मेरठ (ब्यूरो रिपोर्ट - खबरीलाल मीडिया):
\r\nउत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद के सिविल लाइन थाना क्षेत्र से एक अत्यंत विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है। जहाँ एक ओर परिवार नए मकान की खुशियाँ मनाने की तैयारी कर रहा था, वहीं दूसरी ओर घर के मुखिया ने संदिग्ध परिस्थितियों में मौत को गले लगा लिया। विजयनगर स्थित एक किराए के मकान में रहने वाले रजनीश सैनी (40) ने उस वक्त फांसी लगा ली, जब उनकी पत्नी बैंक के काम से बाहर गई थीं।
\r\n\r\n\r\nउत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद के सिविल लाइन थाना क्षेत्र से एक अत्यंत विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है। जहाँ एक ओर परिवार नए मकान की खुशियाँ मनाने की तैयारी कर रहा था, वहीं दूसरी ओर घर के मुखिया ने संदिग्ध परिस्थितियों में मौत को गले लगा लिया। विजयनगर स्थित एक किराए के मकान में रहने वाले रजनीश सैनी (40) ने उस वक्त फांसी लगा ली, जब उनकी पत्नी बैंक के काम से बाहर गई थीं।
\r\nइस घटना ने तब तूल पकड़ लिया जब मौके पर पहुँचे मृतक के परिजनों ने अपनी ही बहू पर गंभीर आरोप जड़ दिए। परिजनों का कहना है कि रजनीश को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। खबरीलाल मीडिया (Khabarilal Media) की यह विशेष रिपोर्ट इस पूरी गुत्थी को विस्तार से आपके सामने रखती है।
\r\n1. वारदात का विवरण: मासूम सोफे पर खेलता रहा, स्टोर में झूल गया पिता
\r\nघटना सोमवार सुबह करीब 11 बजे की है। विजयनगर निवासी योगेश चंद्रा के मकान में किराए पर रहने वाले रजनीश सैनी अपने डेढ़ वर्षीय मासूम बेटे केशव के साथ घर पर अकेले थे। उनकी पत्नी बबीता, जो आरजी इंटर कॉलेज में सहायक शिक्षिका हैं, बैंक के काम से बाहर गई हुई थीं।
\r\nजब बबीता बैंक से लौटीं, तो मंजर देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। मासूम केशव कमरे में सोफे पर अकेला खेल रहा था, लेकिन रजनीश कहीं नजर नहीं आ रहे थे। बबीता ने जब ऊपर जाकर देखा तो स्टोर रूम अंदर से बंद था। पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया, जहाँ रजनीश का शव फंदे के सहारे लटका हुआ था।
\r\n2. रजिस्ट्री का दिन और चाइल्ड केयर लीव: खुशियों को लगी नजर
\r\nबबीता ने रोते हुए बताया कि वह इन दिनों चाइल्ड केयर लीव (CCL) पर हैं ताकि बेटे की देखभाल कर सकें। परिवार ने हाल ही में गंगानगर में अपना नया घर खरीदा था और सोमवार को ही उसकी रजिस्ट्री होनी थी। रजिस्ट्री के लिए पैसों के इंतजाम के सिलसिले में ही बबीता बैंक गई थीं।
\r\nबैंक में काम के दौरान उन्होंने रजनीश को कई बार फोन किया, लेकिन जब फोन नहीं उठा, तो वह अनहोनी की आशंका में काम अधूरा छोड़ घर लौट आईं। किसे पता था कि जिस घर के लिए रजिस्ट्री होनी थी, उसी दिन रजनीश दुनिया छोड़ देंगे।
\r\n3. 'बहू करती थी टॉर्चर': परिजनों का फूट पड़ा गुस्सा
\r\nरजनीश की मौत की खबर मिलते ही मुजफ्फरनगर के जानसठ से उनके पिता वेद प्रकाश, मां निर्मला और भाई अमित बदहवास हालत में मेरठ पहुँचे। परिजनों का विलाप देख हर किसी की आँखें नम हो गईं। रजनीश के पिता और भाई ने सीधे तौर पर बबीता पर आरोप लगाया कि वह रजनीश को मानसिक रूप से प्रताड़ित करती थी। इसी प्रताड़ना के चलते रजनीश ने सुसाइड जैसा बड़ा कदम उठाया। हालांकि, बबीता ने इन आरोपों पर फिलहाल कोई सफाई नहीं दी है और वह खुद गहरे सदमे में हैं।
4. नौकरी छूटना और मेरठ ट्रांसफर: रिश्तों में बदलाव की कहानी?
\r\n\r\nरजनीश और बबीता की शादी लगभग 9 साल पहले हुई थी। शादी के बाद बबीता की नौकरी बुलंदशहर में लगी थी। रजनीश पहले प्राइवेट जॉब करते थे, लेकिन जुलाई 2023 में जब बबीता का ट्रांसफर मेरठ के आरजी इंटर कॉलेज में हुआ, तो रजनीश ने बेटे को संभालने के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी थी। स्थानीय लोगों और रिश्तेदारों के बीच इस बात को लेकर भी चर्चा है कि क्या नौकरी छोड़ने और आर्थिक निर्भरता के कारण घर में कोई कलह थी?
\r\n\r\n\r\n5. पुलिस की कार्रवाई और जांच का रुख
\r\nसिविल लाइन थाना पुलिस ने मौके पर पहुँचकर शव को फंदे से नीचे उतरवाया और पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
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- सुसाइड नोट: पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद हुआ है या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं की गई है। \r\n
- बयान: पुलिस बबीता, पड़ोसियों और रजनीश के मायके वालों के बयान दर्ज कर रही है। \r\n
- फॉरेंसिक जांच: स्टोर रूम से साक्ष्य जुटाए गए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह आत्महत्या ही है। \r\n
\r\nएक मासूम का सिर से पिता का साया उठ जाना और एक हंसते-खेलते परिवार का बिखर जाना समाज के लिए एक बड़ा सबक है। मानसिक तनाव और पारिवारिक कलह किस हद तक जानलेवा हो सकती है, यह मामला इसका उदाहरण है।
Sabse pehle comment karne wale banein.