मेरठ (Meerut News): मेरठ-हापुड़ रोड (Meerut-Hapur Road) स्थित नेशनल कैपिटल रीजन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (NCR Medical College) एक बार फिर सुर्खियों में है। विवादों और जांच एजेंसियों के घेरे में चल रहे इस मेडिकल कॉलेज के सर्वर और रिकॉर्ड रूम में अचानक आग लग गई। कॉलेज प्रबंधन ने इसे शॉर्ट सर्किट का नतीजा बताया है, लेकिन घटना के समय पुलिस या फायर ब्रिगेड को सूचना न दिए जाने से मामला संदिग्ध हो गया है।READ ALSO:-Meerut Crime: 'कंप्यूटर क्लास' के नाम पर सजाई जाती थी जिस्म की मंडी, 3 महीने से फरार प्रॉपर्टी मालिक विकास त्यागी गिरफ्तार - पुलिस का बड़ा एक्शन
\r\n\r\n\r\n\r\n
चूंकि यह कॉलेज पहले से ही सीबीआई (CBI) और ईडी (ED) की जांच के दायरे में है, इसलिए रिकॉर्ड रूम में आग लगने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
स्टाफ ने बुझाई आग, पुलिस को रखा दूर
\r\n\r\nघटना मंगलवार की बताई जा रही है। कॉलेज के सर्वर और रिकॉर्ड रूम से अचानक धुआं उठता देख कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में शोर मचाते हुए कर्मचारियों ने प्रबंधन को सूचित किया। गनीमत रही कि आग ज्यादा फैलने से पहले ही संस्थान के कर्मचारियों ने अग्निशमन यंत्रों की मदद से उस पर काबू पा लिया।
\r\n\r\n\r\n\r\n
हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद कॉलेज प्रशासन ने न तो स्थानीय पुलिस को सूचित किया और न ही फायर ब्रिगेड को बुलाना उचित समझा। आग बुझ जाने के काफी देर बाद कॉलेज अस्पताल के प्रशासन हेड जोमेन ने खरखौदा थाने पहुंचकर तहरीर देने की कोशिश की।
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
पुलिस का तहरीर लेने से इनकार
\r\n\r\nखरखौदा पुलिस ने कॉलेज प्रशासन की तहरीर लेने से साफ इनकार कर दिया है। पुलिस का तर्क है कि जब आग लगी थी, तब सूचना क्यों नहीं दी गई? अब जब सब कुछ जल चुका है या हटा दिया गया है, तो नुकसान का सही आकलन कैसे संभव होगा?
\r\n\r\n\r\n\r\n
सीओ किठौर प्रमोद कुमार सिंह ने स्पष्ट कहा कि घटना की कोई पूर्व जानकारी पुलिस को नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा, "रिकॉर्ड रूम में आग लगने की बात सामने आई है। यदि ऐसा है, तो मामले की गहन जांच की जाएगी कि आखिर सूचना क्यों छिपाई गई।"
\r\n\r\n\r\n\r\n
संयोग या साजिश? रिकॉर्ड रूम ही क्यों बना निशाना?
\r\n\r\nएनसीआर मेडिकल कॉलेज (NCR Medical College) के रिकॉर्ड रूम में आग लगना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग दबी जुबान में इसे किसी बड़ी साजिश का हिस्सा मान रहे हैं। दरअसल, कॉलेज एमबीबीएस (MBBS) की सीटें बढ़ाने के मामले में फर्जीवाड़े के आरोपों से घिरा है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n CBI और ED का छापा: इसी साल 1 जुलाई को सीबीआई और 27 नवंबर को ईडी (ED) ने कॉलेज परिसर में छापा मारा था। इन छापों के दौरान केंद्रीय एजेंसियों ने इसी रिकॉर्ड रूम की गहन तलाशी ली थी।\r\n \r\n
- \r\n दस्तावेजों पर सवाल: आशंका जताई जा रही है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी या फिर जांच को प्रभावित करने के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेजों को नष्ट किया गया?\r\n \r\n
\r\n\r\n
कॉलेज संस्थापक की सफाई
\r\n\r\nकॉलेज की संस्थापक और भाजपा की पूर्व एमएलसी डॉ. सरोजिनी अग्रवाल (Dr. Sarojini Agarwal) ने इसे सामान्य घटना बताया है। उन्होंने कहा कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी, जिसे स्टाफ ने तुरंत बुझा दिया। हालांकि, क्या जलकर खाक हुआ, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी तक नहीं दी गई है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
क्या है पूरा विवाद?
\r\n\r\nएनसीआर मेडिकल कॉलेज पर आरोप है कि उसने एमबीबीएस की 50 सीटें बढ़ाने के लिए गलत दस्तावेजों का सहारा लिया। इस मामले में कॉलेज की मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. शिवानी अग्रवाल के खिलाफ सीबीआई ने रिपोर्ट दर्ज की है। वर्तमान में कॉलेज में 150 एमबीबीएस सीटें स्वीकृत हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
जांच एजेंसियों की सख्ती के बीच रिकॉर्ड रूम में आग लगने की घटना ने जांच की दिशा को और पेंचीदा बना दिया है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या नया मोड़ आता है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
मेरठ के एनसीआर मेडिकल कॉलेज (NCR Medical College) के रिकॉर्ड रूम में आग लगने की घटना सामने आई है। प्रबंधन ने इसे शॉर्ट सर्किट बताया, लेकिन पुलिस को सूचना न देने पर सवाल उठ रहे हैं। चूंकि कॉलेज पर CBI और ED की जांच चल रही है, इसलिए इस आग को दस्तावेजों को नष्ट करने की साजिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।
Sabse pehle comment karne wale banein.