मेरठ (Meerut): पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसकी बानगी आज फिर मेरठ के देहात क्षेत्र में देखने को मिली। गुरुवार की सुबह खरखौदा थाना क्षेत्र (Kharkhoda Police Station Area) गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। खड़खड़ी गांव के रहने वाले 21 वर्षीय दूध कारोबारी दीपक को अज्ञात बदमाशों ने उस वक्त गोली मार दी, जब वह अपना काम खत्म करके घर लौट रहा था।READ ALSO:-बिजनौर में 'नारी शक्ति' का रौद्र रूप: छेड़छाड़ भारी पड़ी; महिला कंडक्टर ने मनचले को जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से पीटा, रोडवेज बना अखाड़ा
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पेट में गोली लगने से युवक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। उसे शहर के आनंद अस्पताल (Anand Hospital) में भर्ती कराया गया है, जहां वह जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। घटना के पीछे पुरानी रंजिश और आपसी विवाद की बात सामने आ रही है। घायल युवक ने पुलिस को दिए अपने बयान में एक नामजद आरोपी का जिक्र किया है।
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इस विस्तृत रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि आखिर सुबह-सुबह इस वारदात को कैसे अंजाम दिया गया, पिता ने अपने इकलौते बेटे को किस हालत में पाया और पुलिस की जांच अब किस दिशा में आगे बढ़ रही है।
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अलीपुर के पास खूनी खेल: क्या हुआ था गुरुवार सुबह?

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घटना गुरुवार (12 फरवरी 2026) सुबह की है। खड़खड़ी गांव निवासी प्रदीप कुमार का 21 वर्षीय बेटा दीपक अपने पिता के साथ दूध का कारोबार करता है। रोज की तरह दीपक अपनी वैगनआर कार (WagonR Car) से दूध बांटने के लिए निकला था।
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वारदात का समय: जब दीपक दूध बांटकर वापस अपने गांव खड़खड़ी लौट रहा था, तभी रास्ते में अलीपुर गांव (Alipur Village) के पास पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने उसकी गाड़ी को निशाना बनाया। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बदमाशों ने दीपक को रुकने पर मजबूर किया या चलती गाड़ी पर फायरिंग की। गोली सीधे दीपक के पेट में जा लगी, जिससे वह लहू-लुहान होकर ड्राइविंग सीट पर ही गिर पड़ा।
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पिता का दर्द: "खून से लथपथ पड़ा था मेरा बेटा"

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इस घटना की सबसे मार्मिक कड़ी दीपक के पिता प्रदीप का संघर्ष है। सूचना मिलते ही प्रदीप बदहवास हालत में घटनास्थल की ओर दौड़े।
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पिता की आपबीती: दीपक के पिता प्रदीप ने बताया, "जब मैं मौके पर पहुंचा तो देखा कि मेरी वैगनआर कार सड़क किनारे खड़ी थी। अंदर झांककर देखा तो दीपक खून से लथपथ पड़ा था। उसके पेट से लगातार खून बह रहा था। यह दृश्य देखकर मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई।"
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अस्पताल के लिए दौड़: पिता ने बिना एक पल गंवाए, उसी खून से सनी कार को खुद ड्राइव किया और बेटे को लेकर अस्पताल की ओर भागे।
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    न्यूटिमा अस्पताल (Nutima Hospital): सबसे पहले वे घायल दीपक को लेकर न्यूटिमा अस्पताल पहुंचे। लेकिन वहां की व्यवस्था ने उन्हें निराश किया। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि मौके पर कोई सर्जन (Surgeon) उपलब्ध नहीं है, इसलिए वे मरीज को भर्ती नहीं कर सकते।
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    आनंद अस्पताल (Anand Hospital): इसके बाद प्रदीप अपने बेटे को लेकर तुरंत आनंद अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने दीपक की गंभीर हालत को देखते हुए उसे तुरंत आईसीयू में भर्ती किया और ऑपरेशन शुरू किया।
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पुरानी रंजिश और आरोपी की पहचान

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घायल होने के बावजूद दीपक ने हिम्मत नहीं हारी। अस्पताल ले जाते समय और पुलिस के पहुंचने पर उसने जो बयान दिया, उसने इस केस को एक नई दिशा दे दी है। यह मामला लूट का नहीं, बल्कि आपसी रंजिश का लग रहा है।
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किसे बताया जिम्मेदार? दीपक के पिता ने पुलिस को बताया कि दीपक ने अपने बयान में प्रदीप निवासी मायापुरी (Pradeep, resident of Mayapuri) का नाम लिया है।
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    वजह: बताया जा रहा है कि दीपक का कुछ दिन पहले मायापुरी निवासी उक्त युवक से किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। उस समय तो मामला शांत हो गया था, लेकिन आशंका है कि उसी विवाद का बदला लेने के लिए इस जानलेवा हमले को अंजाम दिया गया।
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पुलिस अब इस एंगल पर जांच कर रही है कि क्या वह झगड़ा इतना बड़ा था कि नौबत गोलीबारी तक आ गई, या इसके पीछे कोई और कहानी है।
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इकलौता चिराग है दीपक

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दीपक अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है। वह अपने पिता का हाथ बंटाने के लिए छोटी उम्र में ही दूध के कारोबार में उतर गया था। इस घटना ने पूरे परिवार को तोड़ कर रख दिया है। अस्पताल के बाहर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव खड़खड़ी में भी इस वारदात के बाद से मातम और गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों ने पुलिस से मांग की है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
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पुलिस की कार्रवाई: टीमें गठित, दबिश जारी

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घटना की सूचना मिलते ही खरखौदा थाना पुलिस और सीओ (CO) मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए।
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पुलिस अधीक्षक (देहात) का बयान: अधिकारियों का कहना है कि, "प्राथमिक जांच में मामला आपसी रंजिश का लग रहा है। घायल युवक ने जो नाम बताया है, उसकी तलाश के लिए टीमें लगा दी गई हैं। आरोपी के घर पर दबिश दी जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।"
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पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) भी खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि हमलावर कितने थे और वे किस वाहन से आए थे।
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जिंदगी और मौत की जंग

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फिलहाल, दीपक आनंद अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि गोली पेट में लगने के कारण काफी खून बह चुका है और अंदरूनी अंगों को नुकसान पहुंचा है। अगले 24 घंटे मरीज के लिए बेहद अहम हैं।
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मेरठ में दिनदहाड़े हुई इस फायरिंग ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या एक मामूली झगड़े का अंजाम इतना भयानक हो सकता है? पुलिस के लिए अब चुनौती है कि वह मायापुरी निवासी आरोपी को जल्द गिरफ्तार करे और इस खूनी खेल का पर्दाफाश करे।
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