मेरठ (ग्राउंड रिपोर्ट), 22 फरवरी 2026: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के करोड़ों लोगों का दशकों पुराना सपना आज हकीकत में बदलने जा रहा है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अहम शहर मेरठ पहुंच चुके हैं। पूरा मेरठ शहर आज किसी उत्सव की तरह सजा हुआ है। चारों तरफ सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम हैं, और आम जनता की निगाहें 'शताब्दी नगर स्टेशन' की ओर टिकी हुई हैं, जहाँ से कुछ ही पलों में पीएम मोदी देश के पहले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) यानी 'नमो भारत' के पूरे 82 किमी कॉरिडोर और 'मेरठ मेट्रो' को हरी झंडी दिखाएंगे।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
जैसे-जैसे उद्घाटन का समय नज़दीक आ रहा है, दिल्ली, गाज़ियाबाद और मेरठ के लोगों के दिलों की धड़कनें तेज़ हो गई हैं। यह सिर्फ एक ट्रेन सेवा की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह दिल्ली-एनसीआर की धमनियों में नया खून दौड़ाने वाला एक ऐसा मेगा-प्रोजेक्ट है, जो दूरियों को मिटाकर अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोज़मर्रा की ज़िंदगी को पूरी तरह से बदल कर रख देगा।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
आइए, इस ऐतिहासिक क्षण के बीच, इस पूरे प्रोजेक्ट के ए टू जेड (A to Z) पहलुओं का विस्तार से विश्लेषण करते हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

ग्राउंड ज़ीरो से लाइव: पीएम मोदी का कार्यक्रम और मेरठ का माहौल

\r\n\r\n
मेरठ में आज सुबह से ही हलचल तेज़ है। शताब्दी नगर स्टेशन के आस-पास का इलाका सुरक्षा बलों छावनी में तब्दील हो गया है। एसपीजी (SPG), एटीएस (ATS) और भारी पुलिस बल चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पीएम का मिनट-दर-मिनट संभावित कार्यक्रम:

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    दोपहर 12:15 बजे: पीएम मोदी का विशेष हेलीकॉप्टर मेरठ के पुलिस लाइन हेलीपैड पर लैंड कर चुका है। यहाँ उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका भव्य स्वागत किया है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    दोपहर 12:30 बजे (प्रस्तावित): पीएम मोदी का काफिला शताब्दी नगर नमो भारत स्टेशन पहुंचेगा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    दोपहर 12:45 बजे: रिमोट का बटन दबाकर और हरी झंडी दिखाकर दिल्ली-मेरठ फुल कॉरिडोर और मेरठ मेट्रो का आधिकारिक उद्घाटन किया जाएगा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    दोपहर 1:00 बजे: पीएम मोदी खुद शताब्दी नगर स्टेशन से मेरठ साउथ स्टेशन तक मेरठ मेट्रो और नमो भारत में सफर करेंगे। इस दौरान वे ट्रेन में मौजूद स्कूली बच्चों, महिला क्रू मेंबर्स और इस प्रोजेक्ट को बनाने वाले इंजीनियरों से खास बातचीत करेंगे।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    दोपहर 1:30 बजे: एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे और लगभग 12,930 करोड़ रुपये की अन्य विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास भी करेंगे।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
\r\n
"आज का दिन मेरठ के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा। हम वर्षों से दिल्ली के जाम में फंसते आए हैं, आज पीएम मोदी हमें उस जाम से हमेशा के लिए आज़ादी देने जा रहे हैं।" - सुधीर अग्रवाल, स्थानीय व्यापारी (शताब्दी नगर के बाहर मौजूद भीड़ से)
\r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

क्या है आज का सबसे बड़ा उद्घाटन? (The Core Launch)

\r\n\r\n
आज मुख्य रूप से दो बड़े हिस्सों को आम जनता के लिए खोला जा रहा है, जिससे दिल्ली से मेरठ का पूरा 82 किलोमीटर का ट्रैक आपस में जुड़ जाएगा:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    दिल्ली का हिस्सा (5 किमी): सराय काले खां से लेकर न्यू अशोक नगर तक का हिस्सा। (आनंद विहार से न्यू अशोक नगर होते हुए सराय काले खां तक)।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    मेरठ का हिस्सा (21 किमी): मेरठ साउथ से लेकर मोदीपुरम तक का पूरा स्ट्रेच।
    \r\n
  4. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इन दोनों हिस्सों के जुड़ते ही, साहिबाबाद से दुहाई और दुहाई से मेरठ साउथ तक का जो हिस्सा पहले से चल रहा था, वह एक संपूर्ण 82 किलोमीटर के निर्बाध कॉरिडोर (Seamless Corridor) में तब्दील हो जाएगा। यानी अब सराय काले खां से बैठिए और सीधे मोदीपुरम उतरिए—वह भी मात्र 55 मिनट में!
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

