल्ली) तक का सफर 55 मिनट में सिमट जाएगा। जो पहले 3-4 घंटे लेता था। यह छात्रों, व्यापारियों और मरीजों के लिए जीवन बदलने वाला बदलाव है।
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2. जाम से मुक्ति
\r\n\r\nमेरठ मेट्रो के शुरू होने से शहर के भीतर (परतापुर से मोदीपुरम) सफर करने वाले लोग अपनी कार और बाइक छोड़कर मेट्रो का इस्तेमाल करेंगे। इससे शहर की सड़कों पर जाम और प्रदूषण कम होगा।
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3. आर्थिक बूम
\r\n\r\nकनेक्टिविटी बढ़ने से दिल्ली के निवेशक मेरठ का रुख कर रहे हैं। रीयल एस्टेट में उछाल आ रहा है और रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं।
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इतिहास के पन्नों में दर्ज होगा 22 फरवरी
\r\n\r\nबुधवार को हुई एसपीजी की रिहर्सल, एडीजी का निरीक्षण और 3D मैपिंग की तकनीक ने यह साबित कर दिया है कि मेरठ प्रशासन ने तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ी है। सुरक्षा व्यवस्था ऐसी है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता।
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मेरठवासियों के लिए 22 फरवरी का दिन केवल एक रैली या उद्घाटन नहीं, बल्कि 'विकास के उत्सव' का दिन है। हालांकि, ट्रैफिक डायवर्जन के कारण रविवार को थोड़ी असुविधा हो सकती है, लेकिन एक बड़ी परियोजना की सौगात और शहर के कायाकल्प के लिए मेरठ की जनता इस असुविधा को नजरअंदाज करने के लिए तैयार है। प्रशासन ने अपील की है कि लोग सहयोग करें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।
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अब सबकी निगाहें 22 फरवरी की सुबह पर टिकी हैं, जब नमो भारत की सीटी और प्रधानमंत्री का संबोधन मेरठ को नई ऊर्जा से भर देगा।
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क्विक फैक्ट्स (Quick Facts: PM Visit 22 Feb 2026)
\r\n\r\n| \r\n विवरण \r\n | \r\n \r\n जानकारी \r\n | \r\n \r\n | \r\n
| \r\n तारीख \r\n | \r\n \r\n 22 फरवरी, 2026 (रविवार) \r\n | \r\n \r\n | \r\n
| \r\n मुख्य अतिथि \r\n | \r\n \r\n प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी \r\n | \r\n \r\n | \r\n
| \r\n उद्घाटन \r\n | \r\n \r\n नमो भारत (पूर्ण कॉरिडोर) व मेरठ मेट्रो \r\n | \r\n \r\n | \r\n
| \r\n पीएम का सफर \r\n | \r\n \r\n मेरठ साउथ से शताब्दीनगर स्टेशन (ट्रेन में) \r\n | \r\n \r\n | \r\n
| \r\n सुरक्षा प्रभारी \r\n | \r\n \r\n SPG (एडीजी एस. सुरेश के नेतृत्व में) \r\n | \r\n \r\n | \r\n
| \r\n सुरक्षा तकनीक \r\n | \r\n \r\n 3D मैपिंग, ड्रोन वीडियो, CCTV \r\n | \r\n \r\n | \r\n
| \r\n ट्रैफिक प्रतिबंध \r\n | \r\n \r\n दिल्ली रोड (परतापुर से शापरिक्स), 08:00 AM - 04:00 PM \r\n | \r\n \r\n | \r\n
| \r\n डायवर्जन \r\n | \r\n \r\n मोहिउद्दीनपुर से हापुड़-मेरठ हाईवे \r\n | \r\n \r\n | \r\n
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Disclaimer: यह रिपोर्ट उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक बयानों पर आधारित है। सुरक्षा कारणों से अंतिम समय में ट्रैफिक रूट या कार्यक्रम में बदलाव संभव है। ताज़ा अपडेट के लिए कृपया मेरठ पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर नज़र बनाए रखें।
Sabse pehle comment karne wale banein.