मेरठ (Meerut News): उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले का सरधना क्षेत्र इस समय गुस्से, मातम और भय के साये में है। कपसाड़ गांव (Kapsad Village) में गुरुवार को हुई एक दिल दहला देने वाली वारदात ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। यहां एक दलित परिवार, जो अपनी बेटी की शादी की खुशियां मनाने की तैयारी कर रहा था, आज खून के आंसू रो रहा है। शादी तय होने के ठीक एक दिन बाद ही गांव के एक दबंग युवक ने दिनदहाड़े मां की गर्दन पर फरसे से वार कर हत्या कर दी और बेटी को हथियारों के बल पर अगवा कर ले गया।READ ALSO:-मेरठ में ठंड का 'टॉर्चर': नर्सरी से 9वीं तक के स्कूलों में 10 जनवरी तक छुट्टी घोषित, डीएम और DIOS ने जारी किया सख्त आदेश; 10वीं-12वीं वालों के लिए बदल गया समय
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
घटना को 24 घंटे से ज्यादा का वक्त बीत चुका है, लेकिन पुलिस के हाथ अब भी खाली हैं। न तो हत्यारा पारस राजपूत पकड़ा गया है और न ही अपहृत बेटी का कोई सुराग मिला है। इस नाकामी से नाराज परिवार ने शव का अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया है। गांव में पीएसी (PAC), आरएएफ (RAF) और 10 थानों की फोर्स तैनात है, जिससे पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया है।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
इस विस्तृत रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि आखिर उस काली दोपहर को क्या हुआ था, पुलिस जांच कहां तक पहुंची है और अब तक इस मामले में क्या-क्या मोड़ आए हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

1. वो खौफनाक मंजर: खेत के रास्ते में मौत का तांडव

\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n
यह घटना गुरुवार दोपहर की है। पीड़ित परिवार साधारण दलित समाज से आता है। परिवार के मुखिया सत्येंद्र जाटव खेत पर काम कर रहे थे। उनकी पत्नी (मृतका) और बेटी उनके लिए दोपहर का खाना लेकर खेत की ओर जा रही थीं। उन्हें क्या पता था कि गांव का ही रहने वाला पारस राजपूत और उसका दोस्त सुनील, हैवान बनकर उनका इंतजार कर रहे हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
विरोध करने पर मां को काट डाला रास्ते में घात लगाकर बैठे पारस ने पहले लड़की का हाथ पकड़कर उसे खींचने की कोशिश की। लड़की ने शोर मचाया तो साथ चल रही मां ने अपनी ममता का कवच बनकर बेटी को बचाने की कोशिश की। मां ने आरोपी का विरोध किया और उसे धक्का दिया। इसी बात पर आरोपी पारस का खून खौल उठा। उसने अपने पास मौजूद धारदार फरसे (तेज हथियार) से महिला की गर्दन और सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
हमला इतना भीषण था कि महिला खून से लथपथ होकर वहीं गिर पड़ी। अपनी मां को मरता देख बेटी चीखती रही, लेकिन दरिंदे का दिल नहीं पसीजा। वह मां की तड़पती लाश के पास से बेटी को जबरन घसीटते हुए जंगल की तरफ ले गया।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

2. शादी की खुशियां मातम में बदलीं: पिता का दर्द

\r\n\r\n
मृतका के पति सत्येंद्र जाटव का रो-रोकर बुरा हाल है। उनकी बातें सुनकर पत्थर दिल इंसान भी पिघल जाए। सत्येंद्र ने बताया, "हमारी दुनिया उजड़ गई। मेरी बेटी की शादी मई में तय हुई थी, लेकिन हम चाहते थे कि शादी जल्दी हो जाए। इसलिए हमने सोचा था कि आज शाम को पंडित जी से मिलकर अप्रैल का मुहूर्त निकलवाएंगे।"
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
पिता ने सिसकते हुए कहा, "हम तो खेत से काम खत्म करके घर जाकर शादी की तारीख पक्की करने वाले थे, लेकिन उन पापियों ने मेरी पत्नी को मार डाला और बेटी को उठा ले गए। अब काहे की शादी और काहे का मुहूर्त? अब तो घर में सिर्फ मातम है।"
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
भाई नरसिंह ने आशंका जताई है कि आरोपी उसकी बहन के साथ कोई भी अनहोनी कर सकता है। उसने सरकार से मांग की है कि आरोपी के घर पर तत्काल बुलडोजर चलाया जाए, जैसा कि सरकार अन्य मामलों में करती है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