नमो भारत (RRTS): बुलेट ट्रेन की झलक, आम आदमी का सफर

\r\n\r\n
उद्घाटन से पहले पटरियों पर खड़ी नमो भारत ट्रेनें अपने सिल्वर और नीले रंग में किसी एयरोडायनेमिक बुलेट ट्रेन जैसी दिख रही हैं। आइए इसकी उन खासियतों पर नज़र डालते हैं जो इसे दुनिया की बेहतरीन ट्रेनों में शुमार करती हैं:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

रफ़्तार और डिज़ाइन

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    डिज़ाइन स्पीड: 180 किमी/घंटा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ऑपरेशनल स्पीड: 160 किमी/घंटा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    औसत स्पीड: 100 किमी/घंटा (स्टेशनों पर रुकने का समय मिलाकर)।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    एयरोडायनेमिक फ्रंट: हवा के घर्षण (Drag) को कम करने के लिए इसका अगला हिस्सा विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है, जिससे ऊर्जा की भारी बचत होती है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

कोच के अंदर की दुनिया

\r\n\r\n
एक बार जब आप नमो भारत के अंदर कदम रखते हैं, तो आपको महसूस ही नहीं होगा कि आप भारत की किसी लोकल ट्रेन में हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    2x2 ट्रांसवर्स सीटिंग: बसों और हवाई जहाज़ों की तरह आमने-सामने और एक ही दिशा में देखने वाली आरामदायक सीटें।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    प्रीमियम क्लास: हर ट्रेन में एक प्रीमियम कोच है। इसमें रिक्लाइनिंग (पीछे झुकने वाली) सीटें, फुटरेस्ट, मैगज़ीन होल्डर, कोट हुक और हर सीट पर मोबाइल/लैपटॉप चार्जिंग सॉकेट दिए गए हैं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    महिलाओं के लिए आरक्षित: 6 कोच की ट्रेन में एक कोच पूरी तरह से महिलाओं के लिए आरक्षित है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    मेडिकल इमरजेंसी: एक कोच में स्ट्रेचर और व्हीलचेयर के लिए विशेष जगह है। मेरठ से एम्स (AIIMS) या सफदरजंग दिल्ली जाने वाले मरीजों के लिए यह एक संजीवनी साबित होगी।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

मेरठ मेट्रो: देश की सबसे तेज़ अर्बन ट्रांजिट सर्विस

\r\n\r\n
आज का दिन सिर्फ नमो भारत का ही नहीं है। आज 'मेरठ मेट्रो' का भी जन्म हो रहा है। चमकीले पीले और सिल्वर रंग की यह मेट्रो आज से मेरठ की सड़कों के ऊपर और नीचे दौड़ेगी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

मेरठ मेट्रो को क्या खास बनाता है?

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    भारत की सबसे तेज़ मेट्रो: जहां दिल्ली मेट्रो की अधिकतम रफ़्तार 80-90 किमी/घंटा है, वहीं मेरठ मेट्रो 120 किमी/घंटा की अधिकतम स्पीड से दौड़ेगी। यह भारत के किसी भी शहर की सबसे तेज़ मेट्रो प्रणाली है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    लोकल कनेक्टिविटी: यह मेरठ साउथ से शुरू होकर परतापुर, रिठानी, शताब्दी नगर, ब्रह्मपुरी, भैंसाली, बेगमपुल होते हुए मोदीपुरम तक जाएगी। 23 किलोमीटर के इस सफर में 13 स्टेशन होंगे, जिन्हें यह मात्र 30 मिनट में तय कर लेगी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    कोच क्षमता: शुरुआत में यह 3-कोच वाले सेट में चलेगी, जिसमें एक बार में 700 से ज़्यादा लोग सफर कर सकेंगे।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

