मेरठ (उत्तर प्रदेश)। रंगों और उमंगों के त्योहार होली की शुरुआत होलिका दहन के साथ होती है। मेरठ शहर, जो अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है, होलिका दहन के इस पावन पर्व को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाने के लिए तैयार है। आज, 2 मार्च (सोमवार) को होने वाले होलिका दहन के मद्देनजर मेरठ पुलिस और यातायात विभाग (Traffic Directorate) ने शहरवासियों की सुरक्षा, सुगम यातायात और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए एक व्यापक 'रूट डायवर्जन प्लान' (Route Diversion Plan) तैयार किया है।READ ALSO:-बिजनौर ग्राउंड रिपोर्ट: अयातुल्लाह अली खामेनेई की शहादत से दहला शिया समुदाय, जोगीपुरा में गूंजे 'अमेरिका-इजरायल मुर्दाबाद' के नारे
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यह विशेष डायवर्जन प्लान आज रात 10:00 बजे से लेकर देर रात 2:00 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान शहर के अंदरूनी, घनी आबादी वाले और प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में भारी वाहनों (Heavy Commercial Vehicles) का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित (No-Entry) रहेगा। डायवर्जन को सख्ती से लागू करने के लिए शहर के हर प्रमुख चौराहे और तिराहे पर अतिरिक्त पुलिस बल और ट्रैफिक इंस्पेक्टरों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है।
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यदि आप आज रात मेरठ शहर से गुजरने वाले हैं, या शहर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में जाने की योजना बना रहे हैं, तो किसी भी प्रकार के जाम या असुविधा से बचने के लिए इस विस्तृत रिपोर्ट और ट्रैफिक गाइडलाइंस को ध्यानपूर्वक पढ़ें।
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1. आखिर क्यों लागू किया गया है यह रूट डायवर्जन? (कारण और पृष्ठभूमि)

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मेरठ एक तेजी से विकसित होता हुआ 'टियर-2' शहर है, जहां वाहनों का दबाव (Traffic Volume) आम दिनों में भी बहुत अधिक रहता है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और रैपिड रेल (RRTS) के निर्माण के बाद शहर में कनेक्टिविटी बढ़ी है, जिससे भारी वाहनों की आवाजाही में भी इजाफा हुआ है।
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प्रभारी ट्रैफिक (Traffic In-charge) संतोष कुमार सिंह ने इस रूट डायवर्जन के पीछे के मुख्य कारणों को विस्तार से समझाते हुए बताया कि होलिका दहन के अवसर पर शहर की भौगोलिक और सामाजिक स्थिति पूरी तरह से बदल जाती है।
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    सड़कों पर होलिका की स्थापना: शहर के मुख्य चौराहों से लेकर देहात के छोटे-छोटे मोहल्लों, कॉलोनियों और गलियों के नुक्कड़ तक, हर जगह होलिका सजाई जाती है।
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    मुहूर्त और भीड़: पंडितों और पंचांग द्वारा निर्धारित शुभ मुहूर्त पर होलिका दहन किया जाता है। दहन से कई घंटे पहले ही क्षेत्र की महिलाएं और बच्चे होलिका पूजन व अन्य धार्मिक कार्यों को संपन्न कराने के लिए सड़कों पर इकट्ठा होने लगते हैं।
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    सुरक्षा का दृष्टिकोण: रात में जब होलिका दहन होता है, तो सड़कों पर भारी भीड़ जुटती है। आग की लपटों के बीच और सड़क पर मौजूद श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच से अगर कोई अनियंत्रित भारी वाहन (जैसे ट्रक, डंपर, या ट्रॉला) गुजरता है, तो एक बड़े और जानलेवा हादसे का खतरा बना रहता है।
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    हादसों की रोकथाम: इसी खतरे को शून्य करने और किसी भी अप्रिय घटना (जैसे आगजनी या कुचलने की घटना) को रोकने के लिए भारी वाहनों को मुख्य शहर के बाहर-बाहर 'बाइपास' या बाहरी रिंग रोड से निकालने का यह कड़ा फैसला लिया गया है।
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2. भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन की विस्तृत व्यवस्था (Detailed Route Plan)