3. शव आंगन में, प्रशासन दरवाजे पर: अंतिम संस्कार पर रस्साकसी

\r\n\r\n
पोस्टमार्टम के बाद महिला का शव गांव लाया गया, लेकिन परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। परिवार की एक ही जिद है— "पहले बेटी को सही सलामत लाओ, हत्यारे को गिरफ्तार करो, तभी अर्थी उठेगी।"
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
जिलाधिकारी (DM) डॉ. वी.के. सिंह और एसएसपी (SSP) डॉ. विपिन ताड़ा समेत आला अधिकारी मौके पर डटे हुए हैं। वे लगातार परिवार को समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि शव को रखना ठीक नहीं है, लेकिन परिवार और ग्रामीण टस से मस होने को तैयार नहीं हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
परिजन और समाज की 4 प्रमुख मांगें: विधायक अतुल प्रधान और भीम आर्मी के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन के सामने लिखित में 4 मांगें रखी गई हैं:
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    48 घंटे का अल्टीमेटम: पुलिस 48 घंटे के भीतर अपहृत बेटी को सकुशल बरामद करे।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    आर्थिक मदद: पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से 50 लाख रुपये का मुआवजा मिले।
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    सरकारी नौकरी: परिवार के एक सदस्य को योग्यता अनुसार सरकारी नौकरी दी जाए।
    \r\n
  6. \r\n
  7. \r\n
    शस्त्र लाइसेंस: परिवार की सुरक्षा खतरे में है, इसलिए उन्हें आत्मरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस जारी किया जाए।
    \r\n
  8. \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

4. सियासी संग्राम: गांव के बाहर रोके गए विधायक, हुई धक्का-मुक्की

\r\n\r\n
इस घटना ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। विपक्षी दलों ने योगी सरकार की कानून व्यवस्था पर सीधा हमला बोला है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
सपा विधायक अतुल प्रधान का धरना: सरधना से समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान जब पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें गांव के बाहर ही बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस दौरान पुलिस और विधायक समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। गुस्से में विधायक वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए। काफी देर चले हंगामे के बाद प्रशासन ने उन्हें गांव में जाने की अनुमति दी।
\r\n\r\n

 कपसाड़ गांव में मां की हत्या कर दबंग ने दलित युवती को अगवा कर लिया। युवती की एक दिन पहले ही शादी तय हुई थी।

\r\n\r\n
विधायक अतुल प्रधान ने कहा, "एक गरीब दलित परिवार न्याय की भीख मांग रहा है और पुलिस मुझे उनसे मिलने से रोक रही है। योगी सरकार में अपराधी बेखौफ हैं। बुलडोजर सिर्फ चुनिंदा लोगों पर चलता है, यहाँ आरोपी के घर पर बुलडोजर क्यों नहीं चला?"
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
चंद्रशेखर आजाद (रावण) की चेतावनी: नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने वीडियो कॉल के जरिए पीड़ित परिवार से बात की। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, "उत्तर प्रदेश में दलितों की जान की कोई कीमत नहीं समझी जा रही। हम कपसाड़ को दूसरा हाथरस नहीं बनने देंगे। अगर बेटी सुरक्षित वापस नहीं आई और न्याय नहीं मिला, तो पूरे प्रदेश में आंदोलन होगा।"
\r\n\r\n

\r\n\r\n
अखिलेश और मायावती का ट्वीट: सपा प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी घटना की निंदा करते हुए इसे 'जंगलराज' का उदाहरण बताया है। योगेश वर्मा (पूर्व विधायक) ने कहा कि आरोपी राजपूत बिरादरी का है, इसलिए प्रशासन उसे बचाने की कोशिश कर रहा है और मामले को दबाना चाहता है।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

5. पुलिस डायरी: 200 CCTV, 5 टीमें और 'सफेद ऑल्टो' का रहस्य

\r\n\r\n
मेरठ एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने बताया कि पुलिस इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। जांच में अब तक जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

जांच की मुख्य बातें:

