मेरठ (Meerut News): उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने खाकी वर्दी को शर्मसार कर दिया है। जिन पुलिसकर्मियों पर जनता की सुरक्षा और कानून के पालन की जिम्मेदारी होती है, वही अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए अमानवीयता की हदें पार करते नजर आए। मेरठ में पुलिसकर्मियों द्वारा एक अज्ञात युवक की लाश को अपने थाना क्षेत्र से उठाकर दूसरे थाना क्षेत्र में फेंकने का मामला सामने आया है।READ ALSO:-मेंटेनेंस एफिशिएंसी को मिलेगी नई रफ़्तार: नमो भारत के फ्लीट में हाई-स्पीड कैटेनरी मेंटेनेंस व्हीकल शामिल
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यह पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसके बाद हड़कंप मच गया। मामले का संज्ञान लेते हुए मेरठ एसएसपी डॉ. विपिन ताडा (SSP Vipin Tada) ने तत्काल प्रभाव से आरोपी दरोगा और सिपाही को सस्पेंड कर दिया है, जबकि होमगार्ड को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
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क्या है पूरा मामला?
\r\n\r\nघटना मेरठ के लोहिया नगर थाना क्षेत्र (Lohia Nagar Thana) की है। जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह काजीपुर निवासी रोनित बैंसला जब एल ब्लॉक चौराहे के पास अपनी स्टेशनरी की दुकान खोलने पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि दुकान के ठीक सामने एक युवक का शव पड़ा है। शव को देखकर वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
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मौके पर पहुंची पुलिस ने जब शव की शिनाख्त कराने की कोशिश की तो सफलता नहीं मिली। इसके बाद जब सच्चाई जानने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों को खंगाला गया, तो जो फुटेज सामने आई उसने सभी के होश उड़ा दिए।
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CCTV ने खोला 1:50 बजे का राज
\r\n\r\nवायरल हुए सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात करीब 1:50 बजे दो पुलिसकर्मी फैंटम बाइक पर वहां पहुंचते हैं। उनके पीछे-पीछे एक ई-रिक्शा आता है, जिसमें उस अज्ञात युवक का शव रखा हुआ था। फुटेज में दिखता है कि पुलिसकर्मी ई-रिक्शा से शव को उतरवाकर सड़क किनारे एक दुकान के सामने लावारिस हालत में फिंकवा देते हैं और वहां से चुपचाप खिसक लेते हैं。
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कागजी कार्रवाई से बचने के लिए किया 'पाप'
\r\n\r\nजांच में पता चला है कि यह कारनामा नौचंदी थाना (Nauchandi Thana) क्षेत्र की एल ब्लॉक चौकी (L Block Chowki) पर तैनात पुलिसकर्मियों का है। सूत्रों के मुताबिक, शास्त्रीनगर इलाके में (जो नौचंदी थाने में आता है) एक युवक का शव मिला था। नियमों के मुताबिक, जिस क्षेत्र में शव मिलता है, वहां की पुलिस को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराना होता है और शिनाख्त की कोशिश करनी होती है। लेकिन कागजी कार्रवाई और भागदौड़ से बचने के लिए इन पुलिसकर्मियों ने मानवता को ताक पर रख दिया। उन्होंने शव को ई-रिक्शा में लदवाया और सीमावर्ती लोहिया नगर थाना क्षेत्र में फेंक दिया ताकि जिम्मेदारी दूसरे थाने पर चली जाए।
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एसएसपी का कड़ा एक्शन: दरोगा-सिपाही सस्पेंड
\r\n\r\nइस अमानवीय कृत्य का वीडियो वायरल होते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की।
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- \r\n निलंबित: एल ब्लॉक चौकी इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार और कॉन्स्टेबल राजेश को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है।\r\n \r\n
- \r\n बर्खास्त: शव फेंकने में मदद करने वाले होमगार्ड रोहतास की सेवा समाप्त (Dismiss) कर दी गई है।\r\n \r\n
- \r\n जांच: पूरे मामले की विस्तृत जांच एसपी सिटी (SP City) आयुष विक्रम सिंह को सौंपी गई है।\r\n \r\n
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जनता में भारी आक्रोश
\r\n\r\nस्थानीय लोगों में पुलिस की इस हरकत को लेकर भारी गुस्सा है। दुकानदारों का कहना है कि पुलिस अक्सर अपनी बला टालने के लिए सीमाओं का खेल खेलती है, लेकिन लाश के साथ ऐसा व्यवहार पहली बार सबूत के साथ सामने आया है। अगर सीसीटीवी नहीं होता, तो शायद यह पता ही नहीं चलता कि लाश किसने फेंकी और कोई निर्दोष भी फंस सकता था।
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सारांश: मेरठ में पुलिसकर्मियों द्वारा की गई इस शर्मनाक हरकत ने विभाग की छवि को धूमिल किया है। एसएसपी की त्वरित कार्रवाई ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश की है, लेकिन सवाल यह उठता है कि रक्षक ही जब जिम्मेदारियों से भागने लगेंगे, तो आम जनता किस पर भरोसा करेगी? फिलहाल अज्ञात शव की शिनाख्त की कोशिशें जारी हैं।
Sabse pehle comment karne wale banein.