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मेरठ ट्रैफिक पुलिस ने विभिन्न दिशाओं से आने वाले और अलग-अलग जनपदों को जाने वाले भारी वाहनों के लिए एक सुव्यवस्थित और स्पष्ट मार्ग निर्धारित किया है। कृपया अपने गंतव्य के अनुसार इस सूची को जांच लें:
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A. जनपद हापुड़ की ओर से आने वाले वाहनों के लिए व्यवस्था

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हापुड़ की तरफ से आने वाले भारी वाहनों को मेरठ शहर के बीचों-बीच आने से रोका जाएगा। इन वाहनों के लिए जो नया मार्ग तय किया गया है, वह इस प्रकार है:
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    रूट: बिजली बम्बा चौराहा ➔ एल-ब्लॉक तिराहा ➔ तेजगढ़ी चौराहा ➔ चौधरी चरण सिंह (CCS) यूनिवर्सिटी मार्ग ➔ जेलचुंगी चौकी ➔ कमिश्नरी आवास चौराहा ➔ जीरोमाईल चौराहा ➔ टैंक चौराहा ➔ मोदीपुरम।
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    प्रभाव: यह रूट सुनिश्चित करता है कि वाहन हापुड़ रोड से प्रवेश कर सीधे मोदीपुरम (NH-58) की तरफ निकल जाएं, बिना हापुड़ अड्डा या बेगमपुल के जाम में फंसे।
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B. गढ़मुक्तेश्वर (गढ़ रोड) से आने वाले भारी वाहनों के लिए रूट

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गढ़ रोड पर मेडिकल कॉलेज और कई प्रमुख अस्पताल स्थित हैं, जहां शांति और सुगम यातायात आवश्यक है। गढ़ से आने वाले ट्रकों और डंपरों के लिए:
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    रूट: डिग्गी तिराहा ➔ जेलचुंगी चौराहा ➔ कमिश्नरी आवास चौराहा ➔ जीरोमाईल चौराहा ➔ टैंक चौराहा ➔ मोदीपुरम।
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    प्रभाव: इन वाहनों को डिग्गी तिराहे से ही मोड़ दिया जाएगा ताकि वे शहर के मुख्य बाजार (जैसे सूरजकुंड या आबूलेन) की तरफ न जा सकें और सीधे मोदीपुरम की ओर निकलकर अपने गंतव्य को प्राप्त करें।
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C. मोदीपुरम (मुजफ्फरनगर/रुड़की हाईवे) से शहर में प्रवेश करने वाले वाहनों के लिए

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मोदीपुरम की ओर से जो भारी वाहन मेरठ शहर के भीतर या शहर को पार करके अन्य जिलों में जाना चाहते हैं, उन्हें निम्नलिखित बाईपास मार्गों का उपयोग करना होगा:
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    रूट: टैंक चौराहा ➔ जीरोमाईल चौराहा ➔ कमिश्नरी आवास चौराहा ➔ जेलचुंगी चौराहा ➔ डिग्गी तिराहा/तेजगढ़ी चौराहा ➔ गढ़ रोड या एल-ब्लॉक तिराहा ➔ बिजली बम्बा चौराहा।
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    प्रभाव: इस रास्ते से वाहन बिना शहर के 'हार्ट' (दिल) में प्रवेश किए, बिजली बम्बा चौराहे से होते हुए हापुड़ या दिल्ली की ओर निकल सकेंगे।
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D. बागपत रोड से आने वाले भारी वाहनों का डायवर्जन

