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\r\n\r\n\r\n\r\nथाना सरधना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मेहरमति गणेशपुर में एक ही समुदाय के दो पक्षों के मध्य हुए विवाद के दौरान एक पक्ष द्वारा दूसरे पक्ष के दो व्यक्तियों पर धारदार हथियार से हमला किया गया जिसमें दोनों गंभीर रूप से घायल हो गये जिनको उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया, जहां से अग्रिम उपचार… pic.twitter.com/10T9klGZQD
\r\n— MEERUT POLICE (@meerutpolice) March 21, 2026
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मेहरमती गणेशपुर की वो शाम और ईद की तैयारियां
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छोटा कब्रिस्तान और जुए की वो 'खूनी फड़'
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- \r\n पहला पक्ष: ग्राम प्रधान सईदु का गुट, जिसमें उनके भाई सईमुद्दीन और भूरा शामिल थे।\r\n \r\n
- \r\n दूसरा पक्ष: गांव का ही रहने वाला चुन्नू (30 वर्ष) और उसके साथी।\r\n \r\n
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नोकझोंक से लेकर गाली-गलौज तक का सफर
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- \r\n अहंकार की लड़ाई: जुए की फड़ पर अक्सर पैसों से ज्यादा बात 'ईगो' (अहंकार) पर आ जाती है। चुन्नू ने कोई बात कही, जिसका भूरा ने तीखा विरोध किया।\r\n \r\n
- \r\n गाली-गलौज: बातों ही बातों में दोनों पक्षों के बीच गंदी गालियों का आदान-प्रदान शुरू हो गया। वहां मौजूद कुछ बुजुर्गों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की और उन्हें शांत रहने को कहा, लेकिन खून में उबाल आ चुका था।\r\n \r\n
- \r\n चुनौती और बुलावा: कहासुनी इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को देख लेने की धमकी दे डाली। इसके बाद दोनों गुटों ने फोन करके या अपने-अपने समर्थकों को वहां बुलाना शुरू कर दिया।\r\n \r\n
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मौत का तांडव—जब चले लाठी-डंडे और धारदार हथियार
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- \r\n घातक प्रहार: चुन्नू और उसके गुट के लोगों ने प्रधान के भाइयों को निशाना बनाया। उन पर लाठियों की बरसात कर दी गई। जब वे खुद को बचाने की कोशिश कर रहे थे, तभी उन पर धारदार हथियारों से जानलेवा वार किए गए।\r\n \r\n
- \r\n चीख-पुकार: पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। जो लोग बीच-बचाव करने आए, उन्हें भी नहीं बख्शा गया। करीब 15 मिनट तक यह खूनी संघर्ष बेरोकटोक चलता रहा।\r\n \r\n
- \r\n खून से सनी मिट्टी: जब हमलावर वहां से भागे, तब तक सईमुद्दीन और भूरा खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर चुके थे। उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर गहरे घाव थे। उनके अलावा दोनों पक्षों के कुल 5 अन्य लोग भी बुरी तरह घायल होकर कराह रहे थे।\r\n \r\n
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सीएससी से जिला अस्पताल तक की वो 'आखिरी दौड़'
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अस्पताल में अफरा-तफरी:
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- \r\n सबसे पहले सभी 7 घायलों को उठाकर सरधना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया।\r\n \r\n
- \r\n सीएससी में एक साथ इतने गंभीर मरीजों को देखकर स्वास्थ्य कर्मियों के भी हाथ-पैर फूल गए। वहां प्राथमिक उपचार देने के बाद, डॉक्टरों ने सईमुद्दीन, भूरा और कुछ अन्य की बेहद नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत मेरठ के जिला अस्पताल (District Hospital) के लिए रेफर कर दिया।\r\n \r\n
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एक्शन में पुलिस महकमा—एसएसपी की एंट्री और छावनी बना गांव
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आला अधिकारियों का मौका मुआयना:
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- \r\n घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए मेरठ के तेज-तर्रार एसएसपी (SSP) अविनाश पांडे और एसपी देहात (SP Rural) अभिजीत कुमार भारी पुलिस बल के साथ रात में ही गांव मेहरमती गणेशपुर पहुंच गए।\r\n \r\n
- \r\n उन्होंने उस खेत (घटनास्थल) का मुआयना किया जहां से यह खूनी खेल शुरू हुआ था। वहां बिखरी पड़ी ताश की गड्डियां, खून के धब्बे और टूटे हुए डंडे इस बर्बरता की गवाही दे रहे थे।\r\n \r\n
- \r\n एसएसपी ने गांव के संभ्रांत लोगों और ग्राम प्रधान सईदु (जो अपने भाइयों की मौत से गहरे सदमे में थे) से बात की और उन्हें कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया।\r\n \r\n
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दबिश और 3 आरोपियों की गिरफ्तारी
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- \r\n त्वरित कार्रवाई: पुलिस ने परिजनों की तहरीर (Complaint) के आधार पर नामजद आरोपियों के ठिकानों पर रात भर ताबड़तोड़ दबिश दी।\r\n \r\n
- \r\n हिरासत: पुलिस की इस मुस्तैदी का नतीजा यह रहा कि वारदात के कुछ ही घंटों के भीतर हमले के मुख्य आरोपियों में से 3 लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।\r\n \r\n
- \r\n पूछताछ जारी: हिरासत में लिए गए आरोपियों से अज्ञात स्थान पर कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि हत्या में इस्तेमाल किए गए धारदार हथियार (आलाकत्ल) को बरामद किया जा सके और अन्य फरार आरोपियों के छिपने के ठिकानों का पता लगाया जा सके। एसपी देहात ने बताया कि अन्य फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए सर्विलांस (Surveillance) और एसओजी (SOG) की दो विशेष टीमें लगाई गई हैं।\r\n \r\n
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आधिकारिक बयान—एसपी देहात ने क्या कहा?
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\r\n\r\n\r\n"सरधना थाना क्षेत्र के गांव महरमती गणेशपुर में शनिवार शाम को जुआ खेलने के दौरान दो पक्षों के बीच विवाद की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को प्राप्त हुई थी। स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि एक ही कुनबे के दो पक्षों में जुए की हार-जीत को लेकर कहासुनी हुई, जिसके बाद एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर लाठी-डंडों और किसी धारदार हथियार से जानलेवा हमला बोल दिया। इस दुर्भाग्यपूर्ण हमले में ग्राम प्रधान के दो सगे भाइयों (भूरा और सईमुद्दीन) की दुःखद मौत हुई है, जबकि 5 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हमने दोनों शवों का पंचनामा भरकर उन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और घायलों का समुचित उपचार कराया जा रहा है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में पर्याप्त पुलिस बल तैनात है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन हमलावरों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। जो भी इस दोहरे हत्याकांड का दोषी होगा, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।"\r\n
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सामाजिक पहलू—त्यौहारों पर जुए की लत और उजड़ते परिवार
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- \r\n मनोरंजन या बर्बादी: लोग इसे महज मनोरंजन का नाम देते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि जब पैसों की हार-जीत होती है, तो अच्छे-अच्छे रिश्तेदार और दोस्त एक-दूसरे के जानी दुश्मन बन जाते हैं।\r\n \r\n
- \r\n अहंकार की आग: जुए की फड़ पर हारा हुआ इंसान अपना मानसिक संतुलन खो बैठता है और जीतने वाले का अहंकार सातवें आसमान पर होता है। यही टकराव मेहरमती गणेशपुर में हुआ।\r\n \r\n
- \r\n परिणाम: एक छोटे से लालच और क्षणिक क्रोध ने ग्राम प्रधान सईदु के घर को हमेशा के लिए उजाड़ दिया। जो बच्चे कल सुबह नए कपड़े पहनकर अपने पिताओं (भूरा और सईमुद्दीन) के साथ ईदगाह जाकर नमाज पढ़ने का सपना देख रहे थे, आज वे यतीम (अनाथ) हो चुके हैं। और दूसरी तरफ, जो लोग इस हत्या में शामिल हैं, उनकी आने वाली पूरी जिंदगी अब जेल की कालकोठरी और कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटते हुए बीतेगी।\r\n \r\n
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प्रशासन से अपील और सतर्कता का संदेश
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Sabse pehle comment karne wale banein.