इंजीनियरिंग का विश्वस्तरीय चमत्कार: एक ट्रैक, दो ट्रेनें

\r\n\r\n
आज पीएम मोदी जिस प्रोजेक्ट का उद्घाटन करने वाले हैं, उसकी सबसे बड़ी तकनीकी खूबी पूरी दुनिया के इंजीनियरों के लिए एक केस स्टडी बन गई है। यह दुनिया का पहला ऐसा नेटवर्क है जहां RRTS (नमो भारत) और MRTS (मेरठ मेट्रो) दोनों एक ही बुनियादी ढांचे (ट्रैक और सिग्नलिंग) पर चलेंगी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
यह कैसे काम करेगा? कल्पना कीजिए, एक ही ट्रैक पर 160 किमी/घंटा की रफ़्तार से नमो भारत आ रही है और उसी ट्रैक पर 120 किमी/घंटा की रफ़्तार से मेरठ मेट्रो चल रही है। दोनों को टकराने से बचाने और सुरक्षित संचालन के लिए ETCS Level-2 (यूरोपियन ट्रेन कंट्रोल सिस्टम) सिग्नलिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    यह तकनीक LTE (लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन) रेडियो नेटवर्क पर आधारित है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    इसमें पटरियों पर लगे सेंसर और ट्रेनों के कंप्यूटर आपस में बात करते हैं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    अगर नमो भारत पीछे से तेज़ रफ़्तार में आ रही है, तो सिस्टम अपने आप आगे चल रही मेरठ मेट्रो को सही स्टेशन की लूप लाइन (साइड ट्रैक) पर ले जाएगा, नमो भारत को ओवरटेक करने देगा, और फिर मेट्रो को वापस मुख्य लाइन पर ले आएगा।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इसके फायदे: इस एक फैसले से भारत सरकार और NCRTC ने हज़ारों करोड़ रुपये बचाए हैं। अगर मेरठ मेट्रो के लिए अलग से खंभे और पटरियां बिछाई जातीं, तो मेरठ शहर के बीचों-बीच भारी तोड़फोड़ करनी पड़ती और ज़मीन अधिग्रहण में बरसों लग जाते।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

स्टेशन-दर-स्टेशन यात्रा: दिल्ली से मेरठ का सफर

\r\n\r\n
इस 82 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर कुल 22 से अधिक स्टेशन (नमो भारत और मेट्रो दोनों मिलाकर) हैं। आइए इस रूट को विस्तार से समझते हैं:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

दिल्ली का दिल: मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन हब

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    सराय काले खां: यह सिर्फ एक स्टेशन नहीं, बल्कि एशिया के सबसे बड़े ट्रांसपोर्ट हब में से एक बन गया है। यहाँ से यात्री बिना स्टेशन से बाहर निकले नमो भारत, दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन, हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन और सराय काले खां ISBT बस स्टैंड के बीच आवाजाही कर सकेंगे।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    न्यू अशोक नगर: यहाँ दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन (नोएडा की ओर जाने वाली) से सीधा जुड़ाव है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    आनंद विहार (Underground): यह एक इंजीनियरिंग मास्टरपीस है। आनंद विहार में ज़मीन के नीचे नमो भारत स्टेशन बनाया गया है, जो सीधे दिल्ली मेट्रो, आनंद विहार रेलवे टर्मिनल और कौशांबी बस अड्डे से जुड़ा है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

गाज़ियाबाद और मोदीनगर का तेज़ी से बढ़ता इलाका

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    साहिबाबाद से गाज़ियाबाद: यह गाज़ियाबाद शहर के भारी ट्रैफिक को बायपास करता है। गाज़ियाबाद स्टेशन रेड लाइन मेट्रो से जुड़ा है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    गुलधर, दुहाई और मुरादनगर: इन स्टेशनों ने गाज़ियाबाद के बाहरी इलाकों और राजनगर एक्सटेंशन की रियल एस्टेट वैल्यू को रातों-रात दोगुना कर दिया है। दुहाई में मुख्य डिपो स्थित है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    मोदीनगर (साउथ और नॉर्थ): दिल्ली-मेरठ हाईवे पर मोदीनगर का जाम कुख्यात था। आज से यहाँ के लोगों को उस जाम से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

