मेरठ: सपा के पूर्व नेता दीपक गिरी और उनकी मंगेतर, कांग्रेस नेत्री पूनम पंडित की कानूनी मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। रेप और ठगी के आरोपों से घिरे इस जोड़े पर अब मेरठ में एक और नया मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा रेप पीड़िता के पति ने सिविल लाइन थाने में दर्ज कराया है, जिसमें फर्जी प्रमाणपत्र बनवाकर उन्हें और उनकी पत्नी को बदनाम करने की कोशिश का गंभीर आरोप लगाया गया है।READ ALSO:-मेरठ नगर निगम में 'टैक्स टेरर': 300 रुपये का बिल आया 30,000! भड़के लोगों ने 6 घंटे तक घेरा दफ्तर, आयुक्त को झुकना पड़ा
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यह नया मुकदमा पूनम पंडित दीपक गिरी विवाद को जालसाजी और मानहानि के एक नए स्तर पर ले गया है, जिससे दोनों नेताओं की छवि को गहरा धक्का लगा है।
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फर्जी हस्ताक्षर से छवि धूमिल करने की साजिश
\r\n\r\nसिविल लाइन थाने में 23 नवंबर को दर्ज हुए इस दूसरे मुकदमे में शिकायतकर्ता, जो रेप पीड़िता का पति है, ने आरोप लगाया है कि पूनम पंडित ने जो प्रमाण पत्र दिखाया, वह पूरी तरह से फर्जी था।
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- \r\n जालसाजी का आरोप: शिकायतकर्ता ने स्पष्ट किया है कि उनके द्वारा न तो कोई प्रमाण पत्र बनवाया गया था और न ही उस पर उनके हस्ताक्षर थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके फर्जी साइन भी दीपक गिरी और पूनम पंडित द्वारा ही किए गए हैं।\r\n \r\n
- \r\n मकसद बदनाम करना: उनका दावा है कि इस फर्जी दस्तावेज का एकमात्र उद्देश्य उन्हें और उनकी पत्नी को समाज में बदनाम करना था।\r\n \r\n
- \r\n शिकायत की अनदेखी: पति ने यह भी बताया कि उन्होंने इस संबंध में पहले एसएसपी को डाक के माध्यम से शिकायत भेजी थी, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर उन्हें मजबूरन मुकदमा दर्ज कराना पड़ा।\r\n \r\n
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विवाद की जड़: सगाई, रेप और साजिश का पहला मुकदमा
\r\n\r\nइस पूरे पूनम पंडित दीपक गिरी विवाद की शुरुआत 15 अक्टूबर को हुई, जब दीपक गिरी (38) ने पूनम पंडित से सगाई कर ली।
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- \r\n पहला केस (25 अक्टूबर): दीपक की पूर्व प्रेमिका (जो दो बच्चों की मां है) ने भावनपुर थाने में रेप और ठगी का मुकदमा दर्ज कराया था। महिला का आरोप था कि दीपक ने शादी का वादा करके 4 साल तक उसे टॉर्चर किया और ब्लैकमेल करता रहा।\r\n \r\n
- \r\n पूनम पंडित पर साजिश का आरोप: महिला का यह भी आरोप था कि यह पूरी साजिश थी, जिसमें पूनम पंडित और दीपक के पिता भी शामिल थे, ताकि दीपक उससे छुटकारा पा सके और पूनम से शादी कर सके।\r\n \r\n
- \r\n वीडियो बयान: सगाई के बाद, 17 अक्टूबर को महिला ने फेसबुक पर 26 मिनट का वीडियो जारी कर दीपक गिरी पर कई गंभीर आरोप लगाए थे, जिसमें उसे अय्याश और धोखेबाज नेता बताया गया था।\r\n \r\n
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मामले की संवेदनशीलता के कारण, दीपक गिरी को उनकी पार्टी (सपा) ने पद से हटा दिया। दूसरी ओर, दीपक गिरी ने वीडियो जारी कर सफाई दी थी। उन्होंने दावा किया था कि वह केवल महिला और उसके पति के बीच चल रहे विवाद में समझौता करा रहे थे और वे दोनों उनके परिचित थे।
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पीड़िता ने यह भी खुलासा किया था कि दीपक उससे तलाक लेने के लिए कह रहा था, जिसके बाद उसने अपने पति के खिलाफ याचिका दाखिल की, और इसी मौके का फायदा उठाकर दीपक ने पूनम पंडित से सगाई कर ली।
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पूनम पंडित दीपक गिरी विवाद में अब जालसाजी का नया अध्याय जुड़ गया है। सिविल लाइन थाने में दर्ज हुआ यह दूसरा मुकदमा, जहां एक ओर रेप पीड़िता के पति की छवि धूमिल करने के प्रयास को दर्शाता है, वहीं दूसरी ओर दोनों नेताओं की कानूनी मुश्किलें बढ़ा रहा है। अब पुलिस को इन दोनों मुकदमों की जांच करनी है, जिसमें फर्जी हस्ताक्षर के आरोपों की जांच और दोनों पक्षों के दावों की सत्यता स्थापित करना एक बड़ी चुनौती होगी।
Sabse pehle comment karne wale banein.