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मेरठ (उत्तर प्रदेश): रंगों के महापर्व होली (Holi 2026) की खुशियों के बीच अपने परिजनों के साथ त्यौहार मनाने की चाह रखने वाले लाखों यात्रियों के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के मेरठ क्षेत्र ने राहत की एक बड़ी इबारत लिखी है। पश्चिम उत्तर प्रदेश को पूर्व के जिलों और पड़ोसी राज्यों से जोड़ने के लिए मेरठ रोडवेज ने एक अभेद्य और 'फुलप्रूफ' ट्रांसपोर्टेशन प्लान तैयार किया है ****।READ ALSO:-मेरठ में गुंडई का 'क्रेज' और यूपी पुलिस का 'इलाज': तमंचा दिखाकर स्कूली बस में छात्र को पीटने वाले आरोपियों की निकली हेकड़ी, थाने में लंगड़ाते हुए बोले- 'मालिक, गलती हो गई'
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इस मेगा-प्लान के तहत 28 फरवरी से 9 मार्च 2026 तक मेरठ के सभी प्रमुख डिपो से बसों का संचालन युद्ध स्तर पर किया जाएगा। परिवहन विभाग का दावा है कि इस बार 'वेटिंग' (प्रतीक्षा) जैसा कोई शब्द यात्रियों की डिक्शनरी में नहीं होगा; हर मुसाफिर को सीट मिलेगी और वह गरिमापूर्ण तरीके से अपने गंतव्य तक पहुंचेगा ****। आइए, इस ऐतिहासिक परिचालन योजना का विस्तार से विश्लेषण करते हैं।
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1. 10 दिनों का 'नॉन-स्टॉप' महा-अभियान: छुट्टियों पर पूर्ण प्रतिबंध

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होली का त्यौहार केवल एक दिन का उत्सव नहीं है, बल्कि इसके इर्द-गिर्द करीब 10 दिनों तक सड़कों पर जनसैलाब उमड़ता है। मेरठ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक (RM) संदीप नायक ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुविधा के लिए प्रशासन ने पूरी कमर कस ली है।
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    परिचालन अवधि: विशेष बसों का यह बेड़ा 28 फरवरी से सड़कों पर उतर चुका है और 9 मार्च तक लगातार अपनी सेवाएं देगा ****।
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    अवकाश पर रोक: त्यौहार की संवेदनशीलता और भारी भीड़ को देखते हुए सभी चालकों (Drivers) और परिचालकों (Conductors) की छुट्टियां आधिकारिक रूप से रद्द कर दी गई हैं ****। हालांकि, विभाग ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए यह स्पष्ट किया है कि यदि किसी कर्मचारी के पास कोई अत्यंत गंभीर पारिवारिक मजबूरी या मेडिकल इमरजेंसी है, तो उसे विशेष परिस्थितियों में अवकाश दिया जा सकता है ****।
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    सुरक्षा और निगरानी: आर एम संदीप नायक ने ईटीवी भारत को बताया कि इस बार प्राथमिकता यह है कि कोई भी बस स्टैंड पर अनावश्यक रूप से न रुके। जैसे ही बस में 40 से अधिक सवारियां होंगी, उसे तुरंत गंतव्य के लिए रवाना कर दिया जाएगा।
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2. कर्मचारियों के लिए 'प्रोत्साहन राशि' (Incentive): मेहनत का मिलेगा मीठा फल

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त्यौहार के समय जब पूरी दुनिया अपनों के साथ गुलाल खेल रही होती है, रोडवेज के चालक और परिचालक सड़कों पर यात्रियों की सेवा में जुटे रहते हैं। उनकी इस मेहनत और त्याग का सम्मान करने के लिए मेरठ रोडवेज ने एक आकर्षक 'इंसेंटिव स्कीम' की घोषणा की है।
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    चालक और परिचालक: मेरठ डिपो के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी आसिफ अली के अनुसार, जो चालक और परिचालक इन 10 दिनों के दौरान रोडवेज बसों का 3000 किलोमीटर तक सफल संचालन करेंगे, उन्हें निगम की ओर से 4500 रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि (Incentive) दी जाएगी ****।
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    तकनीकी और कार्यशाला स्टाफ: बसों को सड़कों पर फिट रखने वाले वर्कशॉप के कार्मिकों और अन्य सहयोगी स्टाफ के लिए भी 2100 रुपये की अतिरिक्त राशि का प्रावधान किया गया है ****।
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इस प्रोत्साहन योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बसों का 'ब्रेकडाउन' शून्य हो और कर्मचारी अधिक से अधिक फेरे लगाकर यात्रियों को सुरक्षित घर पहुंचाएं।
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3. 'नमो भारत' (RRTS) और रोडवेज का रणनीतिक संगम

