मेरठ: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. विपिन ताडा ने लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक बार फिर सख्त कार्रवाई की है। शुक्रवार रात एसएसपी ने औचक निरीक्षण के दौरान सदर बाजार थाने में भारी अनियमितताएं और गंदगी पाई, जिसके बाद उन्होंने तत्काल प्रभाव से थाना प्रभारी (एसएचओ) मुनेश कुमार शर्मा को निलंबित कर दिया। एसएसपी ने साफ कर दिया है कि ड्यूटी और साफ-सफाई में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।READ ALSO:-मेरठ में इंसाफ शर्मसार! 16 साल की गर्भवती पीड़िता की पंचायत ने आरोपी से कराई शादी, समाज के तानों से टूटकर परिवार गांव छोड़ने को मजबूर
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एसएसपी ने देखीं ये बड़ी खामियां

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एसएसपी डॉ. विपिन ताडा को सदर बाजार थाने को लेकर काफी समय से शिकायतें मिल रही थीं। इसी क्रम में वह शुक्रवार रात एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह और सीओ नवीना शुक्ला के साथ अचानक थाने जा धमके। थाने में कदम रखते ही परिसर में फैली गंदगी और बदहाल व्यवस्था देखकर एसएसपी का माथा ठनक गया।
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एसएसपी ने थाना परिसर, कार्यालय, बैरक, मैस (भोजनालय), मालखाना, और रजिस्टरों का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें निम्नलिखित बड़ी खामियां मिलीं:
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    भारी गंदगी और अव्यवस्था: थाना परिसर से लेकर बैरक और कार्यालय की दीवारों तक पर गंदगी फैली हुई थी। मैस और मालखाना की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं थी।
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    हिस्ट्रीशीटरों की अज्ञानता: एसएसपी ने अचानक एसएचओ मुनेश कुमार शर्मा से क्षेत्र के 10 हिस्ट्रीशीटरों के नाम और उनकी वर्तमान गतिविधियों के बारे में पूछा। लेकिन एसएचओ इसका संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
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    रिकॉर्ड अधूरे: जांच में पाया गया कि रजिस्टर नंबर-04, गैंग रजिस्टर और ग्राम अपराध रजिस्टर सहित कई महत्वपूर्ण अभिलेख भी अधूरे थे।
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    कबाड़ियों की जानकारी का अभाव: सोतीगंज इलाके के बड़े कबाड़ियों (scrap dealers) और उनकी गतिविधियों पर भी एसएचओ कोई खास जानकारी नहीं दे पाए, जो अपराध नियंत्रण के लिए आवश्यक है।
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मौके पर ही सस्पेंड करने का फरमान

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एसएसपी के सवालों का एसएचओ मुनेश कुमार शर्मा जवाब नहीं दे पाए, जिससे डॉ. विपिन ताडा की नाराजगी और बढ़ गई। पुलिस व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की ऐसी गंभीर लापरवाही को देखते हुए एसएसपी ने देरी न करते हुए, मौके पर ही एसएचओ को निलंबित करने का फरमान सुना दिया। उन्होंने थाने में मौजूद अन्य स्टाफ को भी जमकर फटकार लगाई और कार्यशैली में तुरंत सुधार लाने की चेतावनी दी।
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पुलिस कप्तान लगभग एक घंटे तक थाने में रुके और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस कार्रवाई ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है और अन्य थाना प्रभारियों को भी अपनी कार्यशैली सुधारने का स्पष्ट संदेश दिया गया है। 
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सीओ सिविल लाइन को मिली जांच

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निलंबन के साथ ही, एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने एसएचओ मुनेश कुमार शर्मा के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं, जिसकी जिम्मेदारी सीओ सिविल लाइन को सौंपी गई है। यह जांच एसएचओ की कार्यप्रणाली और लापरवाही के सभी पहलुओं पर केंद्रित होगी।
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फिलहाल, मेरठ सदर बाजार एसएचओ निलंबित होने के बाद, थाने पर नई तैनाती नहीं की गई है। एसएसपी ने साफ शब्दों में कहा कि पुलिस थाने जनता के लिए सुरक्षित और स्वच्छ स्थान होने चाहिए और किसी भी स्तर पर कर्तव्य के प्रति लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई दिल्ली ब्लास्ट के बाद, जब उत्तर प्रदेश में पुलिस की सक्रियता और सतर्कता बढ़ाई जा रही है, पुलिसिंग की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। 
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एसएसपी डॉ. विपिन ताडा द्वारा सदर बाजार थाने के औचक निरीक्षण में मिलीं गंभीर खामियों के चलते मेरठ सदर बाजार एसएचओ निलंबित कर दिए गए हैं। गंदगी, अधूरे रिकॉर्ड और महत्वपूर्ण हिस्ट्रीशीटरों की जानकारी न होना निलंबन के मुख्य कारण रहे। यह कार्रवाई दर्शाता है कि पुलिस कप्तान अनुशासन और व्यवस्था को लेकर गंभीर हैं और लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनजर त्वरित एक्शन लेना जानते हैं।
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