मेरठ का शहर: अंडरग्राउंड और एलिवेटेड का मिश्रण

\r\n\r\n
मेरठ में प्रवेश करते ही यह ट्रैक कहीं हवा में (एलिवेटेड) है, तो कहीं ज़मीन के नीचे (अंडरग्राउंड)।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी और शताब्दी नगर: ये एलिवेटेड स्टेशन हैं, जो इंडस्ट्रियल और रिहायशी इलाकों को कवर करते हैं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    अंडरग्राउंड स्ट्रेच: जैसे ही ट्रेन मेरठ के पुराने शहर की ओर बढ़ती है, यह ज़मीन के नीचे चली जाती है। मेरठ सेंट्रल, भैंसाली और बेगमपुल - ये तीनों स्टेशन अंडरग्राउंड हैं। भैंसाली बस अड्डे और बेगमपुल के कमर्शियल हब के नीचे टनल (सुरंग) बनाना NCRTC के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    दौरली, मेरठ नॉर्थ और मोदीपुरम: शहर के उत्तरी हिस्से को कवर करते हुए यह मोदीपुरम में समाप्त होती है, जहाँ मेरठ मेट्रो का डिपो भी बनाया गया है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

'मेक इन इंडिया' की शानदार जीत

\r\n\r\n
उद्घाटन से पहले पीएम मोदी कई बार अपने भाषणों में 'आत्मनिर्भर भारत' का ज़िक्र कर चुके हैं। नमो भारत और मेरठ मेट्रो इसका जीता-जागता उदाहरण हैं।
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    इन दोनों ट्रेनों के 100% कोच भारत में ही डिज़ाइन और निर्मित किए गए हैं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    इनका निर्माण गुजरात के सावली (Savli) में स्थित एल्सटॉम (Alstom) के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में हुआ है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ट्रैक बिछाने से लेकर, सिग्नलिंग सिस्टम और स्टेशन निर्माण तक में अधिकांश सामग्री स्वदेशी है। इस प्रोजेक्ट ने यह साबित कर दिया है कि भारत अब विश्वस्तरीय अर्बन मोबिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर खुद बनाने में सक्षम है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

आम आदमी की जेब और सुविधा: किराया और टिकटिंग

\r\n\r\n
NCRTC ने इस बात का पूरा ध्यान रखा है कि यह सुविधा केवल अमीरों तक सीमित न रहे, बल्कि एक आम नौकरीपेशा व्यक्ति या छात्र भी इसका रोज़ाना इस्तेमाल कर सके।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

टिकटिंग के स्मार्ट विकल्प:

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    RRTS Connect App: यात्री अपने मोबाइल ऐप से डिजिटल QR टिकट जनरेट कर सकते हैं और सीधे AFC गेट पर फोन स्कैन करके एंट्री पा सकते हैं।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    NCMC (National Common Mobility Card): अगर आपके पास किसी भी बैंक का 'वन नेशन, वन कार्ड' रूपे कार्ड है, तो आप उसे सीधे गेट पर टैप करके यात्रा कर सकते हैं। अलग से टिकट लेने की कोई झंझट नहीं।
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    टिकट वेंडिंग मशीनें (TVM): हर स्टेशन पर मशीनें लगी हैं जो कैश, क्रेडिट/डेबिट कार्ड और UPI के माध्यम से पेपर QR टिकट जारी करती हैं।
    \r\n
  6. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

किराया संरचना (Fare Structure - अनुमानित):

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    न्यूनतम किराया: लगभग 20 रुपये (एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन के लिए)।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    अधिकतम किराया (स्टैंडर्ड कोच): दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक के पूरे 82 किमी सफर का किराया लगभग 160 से 200 रुपये के बीच रहने की उम्मीद है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    प्रीमियम कोच: यदि आप प्रीमियम क्लास में सफर करना चाहते हैं, तो इसका किराया सामान्य कोच के किराये से ठीक दोगुना (Double) होगा।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

अर्थव्यवस्था और पर्यावरण पर 'मेगा इम्पैक्ट'

\r\n\r\n
इस 30,000 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट का असर केवल सफर तक सीमित नहीं रहेगा। यह पूरे NCR की तस्वीर बदलने वाला है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पर्यावरण के लिए वरदान

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    आज दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और NH-9 पर रोज़ाना लाखों गाड़ियां रेंगती हैं। नमो भारत के पूरी तरह शुरू होने से अनुमान है कि हर दिन सड़कों से कम से कम 1 लाख निजी वाहन कम हो जाएंगे।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    इससे सालाना लगभग 2.5 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) का उत्सर्जन घटेगा, जो दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण को कम करने में बड़ी भूमिका निभाएगा।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    नमो भारत के सभी स्टेशनों की छतों पर सोलर पैनल लगाए गए हैं, जिससे ये स्टेशन अपनी ज़रूरत की अधिकांश बिजली खुद (Green Energy) पैदा करेंगे।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

