मेरठ/गाजियाबाद: देश के पहले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) यानी नमो भारत ट्रेन (Namo Bharat Train) और मेरठ मेट्रो (Meerut Metro) का व्यावसायिक संचालन शुरू हो चुका है। प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन के बाद से ही इन अत्याधुनिक ट्रेनों में सफर करने के लिए यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। लेकिन, अगर आप भी दिल्ली से मेरठ के बीच इन हाई-स्पीड ट्रेनों में सफर करने का मन बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले अपना बैग जरूर चेक कर लें।READ ALSO:-सोने-चांदी में भयंकर आग! 3 दिन में ₹5,000 महंगा हुआ गोल्ड, जानें क्यों 1.80 लाख तक पहुंचने वाला है भाव?
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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेनों में यात्रा को सुरक्षित और विश्वस्तरीय बनाए रखने के लिए सुरक्षा के बेहद कड़े नियम लागू किए हैं। मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक चल रही मेरठ मेट्रो और पूरी लाइन पर दौड़ रही नमो भारत में 7 इंच से बड़े औजार, शराब, लाइसेंसी हथियार और 50 से अधिक अन्य वस्तुओं को ले जाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। नियम तोड़ने वालों पर अब सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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दूसरे दिन दिखी सख्ती: पिस्टल और शराब लेकर पहुंचे यात्री गेट से लौटाए गए
\r\n\r\nसंचालन के दूसरे दिन ही सुरक्षा बलों ने स्टेशन परिसरों में चेकिंग का सघन अभियान चलाया। उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (UPSSF) के जवानों ने सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतते हुए कई यात्रियों को गेट से ही वापस कर दिया।
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\r\n\r\nक्या-क्या मिला चेकिंग के दौरान? सोमवार और मंगलवार को सख्त चेकिंग के दौरान हैरान करने वाले मामले सामने आए। कई यात्री अपनी लाइसेंसी पिस्टल और अन्य हथियार लेकर स्टेशन पहुंच गए थे, जिन्हें स्कैनिंग के दौरान ही रोक लिया गया और उन्हें स्टेशन परिसर में प्रवेश नहीं दिया गया। इसके अलावा:
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- \r\n शराब और नशा: शराब की बोतलें लेकर या शराब के नशे में धुत होकर आए लोगों को भी एंट्री नहीं मिली।\r\n \r\n
- \r\n तंबाकू उत्पाद: सिगरेट, तंबाकू, माचिस और लाइटर जैसी ज्वलनशील और धूम्रपान सामग्री लेकर आए यात्रियों को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।\r\n \r\n
- \r\n घरेलू सामान: सुरक्षा कारणों से घी और तेल जैसे तरल और ज्वलनशील पदार्थ लेकर यात्रा करने की भी मनाही है। चेकिंग के दौरान ऐसे सामान वाले यात्रियों को भी रोक दिया गया।\r\n \r\n
- \r\n ओवरवेट बैगेज (भारी सामान): 25 किलो से अधिक वजन का भारी बैग लेकर स्टेशन पहुंचे लोगों को भी यात्रा करने की अनुमति नहीं दी गई।\r\n \r\n
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अधिकारियों ने बताया कि चूंकि यह संचालन का शुरुआती दौर है, इसलिए पहले और दूसरे दिन यात्रियों का प्रतिबंधित सामान जब्त नहीं किया गया, बल्कि उन्हें चेतावनी देकर और समझाकर वापस भेज दिया गया। हालांकि, NCRTC ने अब स्पष्ट चेतावनी जारी कर दी है कि आगे से नियम तोड़ने पर प्रतिबंधित सामान तुरंत जब्त कर लिया जाएगा और संबंधित व्यक्ति पर जुर्माना या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
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NCRTC की लिस्ट: मेरठ मेट्रो और नमो भारत में क्या-क्या है पूरी तरह बैन?
