मेरठ: उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट, मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर बड़ी खुशखबरी सामने आई है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का ओवरऑल 94 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। शेष 6 प्रतिशत कार्य को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिससे उम्मीद है कि नए साल से पहले वाहन इस पर फर्राटा भरने लगेंगे।READ ALSO:-भारत में जल्द दौड़ेगी बुलेट ट्रेन! PM मोदी ने सूरत स्टेशन का किया निरीक्षण, जानें कब तक पूरा होगा मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर का काम
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नए साल से पहले उद्घाटन की संभावना, ट्रायल जल्द
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जनवरी 2024 से पहले इस एक्सप्रेसवे के चालू होने की प्रबल संभावना है, जिसका इंतजार लाखों लोग कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, मेरठ प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे के पहले चरण यानी मेरठ से बदायूं तक का निर्माण कार्य पूरी तरह से तैयार हो चुका है।
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संभावना जताई जा रही है कि पहले चरण का ट्रायल इसी महीने (नवंबर) के अंत में या दिसंबर के पहले सप्ताह में शुरू हो जाएगा। ट्रायल सफल होते ही कभी भी एक्सप्रेसवे के उद्घाटन की घोषणा हो सकती है।
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मेरठ से प्रयागराज, सिर्फ 6-7 घंटे का सफर

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मेरठ प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के बीच यात्रा समय में भारी कमी आएगी। वर्तमान में जहां इस दूरी को तय करने में 12 से 14 घंटे लग जाते हैं, वहीं एक्सप्रेसवे पर सफर केवल छह से सात घंटे का रह जाएगा।
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    लंबाई: 594 किलोमीटर
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    अधिकतम गति: 100-120 किलोमीटर प्रति घंटा (निर्धारित करने की कार्रवाई जारी है)
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    स्ट्रक्चर: 1498 बड़े स्ट्रक्चर में से 1497 का निर्माण पूरा।
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यूपीडा की रिपोर्ट के मुताबिक, निर्माण कार्य में मुख्य बाधा अब लगभग खत्म हो चुकी है, केवल तीसरे सेक्शन में कुछ काम शेष है। 
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तीसरे सेक्शन पर फोकस, 25 नवंबर की डेडलाइन

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अधिकारियों ने बताया कि मेरठ प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य तीन सेक्शन में बांटा गया था। पहले और दूसरे सेक्शन (मेरठ से बदायूं) में 129 किलोमीटर से अधिक का काम लगभग समाप्ति पर है।
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हालांकि, तीसरे सेक्शन में उन्नाव और हरदोई के पास नाममात्र का काम अभी भी निर्माणाधीन है। लेकिन, शासन की ओर से सभी निर्माण एजेंसियों को 25 नवंबर तक हर हाल में सभी कार्य पूर्ण करने का अल्टीमेटम दिया गया है। इस डेडलाइन का उद्देश्य नवंबर के अंत तक पहले चरण का ट्रायल सुनिश्चित करना है। 
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बिजौली से कनेक्ट होगा मेरठ का गंगा एक्सप्रेसवे

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मेरठ में यह एक्सप्रेसवे हापुड़ रोड पर बिजौली क्षेत्र से कनेक्ट होगा। मेरठ से बदायूं तक पहले सेक्शन की कुल लंबाई 129.700 किलोमीटर है। इस सेक्शन में आने वाले जिलों की भागीदारी इस प्रकार है:
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जिला
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एक्सप्रेसवे की लंबाई (किमी)
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मेरठ
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14.950 किमी
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हापुड़
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33.300 किमी
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अमरोहा
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26.150 किमी
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बुलंदशहर
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10.500 किमी
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संभल
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38.780 किमी
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बदायूं
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6.020 किमी
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इस पूरे सेक्शन पर फाइनल टच दिया जा रहा है और बताया जा रहा है कि यह हिस्सा अगले कुछ दिनों में फर्राटा भरने के लिए पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास के लिए एक गेम चेंजर साबित होगा। 
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निष्कर्ष: यूपीडा द्वारा दिए गए ताजा अपडेट के अनुसार, मेरठ प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे का 94% से अधिक काम पूरा हो चुका है। 25 नवंबर तक निर्माण कार्य पूर्ण करने के अल्टीमेटम और दिसंबर के पहले सप्ताह में ट्रायल की संभावना के साथ, यह उम्मीद की जा रही है कि नए साल 2026 से पहले ही यह एक्सप्रेसवे जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इससे मेरठ और प्रयागराज के बीच का सफर केवल 6-7 घंटे का रह जाएगा, जो प्रदेश की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को अभूतपूर्व गति देगा।
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