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बागपत और हरियाणा की तरफ से आने वाला व्यावसायिक ट्रैफिक मेरठ के टीपी नगर (ट्रांसपोर्ट नगर) इलाके में भारी दबाव बनाता है। इनके लिए मार्ग इस प्रकार है:
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    रूट: टीपी नगर थाना तिराहा ➔ टीपी नगर गेट ➔ शॉप्रिक्स मॉल चौराहा ➔ परतापुर/बिजली बम्बा चौराहा।
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    प्रभाव: यह सुनिश्चित करेगा कि रेलवे रोड और घंटाघर की तरफ जाने वाला रास्ता भारी वाहनों से मुक्त रहे, जहां बड़ी संख्या में होलिका दहन के कार्यक्रम होते हैं।
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E. परतापुर (दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे/NH-58) की ओर से आने वाले वाहनों के लिए

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दिल्ली या गाजियाबाद से परतापुर होते हुए आने वाले मालवाहक वाहनों के लिए डायवर्जन:
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    रूट: शॉप्रिक्स मॉल चौराहा ➔ टीपी नगर गेट ➔ टीपी नगर थाना तिराहा ➔ बागपत रोड।
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  • \r\n
  • \r\n
    प्रभाव: परतापुर से आने वाला ट्रैफिक सीधे बागपत रोड की तरफ डायवर्ट हो जाएगा, जिससे शहर के भीतरी मार्गों (जैसे दिल्ली रोड, मेट्रो प्लाजा के पास) पर जाम नहीं लगेगा।
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F. रोहटा रोड से आने वाले भारी वाहनों के लिए निर्देश

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रोहटा की ओर से आने वाले वाहनों के लिए निर्देश अपेक्षाकृत सरल हैं:
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    रूट: ये सभी भारी वाहन सीधे नेशनल हाईवे 58 (NH-58) का प्रयोग करते हुए अपने-अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे। शहर के अंदर इनकी एंट्री पूर्णतः प्रतिबंधित होगी।
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G. बिजनौर-मवाना रोड से आने वाले भारी वाहनों का रूट

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बिजनौर, मवाना और हस्तिनापुर की ओर से आने वाले ट्रकों और भारी वाहनों को एक लंबा, लेकिन सुरक्षित बाईपास रूट दिया गया है:
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    रूट: कमिश्नरी चौराहा ➔ जीरोमाईल ➔ टैंक चौराहा ➔ मोदीपुरम ➔ (यहाँ से NH-58 के माध्यम से वापस मुड़कर) ➔ कमिश्नरी आवास चौराहा ➔ जेलचुंगी चौराहा ➔ डिग्गी तिराहा ➔ गढ़ रोड या तेजगढ़ी ➔ एल-ब्लॉक ➔ बिजली बम्बा चौराहा होते हुए हापुड़।
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    प्रभाव: यह रूट दिखने में थोड़ा घुमावदार लग सकता है, लेकिन यह सुनिश्चित करता है कि वाहन पूरी तरह से छावनी (Cantonment) और आउटर एरिया से होते हुए निकलें, जहां होलिका दहन की भीड़ का प्रभाव न के बराबर होता है।
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3. 'रेड जोन' (Strict No-Entry Zones): इन रास्तों पर भूलकर भी न जाएं भारी वाहन

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मेरठ शहर के कुछ इलाके ऐसे हैं जो न केवल ऐतिहासिक रूप से पुराने हैं, बल्कि वहां की सड़कें भी संकरी हैं और वहां होलिका दहन सबसे बड़े स्तर पर आयोजित किया जाता है। पुलिस ने इन इलाकों को भारी वाहनों के लिए "पूर्णतः प्रतिबंधित क्षेत्र" (Red Zones) घोषित किया है। रात 10 बजे से 2 बजे तक इन रास्तों पर किसी भी कीमत पर भारी वाहनों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा:
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  1. \r\n
    एल ब्लॉक तिराहे से हापुड़ अड्डा चौराहा ➔ बच्चापार्क ➔ बेगमपुल तक का मार्ग: यह मेरठ शहर की 'लाइफलाइन' और सबसे व्यस्त सड़क है। इस रास्ते पर कई बड़े बाजार और रिहायशी कॉलोनियां हैं।
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  2. \r\n
  3. \r\n
    बेगमपुल चौराहा से ➔ टीपी नगर गेट तक का मार्ग (वाया बॉम्बे बाजार/दिल्ली रोड): बेगमपुल मेरठ का केंद्र है। यहां से ट्रांसपोर्ट नगर तक के रास्ते को सील रखा गया है ताकि शहर के बीच में ट्रकों की कतारें न लगें।
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  4. \r\n
  5. \r\n
    बच्चापार्क से ➔ खैरनगर ➔ घंटाघर चौराहा ➔ रेलवे रोड तक का मार्ग: खैरनगर और घंटाघर मेरठ के सबसे पुराने और घनी आबादी वाले इलाके हैं। यहां की संकरी गलियों में होलिका दहन के समय तिल रखने की जगह नहीं होती। इसलिए, बच्चापार्क से रेलवे रोड तक भारी वाहनों की आवाजाही पर सख्त पहरा रहेगा।
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  6. \r\n
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4. एसपी ट्रैफिक (SP Traffic) की जनता से सख्त अपील और जरूरी दिशा-निर्देश

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केवल भारी वाहनों को रोकना ही पर्याप्त नहीं है; शहर के नागरिकों, दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों की जिम्मेदारी भी इस दिन बढ़ जाती है। मेरठ के एसपी ट्रैफिक, राघवेंद्र कुमार मिश्र (SP Traffic Raghavendra Kumar Mishra) ने शहरवासियों को होलिका दहन की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सड़क सुरक्षा (Road Safety) पर एक बेहद महत्वपूर्ण अपील जारी की है।
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उन्होंने स्पष्ट किया है कि त्योहार के नाम पर यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई (Challan) की जाएगी। उनके द्वारा जारी प्रमुख दिशा-निर्देश इस प्रकार हैं:
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    शराब पीकर वाहन न चलाएं (No Drunk Driving): होली के अवसर पर दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण 'ड्रंक एंड ड्राइव' (शराब पीकर गाड़ी चलाना) होता है। एसपी ट्रैफिक ने चेतावनी दी है कि शहर के प्रमुख चौराहों पर ब्रीथ एनालाइजर (Breathalyzer) के साथ पुलिस की टीमें तैनात रहेंगी। शराब पीकर गाड़ी दौड़ाने वालों को सीधे गिरफ्तार किया जा सकता है और उनके वाहन सीज किए जाएंगे।
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  • \r\n
  • \r\n
    हेलमेट का प्रयोग (Mandatory Helmet): दुपहिया वाहन (Two-wheelers) चलाते समय चालक और पीछे बैठे व्यक्ति (Pillion rider), दोनों के लिए हेलमेट अनिवार्य है। होलिका दहन की रात सड़कों पर राख और भीड़ होने के कारण फिसलने का डर रहता है, इसलिए सुरक्षा सर्वोपरि है।
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  • \r\n
  • \r\n
    सीट बेल्ट का नियम (Seat Belt Rule): चार पहिया (Four-wheelers) वाहन चालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे बिना सीट बेल्ट लगाए वाहन न चलाएं।
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  • \r\n
  • \r\n
    रॉन्ग साइड ड्राइविंग (No Wrong-Side Driving): जाम से बचने के लिए लोग अक्सर 'रॉन्ग साइड' (गलत दिशा) में गाड़ी घुसा देते हैं। रात के अंधेरे और भीड़ के बीच यह जानलेवा साबित हो सकता है। रॉन्ग साइड चलने वालों पर विशेष नजर रखी जाएगी और उनका चालान काटा जाएगा।
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  • \r\n
  • \r\n
    स्टंट और तेज रफ्तार पर लगाम: युवाओं से विशेष अपील की गई है कि वे बाइक पर तीन सवारी (Triple riding) बिठाकर या साइलेंसर निकालकर हुड़दंग (Stunts) न मचाएं। ऐसा करने वालों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट (MV Act) की सख्त धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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5. पुलिस और प्रशासन की अतिरिक्त तैयारियां (Administrative Preparedness)

