मेरठ, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां शास्त्री नगर स्थित प्रसिद्ध पीवीएस मॉल (PVS Mall) में बुधवार की देर रात जबरदस्त अफरा-तफरी मच गई। मॉल के भीतर चल रहे फिल्म 'धुरंधर' के शो के दौरान अचानक फायर अलार्म बजने से दर्शकों में हड़कंप मच गया। लोग अपनी जान बचाने के लिए सिनेमा हॉल के गेट खोलकर बाहर की ओर भागने लगे। जांच के बाद जो कारण सामने आया, उसने प्रबंधन और पुलिस प्रशासन के भी होश उड़ा दिए।READ ALSO:-मेरठ में ठंड और कोहरे का सितम: प्रशासन ने बदला स्कूलों का समय, अब सुबह 10 बजे से लगेगी क्लास
\r\n\r\n\r\n\r\n
कैसे शुरू हुई घटना?
\r\n\r\nबुधवार की रात पीवीएस मॉल में 'धुरंधर' फिल्म का शो चल रहा था। यह शो रात 8:45 बजे शुरू हुआ था। इंटरवल के बाद जब फिल्म अपने रोमांचक मोड़ पर थी, तभी अचानक रात के करीब 12:00 बजे पूरे मॉल में फायर अलार्म की तेज आवाज गूंजने लगी। सिनेमा हॉल के अंधेरे में अचानक बजने वाले अलार्म ने दर्शकों को डरा दिया। लोगों को लगा कि मॉल के किसी हिस्से में भीषण आग लग गई है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
वॉशरूम में सिगरेट और मची भगदड़
\r\n\r\nजैसे ही अलार्म बजा, लोग अपनी सीटों से कूद पड़े। भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई और दर्शक आनन-फानन में मॉल के एग्जिट गेट की ओर दौड़ पड़े। मॉल के सुरक्षा गार्ड भी तुरंत अलर्ट मोड पर आ गए। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत पूरी बिल्डिंग की चेकिंग शुरू की ताकि आग के स्रोत का पता लगाया जा सके।
\r\n\r\n\r\n\r\n
गहन चेकिंग के दौरान सुरक्षा गार्डों को पता चला कि आग कहीं नहीं लगी थी। दरअसल, एक लापरवाह दर्शक ने मॉल के वॉशरूम (बाथरूम) के अंदर जाकर स्मोकिंग (धूम्रपान) शुरू कर दिया था। वॉशरूम में लगे सेंसिटिव स्मोक डिटेक्टर्स ने सिगरेट के धुएं को भांप लिया और ऑटोमैटिक फायर अलार्म सिस्टम एक्टिवेट हो गया।
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
महिलाओं और बच्चों में दिखा दहशत का माहौल
\r\n\r\nइस घटना के दौरान मॉल में मौजूद महिलाएं और बच्चे बुरी तरह सहम गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अलार्म की आवाज इतनी तेज थी कि लगा जैसे कोई बड़ी अनहोनी होने वाली है। स्थिति सामान्य होने के बाद जब सुरक्षा गार्डों ने दर्शकों को समझाया कि यह महज एक सिगरेट के धुएं की वजह से हुआ है, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
\r\n\r\n\r\n\r\n
हालांकि, डर का असर इतना गहरा था कि कई महिलाएं दोबारा हॉल के अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाईं। सुरक्षा के मद्देनजर कई परिवारों ने फिल्म को बीच में ही छोड़ दिया और बिना शो पूरा देखे अपने घर लौट गए।
\r\n\r\n\r\n\r\n
मॉल प्रबंधन की कार्रवाई और स्थिति सामान्य
\r\n\r\nसुरक्षा गार्डों ने स्थिति को काबू में लिया और दर्शकों को शांत किया। मॉल प्रशासन ने घोषणा की कि सब कुछ सुरक्षित है, जिसके बाद शो को दोबारा शुरू किया गया। हालांकि, इस घटना ने मॉल की सुरक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक स्थानों पर नियमों के उल्लंघन पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
\r\n\r\n\r\n"किसी एक व्यक्ति की छोटी सी लापरवाही सैकड़ों लोगों की जान जोखिम में डाल सकती थी। मॉल में स्मोकिंग पूरी तरह प्रतिबंधित है, फिर भी ऐसी घटना होना चिंताजनक है।" — एक स्थानीय दर्शक\r\n
\r\n\r\n
पब्लिक प्लेस पर स्मोकिंग: एक कानूनी और सुरक्षा अपराध
\r\n\r\nयह पहली बार नहीं है जब किसी सार्वजनिक स्थान पर सिगरेट के धुएं से फायर अलार्म बजा हो। भारत में सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना COTPA एक्ट के तहत दंडनीय अपराध है। सिनेमा हॉल जैसे बंद स्थानों पर लगे फायर अलार्म सिस्टम बेहद संवेदनशील होते हैं। सिगरेट का थोड़ा सा धुआं भी इन्हें सक्रिय कर सकता है, जिससे भगदड़ में दबने (Stampede) जैसी दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
मेरठ के पीवीएस मॉल की इस घटना ने जहां एक ओर सुरक्षा प्रणालियों की चुस्ती को साबित किया, वहीं दूसरी ओर नागरिकों की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए। मॉल प्रशासन अब उस व्यक्ति की पहचान करने की कोशिश कर रहा है जिसने वॉशरूम में स्मोकिंग की थी।
Sabse pehle comment karne wale banein.