\r\n\r\nNCRTC ने यात्रियों की सुरक्षा, ट्रेन की स्वच्छता और किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से बचने के लिए प्रतिबंधित सामानों (Prohibited Items) की एक लंबी और विस्तृत सूची जारी की है। इस सूची को मुख्य द्वार, टिकट काउंटर और सूचना बोर्डों पर चस्पा कर दिया गया है।
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1. धारदार और खतरनाक औजार (7 इंच से बड़े)
\r\n\r\nमेट्रो और नमो भारत के अंदर किसी भी प्रकार के धारदार या खतरनाक हथियारों और औजारों पर सख्त पाबंदी है। विशेष रूप से ऐसे औजार जिनकी लंबाई 7 इंच (17.78 सेंटीमीटर) से अधिक है, वे पूरी तरह से बैन रहेंगे। इनमें शामिल हैं:
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- \r\n खुखरी, तलवार, फरसा और कुल्हाड़ी\r\n \r\n
- \r\n मांस काटने वाले बड़े औजार (Meat Cleavers)\r\n \r\n
- \r\n चाकू (चाहे वह फोल्डिंग हो या साधारण) और 4 इंच से बड़े ब्लेड\r\n \r\n
- \r\n कैंची, पेचकस (Screwdrivers), पाना (Wrenches), प्लास (Pliers) और हथौड़ा।\r\n \r\n
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2. आग्नेयास्त्र (Firearms) और गोला-बारूद
\r\n\r\nकिसी भी प्रकार की बंदूक या उससे जुड़े पुर्जे स्टेशन के अंदर ले जाना दंडनीय अपराध है:
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- \r\n बंदूक, राइफल और लाइसेंसी पिस्टल\r\n \r\n
- \r\n गोला-बारूद (Ammunition), बुलेट्स और असलाह के पुर्जे\r\n \r\n
- \r\n फ्लेयर गन, स्पोर्ट्स गन, एयर राइफल और छर्रा गन\r\n \r\n
- \r\n गन लाइटर (बंदूक के आकार के लाइटर)।\r\n \r\n
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3. विस्फोटक और ज्वलनशील पदार्थ
\r\n\r\nआग लगने की किसी भी संभावना को शून्य करने के लिए निम्नलिखित वस्तुओं को प्रतिबंधित सूची में रखा गया है:
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- \r\n पेट्रोलियम उत्पाद (पेट्रोल, डीजल, केरोसिन)\r\n \r\n
- \r\n गैस सिलेंडर (छोटे या बड़े) और विस्फोटक सामग्री\r\n \r\n
- \r\n स्पिरिट, शराब और अन्य ज्वलनशील तरल या ठोस पदार्थ\r\n \r\n
- \r\n रेडियोएक्टिव पदार्थ, अम्ल (Acids), जहरीले रसायन और ऑक्सीकरणीय पदार्थ\r\n \r\n
- \r\n गीली बैटरी (Wet Batteries) जो रिसाव कर सकती हैं।\r\n \r\n
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4. जैविक, अस्वच्छ और अन्य अवांछित सामग्री
\r\n\r\nयात्रियों के स्वास्थ्य और स्टेशन की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए, जैविक सामग्री और पशुओं की एंट्री पूरी तरह बंद है:
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- \r\n मानव राख (Human Ashes), शव, कंकाल या शरीर के अंग\r\n \r\n
- \r\n रक्त (Blood) के सैंपल या मृत पशु\r\n \r\n
- \r\n किसी भी प्रकार की खाद (Fertilizers)\r\n \r\n
- \r\n खुला कच्चा मांस या मछली (कच्चे खाद्य पदार्थ जिनसे बदबू आ सकती है)\r\n \r\n
- \r\n पालतू पशु-पक्षी (कुत्ते, बिल्ली आदि) को मेट्रो व नमो भारत में ले जाने की अनुमति नहीं होगी।\r\n \r\n
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सुरक्षा का अभेद्य किला: UPSSF के 500 जवानों के हवाले सुरक्षा
\r\n\r\nमेरठ मेट्रो और नमो भारत के स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था किसी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Airport Security) से कम नहीं है। गाजियाबाद से लेकर मेरठ तक के सभी 13 स्टेशनों की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (UPSSF) को सौंपी गई है।
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- \r\n जवानों की तैनाती: पूरी वाहिनी में एक कमांडेंट समेत 500 जवान शामिल हैं। वर्तमान में दो इंस्पेक्टर और 400 जवान दो शिफ्ट में 24 घंटे स्टेशनों की रखवाली कर रहे हैं।\r\n \r\n
- \r\n आधुनिक स्कैनिंग: स्टेशनों पर AI-बेस्ड डुअल-व्यू एक्स-रे बैगेज स्कैनर (X-Ray Baggage Scanners) लगाए गए हैं। ये मशीनें पलक झपकते ही बैग के अंदर रखे किसी भी प्रतिबंधित धातु या तरल पदार्थ की पहचान कर लेती हैं और संदिग्ध वस्तु मिलते ही कन्वेयर बेल्ट अपने आप रुक जाती है।\r\n \r\n
- \r\n CCTV निगरानी: हर स्टेशन पर चप्पे-चप्पे पर उच्च क्षमता वाले CCTV कैमरे लगे हैं। एक अत्याधुनिक सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम से 24 घंटे हर यात्री की गतिविधि की निगरानी की जा रही है।\r\n \r\n
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मेरठ मेट्रो और नमो भारत में सफर के दौरान क्या करें (Do's)
