मेरठ शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले रोडवेज के भैंसाली बस अड्डे को शहर के मध्य से हटाकर 18 किलोमीटर दूर स्थानांतरित करने की प्रस्तावित योजना के खिलाफ आवाजें उठने लगी हैं। इस मामले में शोषित क्रांति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविकांत ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ईमेल के माध्यम से एक पत्र भेजा है। उन्होंने इस योजना को जनविरोधी और व्यापार विरोधी बताते हुए इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।READ ALSO:-UP School Closed: कड़ाके की ठंड का कहर; यूपी में 14 जनवरी तक बंद रहेंगे 8वीं तक के स्कूल, जानें कब खुलेंगे स्कूल
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दिल्ली और लखनऊ का दिया हवाला

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मुख्यमंत्री को भेजे गए अपने पत्र में रविकांत ने सरकार की इस योजना पर तार्किक सवाल उठाए हैं। उन्होंने दिल्ली और लखनऊ का उदाहरण देते हुए कहा कि देश की राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, दोनों ही जगहों पर मेट्रो रेल का संचालन सफलतापूर्वक हो रहा है। वहां मेट्रो आने के बाद भी किसी भी प्रमुख बस अड्डे (ISBT) को उनके मूल स्थान से नहीं हटाया गया है। रविकांत ने सवाल दागा कि जब इन बड़े शहरों में बस अड्डों को यथावत रखा गया है, तो फिर मेरठ में ही बस अड्डे को शहर से 18 किलोमीटर दूर भेजने की जिद क्यों की जा रही है?
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व्यापार और अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा बुरा असर

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शोषित क्रांति दल के अध्यक्ष ने चिंता व्यक्त की कि यदि भैंसाली बस अड्डे को इतनी दूर शिफ्ट किया जाता है, तो इसका सीधा और नकारात्मक असर मेरठ की जनता और यहां के व्यापार पर पड़ेगा। शहर से कनेक्टिविटी टूटने के कारण स्थानीय व्यापार बुरी तरह प्रभावित होगा। उन्होंने दावा किया कि इसका असर सिर्फ मेरठ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे जुड़े कई अन्य राज्यों की अर्थव्यवस्था पर भी चोट पहुंचेगी। उनका यह भी तर्क है कि यह बदलाव खुद उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) के लिए भी हानिकारक और घाटे का सौदा साबित होगा।
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मेट्रो कंपनी को लाभ पहुंचाने का आरोप

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अपने पत्र में रविकांत ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बस अड्डे को शिफ्ट करने की यह पूरी कवायद जनता के हित में नहीं, बल्कि किसी और एजेंडे के तहत की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब मेट्रो ट्रेन का संचालन करने वाली कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने इसे पूरी तरह से अनुचित करार दिया।
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रविकांत ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जनहित, यात्रियों की सुविधा और शहर के व्यापारिक भविष्य को ध्यान में रखते हुए भैंसाली बस अड्डे को स्थानांतरित करने की योजना पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।
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