क्राइम डेस्क, मेरठ/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) में अपराध की दुनिया का चेहरा अब बदल चुका है। यहां अब कट्टा और गोली से ज्यादा खतरनाक हथियार 'स्मार्टफोन' और 'हुस्न' बन गया है। शहर के लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे संगठित गिरोह (Organized Gang) का भंडाफोड़ किया है, जो शरीफजादों और व्यापारियों को प्यार के जाल में फंसाकर उन्हें कंगाल बना रहा था। इस गैंग की मोडस ऑपरेंडी (अपराध का तरीका) इतनी शातिर थी कि सुनने वालों के होश उड़ जाएं। पुलिस ने इस मामले में गैंग की सरगना अमरीन, उसकी मां और दो अन्य पुरुष साथियों को गिरफ्तार किया है।READ ALSO:-बिजनौर: 6 महीने पहले उठी थी डोली, अब ससुराल में मिली नवविवाहिता की लाश; परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
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एक 'मिस्ड कॉल' से शुरू हुई बर्बादी की दास्तां
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वारदात की शुरुआत प्रहलाद नगर के रहने वाले एक प्रतिष्ठित कपड़ा व्यापारी अरुण (बदला हुआ नाम) के मोबाइल पर आई एक कॉल से हुई। फोन उठाने पर दूसरी तरफ से एक युवती की मखमली आवाज आई- "हेलो, मैं अमरीन बोल रही हूं।" शुरुआत में यह महज एक गलत नंबर (Wrong Number) लगने जैसा था, लेकिन धीरे-धीरे बातों का सिलसिला शुरू हुआ। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि अमरीन ने बहुत ही सुनियोजित तरीके से व्यापारी को अपने विश्वास में लिया। बातों ही बातों में ऑडियो कॉल, वीडियो कॉल (Video Call) में बदल गई। यही वह पल था जब व्यापारी सबसे बड़ी गलती कर बैठा। वीडियो कॉल के दौरान युवती ने व्यापारी को उत्तेजित किया और स्क्रीन रिकॉर्डिंग (Screen Recording) के जरिए उसके आपत्तिजनक वीडियो बना लिए। यह वीडियो अब गैंग के हाथ में एक 'परमाणु बम' की तरह था।
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"आ जाओ, आज घर पर कोई नहीं है..."

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कुछ दिनों बाद, जब व्यापारी पूरी तरह से अमरीन के मोहपाश में बंध चुका था, तो अमरीन ने अपना दूसरा दांव चला। उसने अरुण को फोन किया और कहा, "आज घर पर कोई नहीं है, तुम मुझसे मिलने आ जाओ।" व्यापारी को लगा कि यह उसकी किस्मत खुलने का दिन है, लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि वह मौत के कुएं में छलांग लगाने जा रहा है। अरुण बताए गए पते पर पहुंचा। दरवाजा खुला और वह अंदर दाखिल हुआ। लेकिन जैसे ही वह कमरे में पहुंचा, वहां का नजारा देख उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। घर खाली नहीं था। वहां पहले से ही अमरीन की मां शमीना, उसका चाचा, एक मौलवी और एक अन्य व्यक्ति अतीक और आफताब घात लगाए बैठे थे।
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कमरे में बंधक बनाकर लूटी इज्जत और दौलत

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कमरे में घुसते ही इन चारों ने अरुण को चारों तरफ से घेर लिया। इसके बाद शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का नंगा नाच। आरोपियों ने जबरन अरुण के कपड़े उतरवाए और अमरीन के साथ आपत्तिजनक स्थिति में वीडियो शूट किया। धमकी साफ थी- "अगर 5 लाख रुपये नहीं दिए, तो यह वीडियो तुम्हारे परिवार और पूरे शहर में वायरल कर देंगे। और ऊपर से रेप का केस भी ठोकेंगे।" इज्जत के डर से व्यापारी गिड़गिड़ाने लगा। उसने मौके पर ही अपनी 10 ग्राम सोने की चेन और जेब में रखे 7,500 रुपये आरोपियों के हवाले कर दिए। लेकिन दरिंदों का पेट इतने से नहीं भरा।
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किस्तों में वसूली और जान से मारने की धमकी

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घर से छूटने के बाद भी अरुण की मुसीबतें कम नहीं हुईं। गैंग के सदस्य उसे लगातार फोन कर वीडियो वायरल करने की धमकी देते रहे। डर के मारे अरुण ने अलग-अलग किस्तों में 1 लाख रुपये और दे दिए। गैंग का हौसला इतना बढ़ गया कि उन्होंने फिर से फोन कर 50 हजार रुपये की डिमांड रख दी और कहा कि अगर पैसे नहीं मिले तो जान से हाथ धो बैठोगे। इस बार व्यापारी की हिम्मत जवाब दे गई। उसे लगा कि यह सिलसिला कभी खत्म नहीं होगा, इसलिए उसने पुलिस के पास जाना ही बेहतर समझा।
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पुलिस का 'ऑपरेशन हनीट्रैप' और गिरफ्तारी

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पीड़ित की आपबीती सुनने के बाद लिसाड़ी गेट पुलिस तुरंत हरकत में आई। एसएसपी के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने सर्विलांस की मदद ली और जाल बिछाया। मुखबिर से सूचना मिली कि गैंग के सदस्य विकासपुरी बिजली घर के पास मौजूद हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर चारों आरोपियों—अतीक, आफताब, शमीना और अमरीन—को गिरफ्तार कर लिया।
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बरामदगी ने खोली पोल

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गिरफ्तारी के वक्त पुलिस ने आरोपियों के पास से 35 हजार रुपये नकद, पीड़ित की सोने की चेन और घटना में इस्तेमाल किए गए 4 स्मार्टफोन बरामद किए हैं। पुलिस का मानना है कि इन मोबाइलों की जांच से और भी कई पीड़ितों के नाम सामने आ सकते हैं, जिन्हें इस गैंग ने अपना शिकार बनाया होगा।
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फिलहाल, पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और उन्हें जेल भेजने की तैयारी कर ली है। पुलिस अब इनके पुराने रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।
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सावधान रहें!

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यह घटना एक सबक है कि सोशल मीडिया या फोन पर किसी अनजान व्यक्ति से दोस्ती कितनी भारी पड़ सकती है। साइबर एक्सपर्ट्स की सलाह है कि वीडियो कॉल पर किसी भी अनजान शख्स के साथ जुड़ने से बचें और अगर कोई ब्लैकमेल करे, तो डरने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचित करें।
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