\r\n\r\nसुरक्षित और सुगम यात्रा के लिए NCRTC ने एक गाइडलाइन जारी की है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे इनका पालन करें:
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- \r\n कतार का पालन करें: टिकट काउंटर, AFC गेट्स और ट्रेन में चढ़ते समय हमेशा अनुशासन बनाए रखें और कतार में खड़े रहें।\r\n \r\n
- \r\n सामान की सीमा (Baggage Limit): अधिकतम 25 किलो सामान ही अपने साथ रखें। बैग का आकार 80 सेमी (लंबाई) × 50 सेमी (चौड़ाई) × 30 सेमी (ऊंचाई) से अधिक नहीं होना चाहिए।\r\n \r\n
- \r\n प्राथमिकता दें: ट्रेन और प्लेटफॉर्म पर दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और बीमार व्यक्तियों को बैठने व आगे बढ़ने में प्राथमिकता दें।\r\n \r\n
- \r\n पहले उतरने दें: ट्रेन के दरवाजे खुलने पर पहले अंदर मौजूद यात्रियों को बाहर उतरने दें, उसके बाद ही ट्रेन में चढ़ें। इससे धक्का-मुक्की नहीं होगी।\r\n \r\n
- \r\n दूरी का ध्यान रखें: प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच की दूरी (Mind the Gap) का हमेशा ध्यान रखें।\r\n \r\n
- \r\n आपातकालीन संपर्क: किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्लेटफॉर्म पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों, पुलिस बूथ, या ग्राहक सेवा केंद्र (Customer Care) से संपर्क करें। ट्रेन के अंदर भी पैसेंजर अलार्म बटन दिए गए हैं।\r\n \r\n
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सफर के दौरान क्या न करें (Don'ts)
\r\n\r\nनियमों का उल्लंघन करने पर आप पर भारी जुर्माना लग सकता है:
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- \r\n AFC गेट से छेड़छाड़ नहीं: ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन (AFC) गेट के ऊपर से न कूदें और न ही उसके नीचे से खिसक कर निकलने की कोशिश करें।\r\n \r\n
- \r\n टिकट साझा न करें: अपना यात्रा कार्ड (Smart Card) या क्यूआर (QR) टिकट किसी अन्य यात्री के साथ साझा न करें।\r\n \r\n
- \r\n दरवाजों से छेड़छाड़: ट्रेन के दरवाजे जबरन न खोलें। वे स्वचालित रूप से खुलते और बंद होते हैं।\r\n \r\n
- \r\n खतरनाक स्टंट न करें: दरवाजे बंद होते समय ट्रेन में चढ़ने या उतरने की कोशिश बिल्कुल न करें। यह जानलेवा हो सकता है।\r\n \r\n
- \r\n ट्रेन में खाना-पीना मना है: स्टेशनों और ट्रेन के अंदर खाना खाने और गंदगी फैलाने पर सख्त पाबंदी है।\r\n \r\n
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नमो भारत और मेरठ मेट्रो: एक ही ट्रैक पर दो विश्वस्तरीय सेवाएं
\r\n\r\nभारत में पहली बार ऐसा हो रहा है कि एक ही ट्रैक (Infrastructure) पर दो अलग-अलग प्रकार की रेल सेवाएं संचालित हो रही हैं।
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- \r\n नमो भारत (RRTS): यह लंबी दूरी (दिल्ली से मेरठ) की यात्रा के लिए है। इसकी टॉप स्पीड 180 किमी/घंटा है। यह उन यात्रियों के लिए है जिन्हें दो शहरों के बीच तेज और लग्जरी सफर करना है। इसमें प्रीमियम कोच की सुविधा भी उपलब्ध है।\r\n \r\n
- \r\n मेरठ मेट्रो (Meerut Metro): यह मेरठ शहर के भीतर की लोकल यात्रा (मेरठ साउथ से मोदीपुरम) के लिए है। इसकी स्पीड 120 किमी/घंटा है और यह हर छोटे स्टेशन पर रुकती है, जिससे शहर के लोगों को ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिल रही है।\r\n \r\n
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दोनों ही ट्रेनों का संचालन पूरी तरह से सुरक्षित और वातानुकूलित वातावरण में किया जा रहा है।
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मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेनों का संचालन दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। 82 किलोमीटर की दूरी को महज 55 मिनट में समेटने वाली इस परियोजना में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। UPSSF के 500 जवानों की तैनाती, AI आधारित बैगेज स्कैनिंग और CCTV की सख्त निगरानी के बीच 7 इंच से बड़े औजार, हथियार, शराब, 25 किलो से भारी बैग और पालतू जानवरों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। शुरुआत में नियम तोड़ने वालों को चेतावनी देकर छोड़ा जा रहा है, लेकिन अब सामान जब्ती और जुर्माने की सख्त कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों से अपील है कि वे सफर से पहले प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची जरूर देख लें, ताकि उन्हें स्टेशन पर किसी भी प्रकार की असुविधा या बेइज्जती का सामना न करना पड़े।
Sabse pehle comment karne wale banein.