रियल एस्टेट और रोज़गार का बूम

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    अब लोगों को दिल्ली में महंगे किराए के घर में रहने की मजबूरी नहीं होगी। कोई भी व्यक्ति मेरठ या मोदीनगर के शांत और सस्ते इलाके में रहकर रोज़ाना 40-50 मिनट में दिल्ली नौकरी करने आ-जा सकता है। इसे 'काउंटी लिविंग (County Living)' कॉन्सेप्ट कहा जा रहा है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    गाज़ियाबाद और मेरठ के आसपास कमर्शियल और रेजिडेंशियल रियल एस्टेट में भारी उछाल आया है। इस प्रोजेक्ट ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हज़ारों युवाओं को रोज़गार भी दिया है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण की मिसाल

\r\n\r\n
आज जब पीएम मोदी ट्रेन के क्रू मेंबर्स से मिलेंगे, तो उन्हें यह देखकर खुशी होगी कि नमो भारत का संचालन एक 'नारी शक्ति' की कहानी भी है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    50% से अधिक महिला कर्मचारी: इस पूरे कॉरिडोर पर ट्रेन ऑपरेटरों (पायलट), स्टेशन कंट्रोलर, कस्टमर केयर और सिक्योरिटी स्टाफ में 50 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर्स (PSD): यात्रियों, खासकर बच्चों की सुरक्षा के लिए हर स्टेशन पर कांच के स्लाइडिंग दरवाज़े (PSD) लगाए गए हैं। ये दरवाज़े तभी खुलते हैं जब ट्रेन प्लेटफॉर्म पर आकर बिल्कुल सही पोज़िशन में रुक जाती है। इससे ट्रैक पर गिरने या कूदने की घटनाएं शून्य हो जाती हैं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    CCTV और सुरक्षा बल: पूरा नेटवर्क 24x7 हाई-डेफिनिशन कैमरों की निगरानी में है और हर स्टेशन पर विशेष सुरक्षा बलों की तैनाती है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

भविष्य का विज़न: आगे क्या है?

\r\n\r\n
दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर तो सिर्फ शुरुआत है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) का विज़न इससे कहीं बड़ा है। 'फेज़ 1' के तहत सराय काले खां को केंद्र बनाकर दो और बड़े कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    दिल्ली - गुरुग्राम - एसएनबी - अलवर (Delhi-Alwar RRTS): यह कॉरिडोर हरियाणा के औद्योगिक शहरों (गुरुग्राम, मानेसर, बावल) होते हुए राजस्थान के अलवर तक जाएगा।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    दिल्ली - पानीपत (Delhi-Panipat RRTS): यह कॉरिडोर दिल्ली को हरियाणा के सोनीपत और पानीपत से जोड़ेगा।
    \r\n
  4. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
भविष्य में, जब ये तीनों कॉरिडोर सराय काले खां स्टेशन पर आकर मिलेंगे, तो यह एशिया का सबसे बड़ा 'इंटरऑपरेबल ट्रांसपोर्ट सिस्टम' बन जाएगा। यानी, मेरठ का कोई व्यक्ति ट्रेन में बैठेगा और बिना स्टेशन या ट्रेन बदले सीधा गुरुग्राम या पानीपत पहुंच सकेगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

एक नए युग के दरवाज़े पर खड़ा NCR

\r\n\r\n
बस कुछ ही देर में, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाथ रिमोट के बटन पर होगा और हरी झंडी नीचे आएगी, तो वह सिर्फ एक ट्रेन का प्रस्थान नहीं होगा। वह उस आधुनिक और विकसित भारत की ओर बढ़ता एक मज़बूत कदम होगा, जिसका सपना हर भारतीय ने देखा है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
दिल्ली-मेरठ नमो भारत और मेरठ मेट्रो का आज शुरू होना यह साबित करता है कि भारत अब जटिल, बड़े और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को तय समय पर पूरा करने की क्षमता रखता है। आज से दिल्ली और मेरठ दो अलग-अलग शहर नहीं रहे; समय और दूरी के पैमाने पर, वे अब एक ही विशाल महानगर (Megalopolis) का हिस्सा बन गए हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मेरठ से लाइव कवरेज लगातार जारी है। जैसे ही पीएम मोदी हरी झंडी दिखाएंगे, हम आपको ट्रेन के अंदर की पहली तस्वीरें और पीएम के संबोधन की मुख्य बातें आप तक पहुंचाएंगे।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन