मेरठ: मेरठ के सेंट्रल मार्केट स्थित जैना ज्वैलर्स के शोरूम पर सोमवार को आवास विकास परिषद् (Awas Vikas Parishad) की ओर से प्रस्तावित सीलिंग की कार्रवाई टल गई। हालांकि, टीम ने शोरूम का गहन सर्वे और वीडियोग्राफी की। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब शोरूम के उद्घाटन को अभी दो महीने भी पूरे नहीं हुए हैं, जिसका उद्घाटन मथुरा सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने किया था।READ ALSO:-'सत्ता में हूं इसलिए मजबूर हूं... नहीं तो मेज पलटकर सिर पर रख देता था', मेरठ में अधिकारियों पर क्यों भड़के लक्ष्मीकांत वाजपेयी?
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आवास विकास परिषद ने जैना ज्वैलर्स को अनाधिकृत निर्माण और व्यावसायिक गतिविधि को लेकर नोटिस जारी किया था, क्योंकि सेंट्रल मार्केट का यह पूरा इलाका मूल रूप से आवासीय घोषित है।
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रातों-रात खाली हुआ शोरूम, टीम ने किया सर्वे

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सेंट्रल मार्केट व्यापार संघ के नेता जितेंद्र अग्रवाल ने बताया कि सोमवार को आवास विकास परिषद् की टीम मै. जयन्ती प्रसाद जीवन लाल जैन ज्वेलर्स प्रा. लि. के शोरूम पर पहुंची। टीम ने शोरूम का विस्तृत सर्वे किया, जिसमें स्ट्रांग रूम से लेकर पूरे परिसर की वीडियोग्राफी की गई। हालांकि, टीम ने मौके पर सीलिंग की कोई कार्रवाई नहीं की और बिना कोई जवाब दिए वापस लौट गई।
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यह कार्रवाई ऐसे दिन हुई जब एक दिन पहले ही एहतियात के तौर पर शोरूम को रातों-रात खाली कर दिया गया था। यह सेंट्रल मार्केट में अवैध निर्माण पर आवास विकास की बड़ी कार्रवाई का हिस्सा है, जहां 25 अक्टूबर को 22 दुकानों वाला एक कॉम्प्लेक्स पहले ही ढहाया जा चुका है और 31 अन्य भूखंड मालिकों को ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी किया गया है।
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उच्च न्यायालय में मामला और अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप

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इस पूरे मामले में कानूनी पहलू भी जुड़ गया है। सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में न्यायाधीश दिनेश पाठक ने सुनवाई करते हुए आवास आयुक्त डॉ. बलकार सिंह से एक माह में जवाब मांगा है। न्यायालय ने पूछा है कि संबंधित निर्माण को आवासीय घोषित किए जाने तक शोरूम का संचालन कैसे किया जा रहा है। मामले में अगली सुनवाई 21 जनवरी 2026 को तय की गई है।
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इस बीच, आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध निर्माण का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस भूखंड का मानचित्र दो बार— 26 अक्तूबर 2023 को पहला और 12 सितंबर 2025 को दूसरा— स्वीकृत कराया गया, जबकि शोरूम का उद्घाटन 22 सितंबर 2025 को हो गया था। खुराना ने सवाल उठाया है कि महज 10 दिन में इतनी बड़ी बिल्डिंग कैसे बनकर तैयार हो गई। इस आरोप से मेरठ जैना ज्वैलर्स सीलिंग विवाद में विभागीय अनियमितता का शक गहरा गया है।
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सीलिंग की तैयारी और प्रशासनिक कार्रवाई

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आवास विकास परिषद् के अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार ने पुष्टि की है कि भवन संख्या 259/6 में ज्वैलरी शोरूम अनाधिकृत है और 23 सितंबर को व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने के लिए नोटिस जारी किया गया था। नियत अवधि में निर्माण न हटाने के बाद, अधिकारियों ने 17 नवंबर को सीलिंग के लिए पुलिस फोर्स की मांग की थी।
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सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों ने भी इस कार्रवाई के खिलाफ एकजुटता दिखाई है। व्यापारियों ने इस मुद्दे पर आपात बैठकें कर बाजार को 'बाजार स्ट्रीट' का दर्जा दिलाने के लिए आवेदन तैयार किए हैं, ताकि बाजार को वैध किया जा सके और मेरठ जैना ज्वैलर्स सीलिंग जैसी अन्य संभावित कार्रवाईयों से बचा जा सके। 
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मेरठ के सेंट्रल मार्केट स्थित जैना ज्वैलर्स के अवैध शोरूम पर आवास विकास परिषद् की ओर से प्रस्तावित सीलिंग की कार्रवाई फिलहाल टल गई है, लेकिन टीम ने मौके का सर्वे किया है। इस बीच, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आवास आयुक्त से जवाब तलब किया है, और अगली सुनवाई 21 जनवरी 2026 को होगी। उद्घाटन के कुछ ही समय बाद अवैध निर्माण के आरोपों से घिरे इस मामले ने अधिकारियों की मिलीभगत और पूरे सेंट्रल मार्केट की अवैधता को फिर से चर्चा में ला दिया है।
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