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इस वर्ष की होली मेरठ के परिवहन इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ रही है। 22 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मेरठ को 'नमो भारत' (RRTS) ट्रेन की नई सौगात दी गई है ****। यह आधुनिक ट्रेन अब दिल्ली और मेरठ के बीच की दूरी को मिनटों में समेट रही है।
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ट्रांजिट हब के रूप में मेरठ:

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परिवहन विभाग के अधिकारियों का आकलन है कि दिल्ली के सराय काले खां या साहिबाबाद से बड़ी संख्या में यात्री 'नमो भारत' पकड़कर मेरठ पहुंचेंगे। विशेष रूप से वे यात्री जिन्हें उत्तराखंड (हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून) या पश्चिमी यूपी के अन्य जिलों (बिजनौर, कोटद्वार) की ओर जाना है, वे मेरठ को अपना मुख्य 'ट्रांजिट पॉइंट' बनाएंगे।
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    बसों की उपलब्धता: आर एम संदीप नायक ने बताया कि नमो भारत स्टेशनों के पास और मेरठ के भैसाली व सोहराब गेट बस अड्डों पर ऐसे यात्रियों के लिए बसों की भारी उपलब्धता सुनिश्चित की गई है ****। जैसे ही यात्री ट्रेन से उतरकर बस अड्डे पहुंचेंगे, उन्हें आगे के सफर के लिए तैयार बसें मिलेंगी।
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4. भैसाली बस अड्डा और मेरठ डिपो: किस रूट पर कितनी ताकत?

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मेरठ का भैसाली बस अड्डा पश्चिमी उत्तर प्रदेश का हृदय स्थल है। यहाँ से दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा और राजस्थान के लिए विशेष बसों का बेड़ा तैनात किया गया है:
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गंतव्य (Destination)
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आवंटित बसों की संख्या
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परिचालन विवरण
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दिल्ली (आनंद विहार/कौशांबी)
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25 बसें
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24 घंटे शटल सेवा ****
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हरिद्वार और ऋषिकेश
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35 बसें
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श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा हेतु ****
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बिजनौर और कोटद्वार
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25 बसें
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उत्तराखंड के प्रवेश द्वार के लिए ****
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शामली
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30 बसें
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स्थानीय यात्रियों की भारी मांग पर ****
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देहरादून
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20 बसें
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राजधानी के लिए सीधी एक्सप्रेस सेवा ****
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नोएडा
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25 बसें
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नौकरीपेशा वर्ग के लिए निरंतर उपलब्धता ****
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लखनऊ (सीधी सेवा)
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4 बसें
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मेरठ डिपो से लंबी दूरी की सेवा ****
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गोरखपुर (सीधी सेवा)
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4 बसें
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भैसाली से पूर्वांचल के लिए ****
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इनके अलावा अंबाला के लिए 3, अजमेर-जयपुर के लिए 2-2 और करनाल के लिए 1 विशेष बस का संचालन किया जा रहा है ****।
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5. सोहराब गेट डिपो: पूर्वांचल और तराई के लिए 'लाइफलाइन'

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मेरठ का सोहराब गेट बस अड्डा विशेष रूप से मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ और गोरखपुर जाने वाले यात्रियों की पहली पसंद है। डिपो प्रभारी आसिफ अली के अनुसार, यहाँ बसों के बेड़े को लगभग दोगुना कर दिया गया है।
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प्रमुख रूट और बसों का आवंटन:

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    मुरादाबाद-बरेली बेल्ट: इस रूट पर यात्रियों के दबाव को देखते हुए 35 रोडवेज बसें विशेष रूप से तैनात हैं ****।
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    आगरा और फिरोजाबाद: ब्रज क्षेत्र के यात्रियों के लिए भी 35 बसें लगाई गई हैं ****।
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    बुलंदशहर रूट: यह सबसे व्यस्ततम स्थानीय रूट है, जिसके लिए सर्वाधिक 42 बसों का आवंटन किया गया है ****।
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    पूर्वांचल एक्सप्रेस: सोहराब गेट डिपो से अकेले गोरखपुर के लिए 10 अतिरिक्त बसें संचालित की जा रही हैं ****।
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    तराई और उत्तराखंड: हल्द्वानी के लिए 10, टनकपुर के लिए 3 और रामनगर के लिए 3 बसों का संचालन किया जाएगा ****।
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    कानपुर और प्रयागराज: औद्योगिक नगरी कानपुर के लिए 6 और संगम नगरी प्रयागराज के लिए 3 बसों की व्यवस्था है ****।
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6. दिल्ली के 'हब' आनंद विहार (कौशांबी) पर विशेष नजर

