Meerut Mazar Vivad: उत्तर प्रदेश के मेरठ में धार्मिक स्थलों को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। लालकुर्ती क्षेत्र में सड़क किनारे बनी दो पुरानी मजारों के क्षतिग्रस्त होने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जहां एक तरफ मुस्लिम पक्ष और नायब शहर काजी ने इस घटना पर रोष जताते हुए दोबारा निर्माण की मांग की है, वहीं दूसरी तरफ अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही (Sachin Sirohi) ने इसे सही ठहराते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बड़ी अपील कर दी है।READ ALSO:-कुदरत का कहर: मेरठ के ऐतिहासिक चर्च पर आकाशीय बिजली गिरने से लगी भीषण आग, 45 मिनट तक सांसें थमीं, बाल-बाल बची जान
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

लालकुर्ती में क्या हुआ था? 

\r\n\r\n
दरअसल, यह पूरा मामला गुरुवार सुबह का है। मेरठ के लालकुर्ती क्षेत्र में कचहरी से दयानंद नर्सिंग होम जाने वाले रास्ते पर स्थित दो बेहद पुरानी मजारें क्षतिग्रस्त अवस्था में मिलीं। मजारों के टूटने की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
इस घटना के विरोध में मेरठ व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष जीतू सिंह नागपाल और एडवोकेट उमा शंकर खटीक भी मौके पर पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने आनन-फानन में मोर्चा संभाला और लोगों को शांत कराया। पुलिस द्वारा मजारों को दोबारा बनवाने के आश्वासन के बाद ही भीड़ वहां से हटी।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

शहर काजी ने लिखा पत्र, जताई नाराजगी

\r\n\r\n
इस घटना ने शहर के सांप्रदायिक माहौल में हलचल पैदा कर दी है। नायब शहर काजी और अखिल भारतीय कौमी एकता एवं सद्भावना समिति के अध्यक्ष काजी जैनुर राशिदीन ने एक पत्र जारी कर घटना की कड़ी निंदा की है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
उन्होंने कहा कि, "कुछ असामाजिक तत्व शहर की फिजा और शांति बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं।" काजी ने मेरठ के डीएम (DM) और एसएसपी (SSP) से मांग की है कि ऐसे तत्वों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और मजारों का पुनर्निर्माण तत्काल प्रभाव से कराया जाए।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

सचिन सिरोही की एंट्री और सीएम योगी से मांग

\r\n\r\n
मुस्लिम पक्ष की प्रतिक्रिया के बाद अब हिंदू संगठनों ने भी मोर्चा खोल दिया है। अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने मजारों के टूटने को 'अतिक्रमण हटाओ' अभियान का हिस्सा बताते हुए इसका समर्थन किया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
सचिन सिरोही ने कहा कि सड़क पर हुए अतिक्रमण को हटाया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) से सीधी अपील करते हुए कहा, "शहर में सड़क किनारे और भी कई ऐसे अवैध निर्माण हैं, जिन्हें तुरंत हटाया जाना चाहिए ताकि रास्ता साफ हो सके।" उन्होंने डीएम और एसएसपी को भी निर्देशित करने की मांग की है कि जहां भी इस तरह के अवैध धार्मिक स्थल रास्तों को रोक रहे हैं, उन्हें हटाया जाए।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

भैंसाली डिपो और सिटी स्टेशन का जिक्र

\r\n\r\n
सचिन सिरोही ने अपने बयान में सिर्फ लालकुर्ती ही नहीं, बल्कि शहर के अन्य इलाकों का भी जिक्र किया। उन्होंने विशेष रूप से भैंसाली मेट्रो स्टेशन (Bhaisali Metro Station) के पास स्थित मजार का मुद्दा उठाया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
सिरोही का कहना है, "भैंसाली डिपो के पास मजार के कारण रास्ता अनावश्यक रूप से घुमावदार हो गया है, जिससे वहां हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है। इसी तरह सिटी स्टेशन के पास भी अवैध निर्माण है जिसे हटाया जाना जनहित में जरूरी है।"
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
फिलहाल Meerut Mazar Vivad ने प्रशासन के सामने धर्म और कानून व्यवस्था के बीच संतुलन बनाने की चुनौती पेश कर दी है। एक तरफ जहां आस्था और परंपरा का हवाला देकर मजारों के संरक्षण की मांग हो रही है, वहीं दूसरी तरफ हिंदू संगठन इसे 'लैंड जिहाद' और अतिक्रमण बताकर सीएम योगी की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत कार्रवाई चाहते हैं। देखना होगा कि जिला प्रशासन इस दोहरे दबाव से कैसे निपटता है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
सारांश: मेरठ के लालकुर्ती में दो मजारों के क्षतिग्रस्त होने के बाद विवाद बढ़ गया है। नायब शहर काजी ने इसे असामाजिक तत्वों की करतूत बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। वहीं, हिंदू नेता सचिन सिरोही ने इसका विरोध करते हुए सीएम योगी से शहर की सभी सड़कों से अवैध मजारों को हटाने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन