मेरठ: आगामी चुनावों को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मेरठ जनपद में चल रहा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) अभियान अब अपने सबसे निर्णायक चरण में प्रवेश कर गया है। जिले की मतदाता सूची को त्रुटिहीन और स्वच्छ बनाने के लिए एक व्यापक 'महा-सफाई' अभियान चलाया जा रहा है।
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ताजा अपडेट के अनुसार, जनपद के सभी 2,758 बूथों पर बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने घर-घर जाकर सर्वे का काम 100 प्रतिशत पूरा कर लिया है। इस जमीनी सर्वे के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण कार्य शुरू हुआ है- बीएलओ द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट का सुपरवाइजरी स्तर पर क्रॉस वेरिफिकेशन (सत्यापन)।
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275 अधिकारियों के जिम्मे 6.5 लाख संदिग्धों का सत्यापन बीएलओ के सर्वे के बाद अब जिले के 275 पर्यवेक्षकीय अधिकारी मैदान में उतरे हैं। इन अधिकारियों को बीएलओ द्वारा तैयार की गई सूचियों को क्रॉस चेक करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, मेरठ जनपद में लगभग 6 लाख 48 हजार मतदाता ऐसे हैं, जिन्हें एएसडी (ASD) श्रेणी में रखा गया है। एएसडी यानी- एब्सेंट (अनुपस्थित), शिफ्टेड (स्थानांतरित) और डेड (मृतक)। इतनी बड़ी संख्या में संदिग्ध मतदाताओं का भौतिक सत्यापन करना अधिकारियों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
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मंगलवार को भी ये 275 अधिकारी विभिन्न बूथों पर पहुंचे और मतदाता सूची में शामिल मृतक, डबल, शिफ्ट और अनुपस्थित मतदाताओं के नामों का भौतिक सत्यापन किया। सूत्रों के मुताबिक, विशेषकर मृतकों और कई वर्षों से अनुपस्थित मतदाताओं के बारे में सटीक जानकारी जुटाने में अधिकारियों के 'पसीने छूट रहे' हैं, क्योंकि कई मामलों में पड़ोसी भी सही जानकारी देने की स्थिति में नहीं हैं। राहत की बात यह है कि 2,758 बूथों में से लगभग एक हजार बूथों पर यह क्रॉस चेकिंग का काम पूरा कर लिया गया है।READ ALSO:-बिजनौर में शीतलहर का 'प्रकोप': कड़ाके की ठंड को देखते हुए 12वीं तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित; डीएम का सख्त आदेश-'स्कूल खोला तो होगी कार्रवाई'
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डीएम का सख्त आदेश: मृतकों की जांच में 'जीरो टॉलरेंस' जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया है। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि डीएम का स्पष्ट आदेश है कि मृतकों की सूची की जांच अत्यंत गहनता और गंभीरता के साथ की जाए।
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डीएम ने चेतावनी दी है कि यदि क्रॉस चेकिंग के बाद भी किसी बूथ की सूची में मृतक मतदाता का नाम पाया गया या सत्यापन में कोई गड़बड़ी मिली, तो उस बूथ का क्रॉस चेक करने वाले संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का पूरा जोर इस बात पर है कि मतदाता सूची में एक भी बोगस नाम न रहे।
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समझें क्या हैं ASD मतदाता और कैसे हो रही जांच? प्रशासन ने एएसडी (ASD) श्रेणियों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया है, जिनकी गहन जांच चल रही है:
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    अनुपस्थित (Absent): ऐसे मतदाता जो अपना मोहल्ला या घर छोड़कर कहीं और चले गए हैं। जिनके बारे में न तो उनके पड़ोसियों को कोई जानकारी है और न ही क्षेत्र के अन्य लोगों को उनका वर्तमान पता मालूम है। इनकी जांच सबसे जटिल है।
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  2. \r\n
  3. \r\n
    शिफ्टेड (Shifted): इस श्रेणी में वे मतदाता हैं जिन्होंने अपना निवास स्थान बदल लिया है, लेकिन उनका वोट अभी भी पुराने पते पर ही बना हुआ है। इनका सत्यापन कर नाम सही पते पर शिफ्ट किया जाएगा या पुराने से काटा जाएगा।
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  4. \r\n
  5. \r\n
    डबल (Double): ऐसे मतदाता जिनका नाम दो अलग-अलग जगहों (बूथों या विधानसभाओं) पर दर्ज है। इनका एक जगह से नाम काटा जाना अनिवार्य है।
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  6. \r\n
  7. \r\n
    मृतक (Dead): वे मतदाता जिनकी मृत्यु हो चुकी है, लेकिन नाम अभी भी सूची में है।
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यह संपूर्ण सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रशासन द्वारा दावे और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी, जिसके बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा।
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छूटे हुए लोगों के लिए अभी भी मौका: भरें फॉर्म-6 इस सख्ती के बीच प्रशासन ने उन पात्र नागरिकों को भी राहत दी है जो किसी कारणवश बीएलओ के शुरुआती सर्वे में अपना नाम दर्ज कराने से चूक गए थे।
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जिला सहायक निर्वाचन अधिकारी सत्यप्रकाश सिंह ने महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि क्रॉस चेकिंग के दौरान ऐसे कई लोग सामने आ रहे हैं, जिन्हें पहले फॉर्म नहीं मिल पाया था और वे अपना नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म नहीं भर पाए थे। ऐसे सभी लोगों से अब मौके पर ही फॉर्म-6 भरवाया जा रहा है।
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प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि यदि आप पात्र मतदाता हैं और आपका फॉर्म अभी तक नहीं भरा गया है, तो आप तुरंत अपने क्षेत्र के बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) से संपर्क कर फॉर्म-6 प्राप्त करें और उसे भरकर जमा करें, ताकि आपका नाम मतदाता सूची में शामिल हो सके।
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