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उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर की पहचान और उत्तर भारत के सबसे बड़े मेलों में शुमार ऐतिहासिक नौचंदी मेला 2026 (Nauchandi Mela) की तैयारियां जोरों पर शुरू हो गई हैं। सांप्रदायिक सौहार्द, संस्कृति और परंपरा के इस अनूठे संगम का इंतजार सिर्फ मेरठ ही नहीं, बल्कि आसपास के कई राज्यों के लोगों को रहता है। जिला प्रशासन ने इस साल के मेले के आयोजन को लेकर अपनी कमर कस ली है और इसके लिए बाकायदा एक बड़ी मेला आयोजन समिति का गठन भी कर दिया गया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस बार नौचंदी मेले में क्या खास होने वाला है, दुकानों के लगने का समय क्या रहेगा और प्रशासन की क्या तैयारियां हैं।READ ALSO:-मेरठ में पति की खौफनाक दरिंदगी: 8 दिन बंधक बनाकर गर्म चिमटे से दागा, फिर इंटरनेट पर अश्लील फोटो के साथ लिख दिया पत्नी का 'रेट'
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15 मार्च को होगा ऐतिहासिक नौचंदी मेला 2026 का पारंपरिक उद्घाटन
\r\n\r\nपरंपरा के अनुसार, मेरठ के नौचंदी मेले का उद्घाटन हमेशा होली के बाद आने वाले दूसरे रविवार को किया जाता है। इस बार कैलेंडर के अनुसार यह विशेष तिथि 15 मार्च को पड़ रही है। इसी के चलते जिला प्रशासन ने 15 मार्च को नौचंदी मेला 2026 के पारंपरिक उद्घाटन की रूपरेखा तैयार कर ली है।
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इस विशाल और प्रांतीय दर्जे वाले मेले को सुचारू रूप से चलाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा 84 सदस्यीय मेला समिति की घोषणा की गई है। इस समिति में जिले के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा कार्यक्रमों से जुड़े संस्थाओं के पदाधिकारियों और शहर के अन्य प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों को भी शामिल किया गया है। सबका एक ही उद्देश्य है कि इस बार मेले को पहले से ज्यादा भव्य, सुरक्षित और आकर्षक बनाया जाए।
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सीडीओ नूपुर गोयल बनीं नोडल अधिकारी
\r\n\r\nमेले की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित ढंग से लागू करने के लिए मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) नूपुर गोयल को मेले का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनकी देखरेख में ही मेले की सभी प्रशासनिक और ढांचागत तैयारियां पूरी की जाएंगी। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नौचंदी मेले को 'प्रांतीय मेले' (Provincial Fair) का दर्जा प्राप्त है, जिसका मतलब है कि इसके आयोजन और फंडिग में राज्य स्तर पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। इस बार मेले के आयोजन की पूरी जिम्मेदारी जिला पंचायत मेरठ को सौंपी गई है।
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5 मार्च को होगी मेला समिति की अहम बैठक
\r\n\r\nमेले की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए नोडल अधिकारी और सीडीओ नूपुर गोयल ने 5 मार्च (गुरुवार) को मेला समिति की एक बहुत ही महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। यह बैठक विकास भवन सभागार में आयोजित की जाएगी।
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इस बैठक के मुख्य एजेंडे में निम्नलिखित बिंदु शामिल होंगे:
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- \r\n सुरक्षा व्यवस्था: लाखों की भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों की स्थापना और फायर ब्रिगेड की व्यवस्था।\r\n \r\n
- \r\n सांस्कृतिक कार्यक्रम: पटेल मंडप में होने वाले विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कवि सम्मेलनों, मुशायरों और बॉलीवुड नाइट्स की रूपरेखा तय करना।\r\n \r\n
- \r\n साफ-सफाई और लाइटिंग: मेला परिसर (नौचंदी मैदान) में साफ-सफाई सुनिश्चित करना, मोबाइल टॉयलेट्स की व्यवस्था और पूरे परिसर में रंग-बिरंगी लाइटों की सजावट।\r\n \r\n
- \r\n यातायात और पार्किंग: मेले में आने वाले लोगों के वाहनों के लिए उचित पार्किंग स्थल का निर्धारण और ट्रैफिक रूट का डायवर्जन।\r\n \r\n
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उद्घाटन 15 मार्च को, लेकिन दुकानों के लिए करना होगा एक महीने का इंतजार
\r\n\r\nभले ही मेले का पारंपरिक उद्घाटन 15 मार्च को बेहद धूमधाम और विधि-विधान के साथ हो जाएगा, लेकिन मेला प्रेमियों और खरीदारों को थोड़ी निराशा हो सकती है। सीडीओ नूपुर गोयल ने स्पष्ट किया है कि मेले में दुकानें और बड़े झूले उद्घाटन के लगभग एक महीने बाद ही पूरी तरह से सज पाएंगे।