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होली से पहले दिल्ली का आनंद विहार और कौशांबी बस अड्डा 'मिनी इंडिया' में तब्दील हो जाता है। यहाँ से यूपी और बिहार जाने वालों का ऐसा रेला उमड़ता है कि पैर रखने की जगह नहीं बचती। मेरठ रोडवेज ने इस चुनौती से निपटने के लिए अपनी 'फॉरवर्ड टीम' तैनात की है।
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    कौशांबी में तैनाती: मेरठ क्षेत्र की कई बसों को कौशांबी डिपो में 'रिजर्व' में रखा गया है ताकि वहां फंसे यात्रियों को तुरंत गंतव्य की ओर रवाना किया जा सके ****।
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    सीधी लंबी दूरी की बसें: आनंद विहार से 25 रोडवेज बसें विशेष रूप से संचालित होंगी, जिनमें से 20 बसें सीधे गोरखपुर और 5 बसें लखनऊ के लिए नॉन-स्टॉप चलेंगी ****। यह उन यात्रियों के लिए वरदान है जो दिल्ली से सीधे अपने घर की ओर निकलना चाहते हैं।
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7. यात्रियों के लिए 24 घंटे 'स्मार्ट कनेक्टिविटी' और सुविधाएँ

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रोडवेज प्रशासन ने केवल बसें ही नहीं बढ़ाई हैं, बल्कि यात्रियों की यात्रा को 'स्मार्ट' और सुरक्षित बनाने के लिए कई तकनीकी और प्रशासनिक कदम उठाए हैं:
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    24 घंटे उपलब्धता: मेरठ, बिजनौर, नोएडा, दिल्ली, हरिद्वार, हस्तिनापुर और शामली जैसे प्रमुख मार्गों पर यात्रियों की उपलब्धता के आधार पर 24 घंटे बसों की सुविधा रहेगी ****। रात के अंधेरे में भी यात्री खुद को अकेला या असुरक्षित महसूस नहीं करेंगे।
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    रियल-टाइम मॉनिटरिंग: क्षेत्रीय प्रबंधक संदीप नायक और डिपो प्रभारी लगातार वायरलेस और फोन के माध्यम से जुड़े हुए हैं। किसी भी स्टेशन पर 50 से अधिक सवारी होने की सूचना मिलते ही वहां 'एक्स्ट्रा' बस भेजने का प्रोटोकॉल बनाया गया है।
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    सुरक्षा मानकों का पालन: सभी बसों की 'फिटनेस' जांच ली गई है। त्यौहार के दौरान ड्राइवरों को 'ओवर-स्पीडिंग' और 'ड्रंक एंड ड्राइव' के प्रति सख्त हिदायत दी गई है। औचक निरीक्षण के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड (उड़न दस्ते) गठित किए गए हैं।
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    स्वच्छता और सुविधा: बस अड्डों पर पीने के पानी, शौचालय और प्रकाश की उचित व्यवस्था की गई है ताकि त्यौहार की भीड़ में यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए न भटकना पड़े।
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सुगम, सुखद और सुरक्षित 'होली' का संकल्प

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उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) का यह 'होली स्पेशल मेगा-ऑपरेशन' **** इस बात का प्रमाण है कि सरकार और प्रशासन आम नागरिक के त्यौहार को खुशहाल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। 3000 किलोमीटर के कठिन लक्ष्य के साथ सड़कों पर उतरे चालक और 24 घंटे गूंजते बस अड्डों के हॉर्न यह सुनिश्चित करेंगे कि मेरठ का कोई भी वासी या यहाँ से गुजरने वाला मुसाफिर अपनों के साथ 'गुलाल' खेलने से वंचित न रहे।
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अगले 10 दिनों तक मेरठ की सड़कें यूपी रोडवेज की निर्बाध सेवा की साक्षी बनेंगी। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अधिकृत बस अड्डों से ही अपनी यात्रा शुरू करें और किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर मौके पर तैनात रोडवेज कर्मचारियों या हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत संपर्क करें।
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