मेरठ (Meerut News): उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक बार फिर दो अलग-अलग धर्मों के युवक-युवती की शादी को लेकर माहौल गरमा गया है. गंगानगर की रहने वाली एक बैंक कर्मी युवती और लिसाड़ी गेट के मुस्लिम युवक के बीच तय शादी अब पुलिस थाने की चौखट तक पहुंच गई है. जहां एक तरफ हिंदुवादी संगठन इसे 'लव जिहाद' (Love Jihad) का मामला बताकर विरोध कर रहे हैं, वहीं युवती ने खुद को 'अंबेडकरवादी' बताते हुए अपनी मर्जी से शादी करने की बात कही है.READ ALSO:-बिजनौर क्राइम फाइल: 'खून, खौफ और धोखा'... भाई की शादी के लिए बहू बनी 'बंटी-बबली', खुद का गला रेता और लिख दी लूट की झूठी पटकथा
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इस मामले में नया मोड़ तब आया जब मंगलवार को युवती के चाचा ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि उनकी भतीजी का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है. पुलिस ने तहरीर के आधार पर धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. शादी 13 फरवरी को होनी तय है, लेकिन उससे पहले ही शहर में इस पर विवाद गहरा गया है.
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क्या है पूरा मामला? (The Full Incident)
\r\n\r\nमेरठ के गंगानगर की रहने वाली आकांक्षा, जो एक बैंक में क्लर्क के पद पर कार्यरत है, का प्रेम प्रसंग पिछले 6 सालों से लिसाड़ी गेट निवासी शाहवाज (उर्फ साहिल) के साथ चल रहा है. दोनों ने आपसी सहमति और परिवारों की रजामंदी से 13 फरवरी को विवाह करने का फैसला किया. शादी की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और कार्ड भी बांटे जा चुके थे.
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विवाद की शुरुआत शादी के कार्ड (Wedding Cards) से हुई. दरअसल, युवती पक्ष की ओर से जो कार्ड छपवाए गए थे, उसमें दूल्हे का नाम 'साहिल' लिखा गया था, जबकि युवक पक्ष के कार्ड में उसका असली नाम 'शाहवाज राणा' छपा था. नामों में इस अंतर को देखते ही अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही और अन्य कार्यकर्ताओं ने इसे 'लव जिहाद' और पहचान छिपाकर शादी करने का मामला बताते हुए मोर्चा खोल दिया.
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चाचा की एंट्री और FIR दर्ज
\r\n\r\nमंगलवार को मामला तब और गंभीर हो गया जब युवती के चाचा प्रेमचंद (निवासी सुभाष नगर), हिंदूवादी नेता सचिन सिरोही के साथ गंगानगर थाने पहुंचे. उन्होंने पुलिस को लिखित तहरीर देते हुए आरोप लगाया कि उनकी भतीजी को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन के जाल में फंसाया गया है.
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चाचा ने अपनी शिकायत में कहा:
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n"मेरी भतीजी के पिता की मौत हो चुकी है. युवक और उसके परिवार ने साजिश के तहत उसका 'माइंड वॉश' किया है. यह शादी संपत्ति हड़पने की नीयत से की जा रही है. लव जिहाद के मामलों में अक्सर देखा गया है कि लड़कियों को बाद में पछताना पड़ता है और उनका जीवन बर्बाद हो जाता है."\r\n
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एसपी देहात (SP Rural) अभिजीत सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा:
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\r\n\r\n\r\n"युवती के परिजनों (चाचा) की तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह जबरन धर्मांतरण का मामला है या नहीं. फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी हुई है."\r\n
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युवती का पलटवार: 'मैं सनातनी नहीं, अंबेडकरवादी हूं'
\r\n\r\nहिंदू संगठनों और चाचा के आरोपों पर युवती आकांक्षा ने बेबाकी से अपना पक्ष रखा है. उसने खुद को 'लव जिहाद' की विक्टिम मानने से साफ इनकार कर दिया है.