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रूट डायवर्जन को केवल कागजों तक सीमित न रखकर, उसे धरातल पर उतारने के लिए मेरठ पुलिस ने कई 'माइक्रो-लेवल' प्रबंध किए हैं:
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    अतिरिक्त फोर्स की तैनाती: केवल ट्रैफिक पुलिस ही नहीं, बल्कि सिविल पुलिस, पीएसी (PAC), और होमगार्ड्स के जवानों को भी चप्पे-चप्पे पर तैनात किया गया है।
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  • \r\n
  • \r\n
    सेक्टर मजिस्ट्रेट और जोनल प्रणाली: पूरे शहर को अलग-अलग जोन्स और सेक्टर्स में बांटा गया है। हर ट्रैफिक इंस्पेक्टर को अपने-अपने जोन की व्यक्तिगत जिम्मेदारी (Accountability) सौंपी गई है। अगर किसी के इलाके में डायवर्जन का उल्लंघन होता है, तो संबंधित अधिकारी पर भी कार्रवाई हो सकती है।
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  • \r\n
  • \r\n
    बैरिकेडिंग और जिगजैग चेकिंग: प्रतिबंधित रास्तों पर भारी बैरिकेडिंग की गई है। रात 10 बजे के बाद इन रास्तों पर जिगजैग चेकिंग (Zig-Zag Checking) भी शुरू हो जाएगी ताकि कोई भी अनियंत्रित वाहन तेज गति से न गुजर सके।
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  • \r\n
  • \r\n
    फायर ब्रिगेड (Fire Brigade) अलर्ट पर: चूंकि यह होलिका दहन का दिन है, इसलिए यातायात विभाग ने अग्निशमन विभाग के साथ समन्वय (Coordination) स्थापित किया है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में फायर टेंडर आसानी से पहुंच सकें, इसके लिए फायर ब्रिगेड के वाहनों के लिए एक 'ग्रीन कॉरिडोर' हमेशा खुला रखा जाएगा।
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  • \r\n
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6. आपातकालीन स्थिति के लिए ट्रैफिक कंट्रोल रूम नंबर (Emergency Helpline)

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मेरठ यातायात पुलिस ने आम जनता की सुविधा और तत्काल सहायता के लिए अपना ट्रैफिक कंट्रोल रूम पूरी रात एक्टिव रखने का फैसला किया है।
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अगर आपको:

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  1. \r\n
    किसी चौराहे पर भारी ट्रैफिक जाम मिलता है।
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  2. \r\n
  3. \r\n
    कोई भारी वाहन 'नो-एंट्री' क्षेत्र में घुसता हुआ दिखाई देता है।
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  5. \r\n
    कोई व्यक्ति शराब पीकर या खतरनाक तरीके से वाहन चलाता हुआ नजर आता है।
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  6. \r\n
  7. \r\n
    या डायवर्जन रूट को लेकर आपके मन में कोई भी भ्रम (Confusion) है।
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  8. \r\n
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तो आप बिना किसी संकोच के तुरंत यातायात कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर: 9454404000 पर कॉल कर सकते हैं। कंट्रोल रूम में बैठे अधिकारी आपकी सूचना पर तुरंत नजदीकी पीआरवी (PRV - Police Response Vehicle) या ट्रैफिक क्रेन को मौके पर भेजेंगे।
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सहयोग से बनेगा सुरक्षित त्योहार

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होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत और समाज में सकारात्मकता के प्रसार का प्रतीक है। मेरठ ट्रैफिक पुलिस द्वारा तैयार किया गया यह 2 मार्च का रूट डायवर्जन प्लान आम जनता को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि उनकी खुशियों और जीवन को सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया है। प्रशासन अपनी तरफ से पूरी तरह मुस्तैद है, लेकिन यह योजना तब तक 100% सफल नहीं हो सकती, जब तक शहर का हर नागरिक इसमें अपना सहयोग न दे।
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आइए, इस होलिका दहन पर यातायात नियमों का पालन करने की शपथ लें और एक सभ्य नागरिक होने का परिचय दें। एक छोटी सी लापरवाही किसी के घर की खुशियों को मातम में बदल सकती है, इसलिए जिम्मेदारी से वाहन चलाएं।
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