मेरठ (Meerut News): उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) जिले से गुरुवार (29 जनवरी 2026) को एक अजीबोगरीब और हाईवोल्टेज ड्रामा सामने आया है। यहां एक युवक ने नशे की हालत में फिल्म 'शोले' के वीरू की याद दिला दी। भाई की डांट से नाराज होकर यह युवक एक ऊंचे पेड़ पर चढ़ गया और वहां लटक कर आत्महत्या की धमकी देने लगा। बीच सड़क पर हुए इस हंगामे को देखने के लिए भारी भीड़ जमा हो गई।READ ALSO:-मेरठ में ब्राह्मण समाज का 'शंखनाद': "20 साल जेल में रहने वाले निर्दोषों के साल कौन लौटाएगा?" - सुप्रीम कोर्ट की राहत के बीच सरकार को दी बड़ी चेतावनी
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
स्थिति को संभालने के लिए स्थानीय पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। अंततः पुलिस ने फायर ब्रिगेड और क्रेन (Crane) की मदद ली। क्रेन को अपनी तरफ आता देख युवक का नशा काफूर हो गया और वह सुरक्षित नीचे उतर आया। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n

भाई की डांट से नाराज था युवक

\r\n\r\n
घटना मेरठ शहर के एक व्यस्त इलाके की है। पुलिस सूत्रों और एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह (SP City Ayush Vikram Singh) के अनुसार, युवक शराब पीने का आदी है। गुरुवार सुबह घर पर किसी बात को लेकर उसका अपने बड़े भाई से विवाद हो गया था। भाई ने उसे शराब पीने और काम न करने को लेकर डांट दिया।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
भाई की यह डांट युवक को इतनी नागवार गुजरी कि वह घर से गुस्से में निकल गया। पहले उसने जमकर शराब पी और फिर नशे में धुत होकर सड़क किनारे एक विशालकाय पेड़ पर चढ़ गया। वह पेड़ की सबसे ऊंची डाल पर जाकर बैठ गया और वहां से कूदने की धमकी देने लगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

तमाशबीनों की भीड़ और 'वायरल' फीवर

\r\n\r\n
जैसे ही युवक पेड़ पर चढ़ा, वहां से गुजरने वाले राहगीरों की नजर उस पर पड़ी। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। आजकल के डिजिटल दौर की कड़वी सच्चाई यहां भी देखने को मिली—ज्यादातर लोग उसे बचाने या समझाने के बजाय अपने मोबाइल फोन निकालकर वीडियो बनाने और रील (Reel) शूट करने में व्यस्त हो गए।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
भीड़ में से कुछ समझदार लोगों ने तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम (Dial 112) को सूचना दी। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने पहले लाउडस्पीकर से युवक को नीचे उतरने के लिए समझाया, लेकिन नशे में होने के कारण वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पुलिस का 'क्रेन ऑपरेशन' (The Rescue)

\r\n\r\n
युवक की जिद और पेड़ की ऊंचाई को देखते हुए पुलिस ने रिस्क लेना उचित नहीं समझा। युवक जिस डाल पर बैठा था, वह काफी कमजोर लग रही थी और उसके गिरने का खतरा बना हुआ था।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    क्रेन की एंट्री: पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नगर निगम और ट्रैफिक विभाग से संपर्क कर तत्काल एक हाइड्रोलिक क्रेन (Hydraulic Crane) मंगवाई।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    रेस्क्यू की तैयारी: क्रेन के मौके पर पहुंचते ही वहां मौजूद भीड़ में हलचल तेज हो गई। पुलिस ने भीड़ को पीछे हटाया और क्रेन के बकेट (Bucket) को पेड़ की ऊंचाई तक ले जाने का निर्देश दिया।
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    उतरा नशा: प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही विशालकाय क्रेन का पंजा (बकेट) युवक की तरफ बढ़ा, उसका नशा और गुस्सा दोनों हवा हो गए। क्रेन को पास आते देख युवक ने खुद ही सहयोग करना शुरू कर दिया।
    \r\n
  6. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
आखिरकार, क्रेन की मदद से युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। नीचे आते ही पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

