मेरठ (ब्यूरो रिपोर्ट - खबरीलाल मीडिया):
\r\n​उत्तर प्रदेश के जनपद मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र से एक ऐसी फिल्मी मगर हकीकत से भरी घटना सामने आई है, जिसने पुलिस महकमे और समाज को हिलाकर रख दिया है। यह कहानी है एक महिला कॉन्स्टेबल की, जिसकी शादी की खुशियाँ चंद घंटों में मातम और अफरा-तफरी में बदल गईं। ग्राम अकबरपुर सादान की रहने वाली संध्या भारद्वाज, जो खुद कानून की रक्षक है, रविवार को अपनी ही शादी से महज 4 घंटे पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई।
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\r\n​इस घटना में तब मोड़ आया जब परिवार ने एक हिस्ट्रीशीटर पर अपहरण का गंभीर आरोप लगाया। वहीं, दूसरी ओर पुलिस का दावा है कि यह अपहरण नहीं, बल्कि मर्जी का मामला है। इस गहमागहमी के बीच एक घर की खुशियाँ उजड़ गईं, बारात ने आने से इनकार कर दिया और एक बेबस पिता को अस्पताल के बिस्तर पर पहुँचा दिया गया। 
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\r\n​1. घटना का विस्तृत घटनाक्रम: शहनाइयों के बीच पसरा सन्नाटा
\r\n​रविवार का दिन संध्या भारद्वाज के घर में खुशियों की लहर लेकर आया था। घर में शादी की रस्में पूरी की जा चुकी थीं। संध्या के हाथों में पिया के नाम की मेहंदी सज चुकी थी और पूरा परिवार मुजफ्फरनगर के मीरापुर से आने वाली बारात के स्वागत की तैयारी में जुटा था।
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\r\n​लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। शाम को बारात आनी थी, लेकिन दोपहर होते-होते खबर मिली कि दुल्हन लापता है। जिस घर से डोली उठनी थी, वहां से शोर और चीख-पुकार की आवाजें आने लगीं। पता चला कि शादी से ठीक 4 घंटे पहले संध्या अचानक घर से कहीं चली गई है।
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\r\n​2. कौन है संध्या भारद्वाज? रक्षक से 'पीड़ित' बनने तक का सफर
\r\n​संध्या भारद्वाज (25 वर्ष) साधारण युवती नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस की एक गर्वित सदस्य है। वह वर्तमान में अलीगढ़ के साइबर क्राइम थाने में तैनात है। उसका रिश्ता भी महकमे के ही एक जवान, अतुल शर्मा से तय हुआ था, जो अलीगढ़ के ही बन्ना देवी थाने में सिपाही के पद पर तैनात हैं।
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\r\n​दो पुलिसकर्मियों की इस शादी को लेकर परिवार बहुत उत्साहित था। 8 फरवरी की तारीख तय थी, लेकिन एन वक्त पर हुई इस घटना ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया।
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\r\n​3. किडनैपिंग का आरोप: कौन है हिस्ट्रीशीटर अंकित ठाकुर?
