उत्तर प्रदेश के मेरठ में पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी का असर अब स्पष्ट रूप से महसूस होने लगा है। पिछले दो दिनों से चल रही शीतलहर के बीच मंगलवार को सुबह से चली तेज हवाओं ने शहर में ठंड का असर बढ़ा दिया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। राहत की बात यह है कि तेज हवा के कारण प्रदूषण स्तर में सुधार देखा गया है। मौसम वैज्ञानिक आने वाले दिनों में ठंड में और अधिक वृद्धि होने की संभावना जता रहे हैं।READ ALSO:-Baghpat News: आपके घर में इस्तेमाल होने वाला 'हार्पिक' और 'लाइजोल' असली है या नकली? बड़ौत में पुलिस ने पकड़ी 'फर्जी फैक्ट्री', सैकड़ों बोतलें बरामद
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तेज हवा से प्रदूषण से मिली राहत

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जहां शीतलहर ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर किया है, वहीं तेज हवा शहरवासियों के लिए राहत लेकर आई है। पिछले दिनों 300 के पार पहुंच चुका वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अब धीरे-धीरे नीचे आने लगा है। हवा के बहाव के कारण प्रदूषक तत्त्व तेजी से छंट रहे हैं, जिससे वायु गुणवत्ता (Air Quality) में सुधार दर्ज किया गया है।
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सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम केंद्र प्रभारी डॉ. यूपी शाही ने बताया कि सोमवार को अधिकतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हवा चलने से पीएम 2.5 की मात्रा दोपहर एक बजे से शाम छह बजे तक 200 से कम रही।
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तापमान में और गिरावट की चेतावनी

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मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड और अधिक बढ़ सकती है। डॉ. यूपी शाही ने बताया कि हवा की रफ्तार अभी इसी तरह जारी रहने की संभावना है और मौसम में बदलाव के साथ तापमान धीरे-धीरे गिरता रहेगा।
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    न्यूनतम तापमान: मेरठ में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस के आसपास चल रहा है और अगले चार-पांच दिनों तक इसके 10 डिग्री के आसपास बने रहने की संभावना है।
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    शीतलहर की आशंका: मौसमविदों का दावा है कि 15 दिसंबर तक मौसम में बदलाव की संभावना है, जिसके बाद पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से शीतलहर चल सकती है।
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दिसंबर के पहले सप्ताह में रात के तापमान में खासी गिरावट दर्ज की गई है। 1 दिसंबर को न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था, जो कई वर्षों में इस तारीख का सबसे कम तापमान था। 
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विशेषज्ञों की सलाह: सुबह सैर पर जाने से बचें

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हालांकि दिन में प्रदूषण स्तर में सुधार हुआ है, लेकिन सुबह और रात के समय हवा की गुणवत्ता अभी भी खराब बनी हुई है। शहर में रात के समय और दोपहर 12 बजे तक पीएम 2.5 की मात्रा 320 से 400 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर बनी हुई है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
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मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी है:
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    बच्चों को मास्क लगाकर ही स्कूल भेजें।
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    अल सुबह सैर पर जाने से बचें और इसके बजाय घर में ही योग और प्राणायाम करें। 
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मेरठ में पहाड़ों की बर्फबारी और तेज हवाओं ने ठंड को बढ़ा दिया है, जिससे लोग ठिठुरन महसूस कर रहे हैं। अच्छी खबर यह है कि प्रदूषण स्तर में सुधार हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि 15 दिसंबर के आसपास शीतलहर चलने की आशंका है, इसलिए लोगों को अत्यधिक ठंड से बचाव के लिए तैयार रहना चाहिए और सुबह के समय खराब हवा की गुणवत्ता को देखते हुए सैर पर जाने से बचना चाहिए।
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