अधिकारी का बयान

\r\n\r\n
इस पूरे मामले पर मेरठ के एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
\r\n
"युवक शराब पीने का आदी है और पारिवारिक विवाद के चलते पेड़ पर चढ़ गया था। पुलिस ने सूझबूझ का परिचय देते हुए क्रेन मंगवाई और उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया। युवक का मेडिकल कराया जा रहा है और उसके परिवार को भी काउंसलिंग के लिए बुलाया गया है। शांति भंग करने के आरोप में नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।"
\r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

समाज में घटती सहनशीलता का संकेत (Analysis)

\r\n\r\n
मेरठ की यह घटना भले ही एक कॉमेडी वीडियो की तरह वायरल हो रही हो, लेकिन यह समाज में बढ़ रहे अवसाद (Depression) और घटती सहनशीलता (Tolerance) का गंभीर संकेत है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    नशा एक बड़ी वजह: युवाओं में शराब और नशीले पदार्थों का सेवन बढ़ने से उनकी सोचने-समझने की क्षमता खत्म हो रही है। छोटी-छोटी बातों पर 'आत्महत्या' या 'घर छोड़ने' जैसा कदम उठाना इसी मानसिक अस्थिरता का परिणाम है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    पारिवारिक संवाद की कमी: भाई की डांट को सुधार के रूप में लेने के बजाय उसे अपमान समझना यह दर्शाता है कि परिवारों में संवाद की कमी आ रही है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में केवल पुलिस कार्यवाही काफी नहीं है, बल्कि नशामुक्ति केंद्रों (De-addiction Centers) और मनोवैज्ञानिक परामर्श की सख्त जरूरत है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

सोशल मीडिया पर रिएक्शन

\r\n\r\n
वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने तरह-तरह के कमेंट्स किए। किसी ने इसे 'मेरठ का स्पाइडरमैन' कहा तो किसी ने लिखा, "क्रेन का किराया भी इसी से वसूलना चाहिए।"
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
हालांकि, एक बड़ा सवाल यह भी उठता है कि क्या प्रशासन के संसाधनों (पुलिस फोर्स, क्रेन, एम्बुलेंस) का उपयोग ऐसे व्यक्तिगत ड्रामा के लिए होना चाहिए? जब शहर में ट्रैफिक जाम या अन्य गंभीर समस्याएं हों, तब एक शराबी को उतारने के लिए घंटों तक सरकारी मशीनरी का व्यस्त रहना चिंताजनक है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मेरठ पुलिस की तारीफ करनी होगी कि उन्होंने स्थिति की गंभीरता को भांपा और बिना किसी जनहानि के युवक को बचा लिया। युवक की जान बच गई, यह सबसे महत्वपूर्ण है। लेकिन यह घटना परिवारों के लिए एक सबक है कि वे अपने बच्चों की मानसिक स्थिति और संगति पर नजर रखें। वहीं, युवाओं को यह समझने की जरूरत है कि नशा किसी समस्या का समाधान नहीं, बल्कि नई समस्याओं की जड़ है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
फिलहाल, युवक पुलिस की निगरानी में है और उसका नशा उतर चुका है। उम्मीद है कि 'क्रेन की सवारी' के बाद वह भविष्य में ऐसा कदम उठाने से पहले सौ बार सोचेगा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मेरठ (UP) में गुरुवार को एक शराबी युवक भाई की डांट से नाराज होकर पेड़ पर चढ़ गया। आत्महत्या की धमकी देने वाले इस युवक को उतारने के लिए पुलिस को क्रेन बुलानी पड़ी। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि क्रेन देखते ही युवक नीचे उतर आया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
विज्ञापन
विज्ञापन