\r\n​संध्या के पिता ने थाने पहुँचकर गांव ढीकोली निवासी अंकित ठाकुर के खिलाफ अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई। अंकित कोई साधारण युवक नहीं, बल्कि मवाना थाने का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है।
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\r\n​अंकित का आपराधिक काला चिट्ठा:
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  • ​अंकित पर मवाना और किला परीक्षितगढ़ थानों में कुल 11 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
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  • ​मई-2025 में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर एक शराब के ठेके पर लूट की थी।
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  • ​लूट के बाद पुलिस घेराबंदी में हुई मुठभेड़ के दौरान अंकित के पैर में गोली भी लगी थी।
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\r\n​वह हाल ही में जेल से बाहर आया था।
\r\n​पिता का आरोप है कि अंकित ने उनकी बेटी को डरा-धमका कर किडनैप किया है और उसकी जान को खतरा है।
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\r\n​4. पुलिस की जांच और 'मर्जी' का दावा
\r\n​जब परिवार थाने में हंगामा कर रहा था, तभी पुलिस के पास एक नया इनपुट आया। पुलिस के मुताबिक, संध्या ने अपने घर के एक मोबाइल फोन पर कॉल किया और कहा कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से जा रही है। उसने यह भी कहा कि उसे अपने अच्छे-बुरे की समझ है और परिवार को चिंता करने की जरूरत नहीं है।
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\r\n​हालांकि, परिवार इस कॉल की बात को पूरी तरह स्वीकार नहीं कर रहा है और इसे दबाव में किया गया कॉल मान रहा है। CO पंकज लवानिया ने बताया कि पिता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।
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\r\n​5. 8 घंटे का ऑपरेशन और बरामदगी
\r\n​मामला एक महिला कॉन्स्टेबल के अपहरण का था, इसलिए पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसपी देहात अभिजीत कुमार के निर्देशन में पुलिस की 4 विशेष टीमें गठित की गईं। सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने करीब 8 घंटे के भीतर ही संध्या को बरामद कर लिया।
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\r\n​पुलिस का कहना है कि अब विधिक प्रक्रिया के तहत सोमवार को महिला का मेडिकल कराया जाएगा और कोर्ट में 164 के बयान दर्ज कराए जाएंगे। इन बयानों के आधार पर ही तय होगा कि यह मामला वास्तव में अपहरण का है या युवती की अपनी मर्जी का।
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\r\n​6. उजड़ गईं खुशियाँ: बारात लौटी, पिता अस्पताल में
\r\n​इस पूरी घटना का सबसे दुखद पहलू यह रहा कि जिस दूल्हे को संध्या का हाथ थामना था, उसके परिवार ने इस हंगामे के बाद बारात लाने से साफ इनकार कर दिया। लड़के पक्ष का कहना है कि इस तरह के विवाद के बाद वे रिश्ता आगे नहीं बढ़ा सकते।
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\r\n​बेटी के लापता होने और बारात के टूटने का सदमा संध्या के पिता बर्दाश्त नहीं कर सके। उन्हें सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया। घर में जहाँ मंगल गीत गाए जाने थे, वहां अब सिसकियाँ और सन्नाटा है।
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\r\n​7. सामाजिक और कानूनी विश्लेषण: वर्दी और जज्बात का टकराव
\r\n​यह घटना समाज के सामने कई सवाल खड़े करती है। एक महिला कॉन्स्टेबल जो साइबर क्राइम जैसे जटिल मामलों को सुलझाती है, वह खुद अपनी जिंदगी के फैसले में इस तरह उलझ गई।
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\r\n​कानूनी स्थिति:
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  • ​चूंकि संध्या बालिग है (25 वर्ष), इसलिए कोर्ट में उसके बयान सबसे महत्वपूर्ण होंगे।
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  • ​यदि वह अपनी मर्जी से जाना स्वीकार करती है, तो अपहरण का मुकदमा कमजोर पड़ सकता है।
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  • ​लेकिन एक हिस्ट्रीशीटर की संलिप्तता इस मामले को आपराधिक साजिश की ओर भी मोड़ सकती है।
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\r\n​मेरठ की यह घटना केवल एक शादी का टूटना नहीं है, बल्कि यह कानून, जज्बात और अपराध के बीच उलझी एक ऐसी गुत्थी है जिसे सुलझाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। क्या एक हिस्ट्रीशीटर ने वाकई एक महिला सिपाही को मजबूर किया? या फिर यह प्रेम प्रसंग का कोई पुराना मामला है?
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\r\n​खबरीलाल मीडिया (Khabaeelal Media & PR LLP) इस खबर पर अपनी नजर बनाए हुए है। सोमवार को कोर्ट में होने वाले बयान इस रहस्य से पर्दा उठाएंगे।
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