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आकांक्षा ने कहा:
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n"मैं बालिग हूं और बैंक में नौकरी करती हूं. मुझे अपने अच्छे-बुरे की समझ है. मैं सनातनी हिंदू नहीं हूं, बल्कि मैं अंबेडकरवादी हूं और बौद्ध धर्म (Buddhism) में आस्था रखती हूं. मेरी शादी बौद्ध रीति-रिवाजों से होगी, न कि इस्लामिक तरीके से. मेरे चाचा मेरी संपत्ति हड़पना चाहते हैं, इसलिए वे हिंदू संगठनों को गुमराह कर बेवजह विवाद खड़ा कर रहे हैं."\r\n
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युवती ने यह भी आरोप लगाया कि उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है. उसने बताया कि जब वह बैंक जा रही थी, तो रास्ते में कुछ लोगों ने उसे रोका और परेशान किया.
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कार्ड पर 'साहिल' नाम का सच
\r\n\r\nशादी के कार्ड पर लड़के का नाम 'साहिल' लिखे जाने पर उठे सवालों का जवाब युवती की मां लता गौतम ने दिया. लता गौतम ने अपनी बेटी के फैसले का समर्थन किया है.
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उन्होंने मीडिया को बताया:
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n"लड़के का निकनेम (उपनाम) साहिल है और यह नाम मैंने ही उसे दिया था. हम लड़के और उसके परिवार को पिछले कई सालों से जानते हैं. वे लोग अच्छे हैं. कार्ड पर साहिल नाम प्यार से लिखवाया गया था, इसमें पहचान छिपाने जैसी कोई बात नहीं है. चाचा के आरोप पूरी तरह निराधार हैं."\r\n
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हिंदू संगठन का दावा: 'सोमवार को हुआ था जागरण'
\r\n\r\nदूसरी ओर, हिंदूवादी नेता सचिन सिरोही अपने दावों पर अडिग हैं. उनका कहना है कि युवती और उसका परिवार झूठ बोल रहा है कि वे बौद्ध धर्म को मानते हैं.
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सचिन सिरोही ने सबूत के तौर पर एक वीडियो का हवाला देते हुए कहा:
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n"सोमवार को ही इनके घर में माता का जागरण हुआ है. अगर ये अंबेडकरवादी या बौद्ध हैं, तो हिंदू देवी-देवताओं का जागरण क्यों करवाया? यह सब पुलिस और समाज को गुमराह करने के लिए कहा जा रहा है. हम किसी भी कीमत पर एक हिंदू बेटी की जिंदगी लव जिहाद में बर्बाद नहीं होने देंगे."\r\n
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संगठन का आरोप है कि बैंकट हॉल (Banquet Hall) मालिक पर भी दबाव बनाया जा रहा है ताकि बुकिंग रद्द की जाए. हंगामा बढ़ने की आशंका से बैंकट हॉल संचालक भी डरे हुए हैं.
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प्रशासन की भूमिका
\r\n\r\nफिलहाल गंगानगर पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है. 13 फरवरी को होने वाली शादी पर अब संकट के बादल मंडरा रहे हैं. पुलिस दोनों पक्षों के दस्तावेजों, शादी के कार्ड और धर्मांतरण से जुड़े कानूनों की समीक्षा कर रही है.
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मेरठ में इस घटना को लेकर सामाजिक और धार्मिक संगठनों के बीच तनाव देखा जा रहा है. एक तरफ 'व्यक्तिगत स्वतंत्रता' और 'पसंद की शादी' का तर्क है, तो दूसरी तरफ 'धर्मांतरण' और 'पहचान छिपाने' के गंभीर आरोप हैं.
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मेरठ का यह मामला अब केवल दो परिवारों का नहीं, बल्कि कानूनी और सामाजिक बहस का विषय बन गया है. पुलिस जांच में ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि क्या वाकई यह धर्मांतरण का प्रयास था या फिर संपत्ति विवाद और व्यक्तिगत दुश्मनी को 'सांप्रदायिक रंग' दिया गया है.
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मेरठ के गंगानगर में एक बैंक कर्मी युवती और मुस्लिम युवक की 13 फरवरी को होने वाली शादी विवादों में घिर गई है. युवती के चाचा की शिकायत पर पुलिस ने धर्मांतरण का केस दर्ज किया है. जहां हिंदू संगठन इसे 'लव जिहाद' बता रहे हैं, वहीं युवती ने खुद को अंबेडकरवादी बताते हुए कहा है कि वह अपनी मर्जी से शादी कर रही है और उसके चाचा संपत्ति के लिए उसे परेशान कर रहे हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
Sabse pehle comment karne wale banein.