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ऐसा क्यों होता है? दरअसल, नौचंदी मेले में आने वाले ज्यादातर बड़े व्यापारी, झूले वाले और शिल्पकार वर्तमान में अलीगढ़ और बुलंदशहर की नुमाइश (Exhibitions) में अपनी दुकानें लगाए हुए हैं। जब वहां के मेले और नुमाइश खत्म हो जाएंगे, उसके बाद ही ये सभी दुकानदार अपना सामान लेकर मेरठ के नौचंदी मैदान में डेरा डालेंगे। इसलिए, मेले का असली रंग और रौनक अप्रैल के मध्य तक ही देखने को मिलेगी। तब तक मेला परिसर में प्रशासनिक तैयारियां, रंग-रोगन और ढांचागत सुधार का काम चलता रहेगा।
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नौचंदी मेला: हिंदू-मुस्लिम एकता की अनूठी मिसाल
\r\n\r\nनौचंदी मेला सिर्फ एक व्यापारिक या मनोरंजन का केंद्र नहीं है, बल्कि यह भारत की गंगा-जमुनी तहजीब (Hindu-Muslim Unity) का जीता-जागता प्रतीक है। यह मेला जहां लगता है, वहां एक तरफ मां नवचंडी देवी का प्राचीन मंदिर है, तो ठीक उसी के सामने हजरत बाले मियां की मजार स्थित है।
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धार्मिक सद्भाव का अद्भुत नजारा
\r\n\r\nमेले के दौरान एक बहुत ही अद्भुत नजारा देखने को मिलता है। जब मंदिर में आरती होती है और घंटे-घड़ियाल बजते हैं, तो उसी समय मजार से अजान की आवाज भी गूंजती है। दोनों धर्मों के लोग एक-दूसरे की आस्था का पूरा सम्मान करते हैं। मेले का उद्घाटन भी चंडी देवी मंदिर में पूजा-अर्चना और बाले मियां की मजार पर चादरपोशी के साथ किया जाता है। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और यही इस मेले की सबसे बड़ी ताकत और आकर्षण है।
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नौचंदी मेले का गौरवशाली इतिहास
\r\n\r\nमाना जाता है कि नौचंदी मेले की शुरुआत सन 1672 के आसपास हुई थी। शुरुआत में यह केवल एक दिन का पशु मेला (Cattle Fair) हुआ करता था, जो नवरात्र के दौरान लगता था। लेकिन समय के साथ-साथ इसकी लोकप्रियता बढ़ती गई और इसका स्वरूप भी विशाल होता गया।
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- \r\n स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका: 1857 की क्रांति (जो मेरठ से ही शुरू हुई थी) के दौरान भी नौचंदी मेले का मैदान क्रांतिकारियों के गुप्त रूप से मिलने और योजनाएं बनाने का प्रमुख केंद्र हुआ करता था। नाना साहब पेशवा और तात्या टोपे जैसे स्वतंत्रता सेनानियों ने इस मेले के जरिए लोगों को अंग्रेजों के खिलाफ एकजुट किया था।\r\n \r\n
- \r\n व्यापारिक केंद्र: पुराने समय में यहां अरबी घोड़ों से लेकर हाथियों तक का व्यापार होता था। आज यह मेला हैंडीक्राफ्ट, खादी के कपड़ों, मिट्टी के बर्तनों, और विशेष रूप से मेरठ की मशहूर 'नानखटाई' और 'हलवा-परांठा' के लिए जाना जाता है।\r\n \r\n
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नौचंदी मेला 2026 में क्या होगा खास? (Key Attractions)
\r\n\r\nइस साल नौचंदी मेला 2026 में आने वाले दर्शकों के लिए कई नई चीजें और सुविधाएं होंगी:
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- \r\n पटेल मंडप के कार्यक्रम: हर साल की तरह इस बार भी पटेल मंडप में रोज शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इसमें स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर के गायकों और कवियों को आमंत्रित किया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n स्मार्ट सुविधाएं: मेले में इस बार फ्री वाई-फाई जोन और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए विशेष हेल्प डेस्क बनाए जाएंगे।\r\n \r\n
- \r\n सेल्फी पॉइंट्स: युवाओं को आकर्षित करने के लिए प्रशासन मेला परिसर में कई आकर्षक 'सेल्फी पॉइंट्स' बनाने पर विचार कर रहा है, जो मेरठ की ऐतिहासिक विरासत को दर्शाएंगे।\r\n \r\n
- \r\n फूड कोर्ट: उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखने के लिए एक विशेष फूड कोर्ट भी स्थापित किया जाएगा, जहां की नानखटाई, कबाब और चाट मुख्य आकर्षण होंगे।\r\n \r\n
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मेरठ का ऐतिहासिक नौचंदी मेला 2026 एक बार फिर से अपनी पूरी भव्यता और परंपरा के साथ 15 मार्च से शुरू होने जा रहा है। जिला प्रशासन, सीडीओ नूपुर गोयल और 84 सदस्यीय मेला समिति यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि इस बार का मेला ऐतिहासिक रूप से सफल हो। हालांकि, पूरी रौनक देखने के लिए लोगों को अप्रैल तक का इंतजार करना होगा जब सभी दुकानें और झूले सज जाएंगे। यह मेला न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजता है, बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द का ऐसा संदेश देता है जिसकी आज के समय में सख्त जरूरत है।
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Sabse pehle comment karne wale banein.