Meerut News: उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) में बुधवार देर शाम पुलिस महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पुलिस कंट्रोल रूम (Police Control Room) की घंटी बजी। फोन करने वाले शख्स ने घबराई हुई आवाज में सूचना दी कि शहर के पुरानी मोहनपुरी इलाके में एक युवक की हत्या कर दी गई है और परिजन गुपचुप तरीके से उसके अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे हैं।READ ALSO:-बिजनौर: गाली-गलौज के बाद दबंगों ने 3 लोगों पर चढ़ा दी कार, इलाज के दौरान महिला की मौत; CO चांदपुर ने दी जानकारी
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'हत्या' और 'अंतिम संस्कार' जैसे शब्द सुनते ही पुलिस कंट्रोल रूम ने तुरंत संबंधित थाने को अलर्ट किया। आनन-फानन में सिविल लाइन थाना पुलिस (Civil Lines Police) मौके के लिए दौड़ पड़ी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो वहां का नजारा देखकर सन्न रह गई। शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी भिजवाया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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क्या था वो फोन कॉल जिसने दौड़ाई पुलिस?

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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बुधवार शाम को एक अज्ञात व्यक्ति ने कंट्रोल रूम को फोन किया था। कॉलर ने दावा किया, "पुरानी मोहनपुरी में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई है। उसकी लाश घर के अंदर पड़ी है। अगर पुलिस समय पर नहीं पहुंची, तो परिवार वाले सबूत मिटाने के लिए उसका अंतिम संस्कार कर देंगे।"
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इस सूचना की गंभीरता को देखते हुए सिविल लाइन एसएचओ सौरभ शुक्ला (SHO Saurabh Shukla) ने बिना देरी किए अपनी टीम को एक्टिव किया और उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया।
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घर के बाहर भीड़, अंदर मातम

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एसएचओ सौरभ शुक्ला जब पुलिस बल के साथ पुरानी मोहनपुरी पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि एक मकान के बाहर लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है। पुलिस को देखते ही वहां सन्नाटा पसर गया। पुलिस जब घर के अंदर दाखिल हुई, तो देखा कि आंगन में एक चारपाई पर शव रखा हुआ है और पास में ही एक बुजुर्ग महिला रो रही है।
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पूछताछ करने पर पता चला कि मरने वाले का नाम राजकिशोर उर्फ जिल्लू (45 वर्ष) है। वह अविवाहित था और पेशे से पुताई का काम करता था। शव के पास बैठी उसकी मां हरनंदी का रो-रोकर बुरा हाल था।
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मां का दर्द: "शराब ने ले ली मेरे बेटे की जान"

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पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की कि क्या युवक की हत्या हुई है, तो मां हरनंदी ने इसे नकार दिया। उन्होंने पुलिस को बताया, "मेरा बेटा राजकिशोर शराब का बहुत ज्यादा आदि था। वह दिन-रात नशे में रहता था। शराब की लत ने ही उसकी जान ले ली है, किसी ने उसे मारा नहीं है।"
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परिजनों ने बताया कि राजकिशोर पुताई का काम करता था, लेकिन जो भी कमाता था, शराब में उड़ा देता था। हरनंदी के चार बेटे और दो बेटियां थीं। दुखद पहलू यह है कि इसी साल जून महीने में उनके एक और बेटे प्रदीप की भी मौत हो चुकी है। अब राजकिशोर के जाने के बाद घर में केवल दो बेटे जितेंद्र और महेंद्र ही बचे हैं।
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कॉलर का फोन हुआ स्विच ऑफ, पुलिस को शक

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इस पूरे मामले में सबसे पेचीदा कड़ी वह 'कॉलर' है, जिसने हत्या की सूचना दी थी। जब पुलिस ने सच्चाई जानने के बाद उस नंबर पर दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, तो वह नंबर 'स्विच ऑफ' (Switched Off) आने लगा।
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पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या किसी ने रंजिशन पुलिस को परेशान करने के लिए झूठी सूचना दी थी, या फिर वाकई में दाल में कुछ काला है? कॉलर की लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकलवाई जा रही है।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट खोलेगी राज

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मौके पर पहुंचे एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह (SP City Ayush Vikram Singh) ने स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया, "मृतक के शरीर पर प्रथम दृष्टया (Prima Facie) किसी भी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं, जिससे यह साबित हो सके कि उसकी हत्या हुई है। आस-पास के लोगों ने भी पुष्टि की है कि राजकिशोर अत्यधिक शराब पीता था।"
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हालांकि, पुलिस ने एहतियात के तौर पर अंतिम संस्कार रुकवाकर शव को मोर्चरी भिजवा दिया है। एसपी सिटी ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी। अगर रिपोर्ट में कुछ संदिग्ध मिलता है, तो अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। फिलहाल पुलिस इसे संदिग्ध मौत मानकर कार्रवाई कर रही है।
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मेरठ के मोहनपुरी में हत्या की झूठी या सच्ची सूचना ने पुलिस को पसीने ला दिए। हालांकि, परिवार इसे शराब से हुई स्वाभाविक मौत बता रहा है, लेकिन पुलिस ने नियम के मुताबिक शव का पोस्टमार्टम कराने का फैसला किया है। अब देखना होगा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और 'मिस्ट्री कॉलर' की जांच में क्या निकलकर सामने आता है।
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