मेरठ (Meerut News): पश्चिमी उत्तर प्रदेश, विशेषकर मेरठ में कड़ाके की ठंड (Cold Wave) और घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हाड़ कंपा देने वाली सर्दी और गिरते तापमान को देखते हुए मेरठ जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों को बड़ी राहत दी है। लगातार बिगड़ते मौसम और शीतलहर को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन ने नर्सरी से कक्षा 9 तक के सभी स्कूलों की छुट्टियों को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। अब मेरठ में छोटे बच्चों के स्कूल 10 जनवरी तक बंद रहेंगे।
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यह फैसला न केवल सरकारी स्कूलों पर बल्कि सभी निजी (Private), सहायता प्राप्त और विभिन्न बोर्डों (CBSE, ICSE, UP Board) से संबद्ध विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा।
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छुट्टियों का नया शेड्यूल: किसे मिली राहत, किसे जाना होगा स्कूल?
\r\n\r\nजिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) और जिलाधिकारी (DM) डॉ. वी.के. सिंह के निर्देशों के बाद शिक्षा विभाग ने छुट्टियों को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है।
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- \r\n नर्सरी से कक्षा 9 तक: इन कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए पूर्ण अवकाश घोषित किया गया है। पहले प्रशासन ने 6 और 7 जनवरी को छुट्टी का आदेश दिया था। लेकिन मौसम में सुधार न होने और ठंड के प्रकोप को देखते हुए अब 9 और 10 जनवरी (शुक्रवार और शनिवार) को भी स्कूल बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। चूंकि 11 जनवरी को रविवार है, इसलिए अब छोटे बच्चे सीधे 12 जनवरी (सोमवार) को स्कूल जाएंगे। इस प्रकार, बच्चों को ठंड से बचने के लिए कुल 4 दिनों का अतिरिक्त अवकाश मिल गया है।\r\n \r\n
- \r\n कक्षा 10 से 12 तक: बोर्ड परीक्षाओं और पाठ्यक्रम को ध्यान में रखते हुए कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं की कक्षाएं स्थगित नहीं की गई हैं। हालांकि, इन छात्रों को भी ठंड से बचाने के लिए स्कूल के समय में बड़ा बदलाव (School Timing Change) किया गया है।\r\n\r\n
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- \r\n नया समय: अब कक्षा 10 से 12 तक के स्कूल सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक ही संचालित होंगे।\r\n \r\n
- \r\n प्रैक्टिकल और परीक्षाएं: प्री-बोर्ड या प्रैक्टिकल परीक्षाएं अगर पूर्व निर्धारित हैं, तो वे अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही कराई जाएंगी, लेकिन स्कूलों को ठंड से बचाव के इंतजाम करने होंगे।\r\n \r\n
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प्रशासन का सख्त रुख: आदेश न मानने वालों पर होगी कार्रवाई
\r\n\r\nजिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने अपने आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी है कि बच्चों की सुरक्षा और सेहत के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आदेश जिले के सभी माध्यमों (हिंदी/अंग्रेजी) और सभी बोर्डों (सीबीएसई, आईसीएसई, यूपी बोर्ड) के स्कूलों पर अनिवार्य रूप से लागू होगा।
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यदि कोई निजी स्कूल संचालक या प्रधानाचार्य इस आदेश की अनदेखी कर चोरी-छिपे छोटे बच्चों को स्कूल बुलाता है, तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम और विभागीय नियमों के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों से भी अपील की गई है कि यदि कोई स्कूल जबरन कक्षाएं चला रहा है, तो वे इसकी सूचना तुरंत जिला प्रशासन या डीआईओएस कार्यालय को दें।
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मौसम का हाल: क्यों लिया गया यह फैसला?
\r\n\r\nमेरठ और आसपास के इलाकों में मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी और जमीनी हालात को देखते हुए यह फैसला लेना जरूरी हो गया था।
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- \r\n तापमान में गिरावट: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) स्थित मौसम वेधशाला के आंकड़ों के मुताबिक, मेरठ में न्यूनतम तापमान (Minimum Temperature) लुढ़क कर 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि अधिकतम तापमान भी महज 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। दिन और रात के तापमान में कम अंतर होने के कारण 'कोल्ड डे' (Cold Day) जैसी स्थिति बनी हुई है।\r\n \r\n
- \r\n घना कोहरा: सुबह और रात के समय विजिबिलिटी (दृश्यता) काफी कम हो रही है। घने कोहरे के कारण स्कूल बसों और वैन के संचालन में दुर्घटना का जोखिम बना रहता है।\r\n \r\n
- \r\n शीतलहर: उत्तर-पश्चिम दिशा से आ रही बर्फीली हवाओं ने गलन बढ़ा दी है। धूप निकलने के बावजूद उसकी तपिश बेअसर साबित हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण ठंड से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है।\r\n \r\n
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अभिभावकों ने ली राहत की सांस
\r\n\r\nप्रशासन के इस फैसले का अभिभावकों ने स्वागत किया है। पिछले कुछ दिनों से अभिभावक लगातार मांग कर रहे थे कि ठंड को देखते हुए स्कूलों का समय बदला जाए या छुट्टियां बढ़ाई जाएं।
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एक अभिभावक ने बताया, "सुबह के समय कोहरा इतना ज्यादा होता है कि बच्चों को बस स्टॉप तक भेजना भी खतरे से खाली नहीं लगता। ऊपर से इतनी ठंड में बच्चों को सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर हो रहा था। प्रशासन का यह कदम सराहनीय है।"
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डॉक्टरों ने भी इस मौसम में बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में गिरावट से निमोनिया और कोल्ड डायरिया के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में बच्चों का घरों के अंदर रहना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।
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मेरठ में ठंड का प्रकोप अभी जारी रहने वाला है। ऐसे में प्रशासन द्वारा नर्सरी से 9वीं तक के स्कूलों को बंद करने का निर्णय समयोचित और संवेदनशील है। जहां एक ओर इससे छोटे बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचाया जा सकेगा, वहीं दूसरी ओर 10वीं-12वीं के छात्रों की पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए समय में बदलाव एक संतुलित कदम है। प्रशासन, स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों के आपसी सहयोग से ही इस कड़ाके की सर्दी में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
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हम अपने पाठकों से अपील करते हैं कि वे ठंड से बचाव के पूरे इंतजाम रखें और प्रशासन के आधिकारिक आदेशों का ही पालन करें।
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मेरठ में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के कारण डीएम ने नर्सरी से कक्षा 9 तक के सभी स्कूलों को 10 जनवरी तक बंद करने का आदेश दिया है। कक्षा 10 से 12 तक की पढ़ाई सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक होगी। यह आदेश सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू होगा और उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मौसम विभाग के अनुसार, मेरठ का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
Sabse pehle comment karne wale banein.