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    आरोपी की पहचान: मुख्य आरोपी पारस राजपूत है, जो गांव में ही एक डॉक्टर के यहां कंपाउंडर का काम करता है। वह पीड़िता को पहले से जानता था। दूसरा आरोपी उसका दोस्त सुनील है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    फरार परिवार: घटना के बाद से पारस के माता-पिता और दोनों भाई घर में ताला लगाकर फरार हैं। पुलिस ने दबाव बनाने के लिए आरोपी के दादा-दादी को हिरासत में लिया है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    रूट मैप: जांच में पता चला है कि आरोपी पारस, लड़की को जबरदस्ती पैदल जंगल के रास्ते ले गया। लगभग 5 किलोमीटर चलने के बाद वे एक सड़क पर पहुंचे।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    सफेद ऑल्टो कार: पुलिस को अहम सुराग मिला है कि जंगल से सड़क पर पहुंचने के बाद आरोपी एक सफेद रंग की ऑल्टो कार में बैठकर फरार हुआ।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    आखिरी लोकेशन: मोबाइल सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी आखिरी लोकेशन दौराला थाना क्षेत्र के कैली गांव के पास मिली है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    छापेमारी: पुलिस की 5 टीमें सरधना, ठाकुर चौबीसी, दौराला, और मुजफ्फरनगर के सीमावर्ती इलाकों में दबिश दे रही हैं। अब तक 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा चुके हैं।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

6. कौन है आरोपी पारस राजपूत?

\r\n\r\n
ग्रामीणों के अनुसार, पारस राजपूत एक बिगड़ैल किस्म का युवक है। वह तीन भाइयों में सबसे छोटा है। गांव में ही कंपाउंडर का काम करने की वजह से वह कई लोगों के संपर्क में था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह मामला एकतरफा प्रेम प्रसंग या फिर लड़की को परेशान करने का हो सकता है, जिसे लड़की और उसका परिवार लगातार नजरअंदाज कर रहा था। लेकिन जब लड़की की शादी तय हो गई, तो आरोपी ने इस खौफनाक कदम को अंजाम दिया।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने बयान दिया है कि "अपराधी की कोई जाति नहीं होती। चाहे वह किसी भी समुदाय का हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। सपा सरकार के गुंडाराज को हमने खत्म किया है, यहाँ भी सख्त कार्रवाई होगी।"
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

7. सामाजिक तनाव

\r\n\r\n
कपसाड़ गांव में जातीय समीकरण संवेदनशील हैं। घटना के बाद से दलित समाज में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि आरोपी पक्ष दबंग है और उन्हें डराने की कोशिश कर रहा है। इसी आशंका को देखते हुए प्रशासन ने गांव में आरएएफ (Rapid Action Force) तैनात की है ताकि कोई सांप्रदायिक या जातीय हिंसा न भड़क सके।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
भारतीय किसान यूनियन और आरएलडी (RLD) के विधायक गुलाम मोहम्मद ने भी गांव पहुंचकर परिवार को सांत्वना दी है। सभी दलों की एक ही मांग है—न्याय और सुरक्षा।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

8. अभी क्या चल रहा है? (Live Status)

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    समय: शुक्रवार दोपहर बाद।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    स्थान: पीड़ित का घर।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    स्थिति: शव अभी भी घर में रखा है। डीएम और एसएसपी परिवार के बुजुर्गों और नेताओं के साथ बंद कमरे में वार्ता कर रहे हैं।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    माहौल: बाहर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ है जो 'न्याय दो' के नारे लगा रही है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    पुलिस एक्शन: पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। आरोपी के रिश्तेदारों को भी पूछताछ के लिए उठाया जा रहा है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
मेरठ का यह हत्याकांड सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि सिस्टम के मुंह पर तमाचा है। एक बेटी, जो दुल्हन बनने वाली थी, आज लापता है। एक मां, जिसने उसे बचाने के लिए जान दे दी, उसका शव अंतिम संस्कार की बाट जोह रहा है। प्रशासन के दावे अपनी जगह हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि 30 घंटे बाद भी एक अपहरणकर्ता पुलिस की गिरफ्त से दूर है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
यह घटना सवाल पूछती है—क्या हमारी बेटियों की सुरक्षा सिर्फ नारों तक सीमित है? क्या जाति देखकर कार्रवाई की रफ्तार तय होती है? कपसाड़ गांव के इस परिवार को न्याय कब मिलेगा, यह तो वक्त बताएगा, लेकिन इस घटना ने उत्तर प्रदेश के माथे पर एक और कलंक लगा दिया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
"खबरीलाल" इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। जैसे ही कोई नया अपडेट आएगा, हम सबसे पहले आप तक पहुंचाएंगे।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी पुलिस बयानों, स्थानीय रिपोर्टों और पीड़ित परिवार के आरोपों पर आधारित है। मामले की जांच जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन